“कांग्रेस को वोट देंने से पहले हिन्दुओ भाई जरा गोधरा कांड भी याद कर लेना जो कांग्रेस के सरकार में कांग्रेस के ही मुस्लिमों ने दो बोगियों से भरा हुआ हिन्दुओ को तेल छिड़क कर आग में जलाया गया था ,अगर थोड़ा सा भी हिन्दुओ के प्रति दया है तो कांग्रेस मुक्त भारत कर दो हमारे प्यारे हिन्दू भाइयो।” -यह संदेश जले हुए शरीरों की तस्वीर के साथ सोशल मीडिया में वायरल है। संदेश बतलाता है कि यह तस्वीर 2002 की गोधरा ट्रेन आगजनी से संबंधित है। फेसबुक ग्रुप, आई सपोर्ट योगी से प्रसारित इस संदेश के 1,000 से अधिक शेयर हुए हैं।

गोधरा दंगों की अन्य कथित तस्वीरों को प्रसारित करने के लिए भी इसी संदेश का प्रयोग किया गया है। जैसा कि नीचे देखा जा सकता है, इन तस्वीरों को व्हाट्सएप पर भी खूब शेयर किया गया है।

2010 के कांगो तेल टैंक के विस्फोट की तस्वीर

ऑल्ट न्यूज़ ने जले हुए शरीर वाली तस्वीर की गूगल रिवर्स इमेज सर्च की तो 2017 की इंडिया टुडे की एक तथ्य-जांच सामने आई। पिछले साल यही तस्वीर “रोहिंग्या लोगों को जिंदा जला देने” के रूप में सोशल मीडिया में वायरल थी। हालांकि यह वास्तव में 2010 के एक घटना से संबंधित है, जो कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य में घटित हुई थी और documentingreality.com नामक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

जून 2010 में, कांगो के सांगे (Sange) गांव में 230 लोग जलकर मर गए, जब एक तेल टैंकर पलट गया और विस्फोट हो गया था। अल जज़ीरा, रॉयटर्स, न्यू यॉर्क टाइम्स, सीएनएन, बीबीसी समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने इस घटना की रिपोर्ट की थी।

सोशल मीडिया पर वायरल

कांगो की तस्वीर को 2002 के गोधरा दंगों से जोड़कर इस घटना की दूसरी तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया। कट्टर मोदी समर्थक ग्रुप से जुड़ते ही अपने 51 साथियो को भी जोड़े, Iron Man Modi – लोह पुरुष मोदी, I Support Namo ये कुछ फेसबुक ग्रुप हैं जिन्होंने इन तस्वीरों को शेयर किया है। इनके सम्मिलित रूप से 1600 से ज्यादा शेयर हुए हैं।

इस तस्वीर को व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं ने भी प्रसारित किया है। केसरिया वास्तु सम्राट चेतन के प्रोफ़ाइल से प्रसारित तस्वीर को लगभग 3000 बार शेयर किया गया।

पत्रकार आर्चीस मोहन ने पहले ट्वीट किया था कि राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले इन तस्वीरों को व्हाट्सएप पर खूब प्रसारित किया जा रहा है।

चुनाव से पहले गलत सूचनाओं की बाढ़ आना, आम है। मध्य प्रदेश में भी, जहां इस महीने के अंत में चुनाव की तैयारी है, इसकी गति बढ़ने की आशंका है। इससे पहले, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नकली खबरों के साथ निशाना बनाया गया था और एक काल्पनिक कांग्रेस नेता को वेश्यावृत्ति रैकेट से जोड़ा गया था।

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