सोशल मीडिया पर एक अख़बार की क्लिप वायरल है. क्लिप में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के पिता पर लिखा एक आर्टिकल है. इसका टाइटल है – “भारत छोड़ो आंदोलन में सबसे युवा स्वतंत्रता सेनानी में से एक थे शाहरुख खान के पिता मीर ताज मोहम्मद खान”.

ये क्लिप शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि 1965 में शाहरुख खान के जन्म के वक़्त उनके पिता की उम्र 30 साल थी. इस हिसाब से उनके पिता 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के वक़्त 6 साल के रहे होंगे. तो वो इस आंदोलन का हिस्सा कैसे बन सकते हैं? ट्विटर यूज़र जनार्दन मिश्रा ने ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्वीट की. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 1,374 बार रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र ‘हम लोग We The People’ ने भी ये क्लिप इसी दावे के साथ ट्वीट की. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर कई यूज़र्स ने ये क्लिप इसी दावे के साथ पोस्ट की है. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3)

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फ़ेसबुक से लेकर ट्विटर तक ये क्लिप वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ इस अख़बार क्लिप के साथ किये जा रहे दावे की असलियत आपको बारी-बारी से बताएगा.

सबसे पहले बात करते हैं वायरल क्लिप की. रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें कोई ठोस जानकारी नहीं मिली. क्लिप में दिख रहा आर्टिकल अफ्फन नोमानी नाम के लेखक ने लिखा है. इस आधार पर की-वर्ड्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को अफ्फान नोमानी का 6 अक्टूबर 2021 का ट्वीट मिला. ट्वीट में ये क्लिप शेयर की गई थी.

आर्टिकल पढ़ने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि क्लिप में कहीं पर भी ये नहीं लिखा था कि शाहरुख खान के जन्म के वक़्त उनके पिता मीर मोहम्मद खान 30 साल के थे. आर्टिकल में लिखा है – “पेशावर में जन्मे मीर ताज मोहम्मद खान ने 16 साल के उम्र में विभाजन से पहले पेशावर छोड़ कर दिल्ली आ गए. खान अब्दुल गफ्फार खान के आंदोलन से जुड़कर जंगे आज़ादी में भाग ले लिया.”

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने शाहरुख खान के पिता के बारे में सर्च किया. शाहरुख खान ने 27 अक्टूबर 2014 को अपने पिता की जन्म जयंती के बारे में ट्वीट किया था. शाहरुख ने लिखा था, “अगर आज वो ज़िंदा होते तो 87 साल के होते.”

फ़ेसबुक पर की-वर्ड्स सर्च करते हुए ऑल्ट न्यूज़ को 5 जून 2021 का एक पोस्ट मिला. पोस्ट में एक कब्र की तस्वीर शेयर कर लिखा गया था कि ये शाहरुख खान के पिता की कब्र है. तस्वीर में कब्र पर लिखा है कि मीर ताज मोहम्मद का जन्म पेशावर में 27 अक्टूबर 1927 को हुआ था.

अफ्फान नोमानी ने क्लिप शेयर करते हुए शाहरुख खान के पिता के बारे में किये गए दावे का खंडन करते हुए कुछ सिलसिलेवार ट्वीट्स किये थे. (लिंक 1, लिंक 2)

यानी, 1927 में शाहरुख खान के पिता का जन्म हुआ था. इस आधार पर उनकी उम्र 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के वक़्त 14-15 साल रही होगी. न कि 6 साल, जैसा कि यूज़र्स ने दावा किया था.

आगे, शाहरुख के बारे में लिखी एक किताब में उनके पिता का ज़िक्र है. गूगल बुक्स पर मौजूद किताब ‘किंग ऑफ़ बॉलीवुड’ के मुताबिक, अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था. ये एक अहिंसा आंदोलन था. लेकिन ज़्यादातर कांग्रेस नेताओं के गिरफ़्तार होने पर कई लोग हिंसा पर उतर आये. इसके चलते 60 हज़ार से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार हुए थे. और इनमें मीर भी शामिल थे. अगले 2 सालों तक उनका जेल आना-जाना लगा रहा. साल 1946 में मीर दिल्ली आ गए थे. यहां उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में वकालत की पढ़ाई शुरू की थी.

‘शाहरुख खान – द स्टोरी ऑफ़ द मेन’ नाम की किताब में बताया गया है कि कोई नहीं जानता कि मीर ‘खुदाई खिदमतगार’ ऑर्गेनाइज़ेशन से कब जुड़े. लेकिन शाहरुख खान के हवाले से लिखा है कि मीर ताज मोहम्मद को सबसे छोटा स्वतंत्रता सेनानी कहा जाता था.

कुल मिलाकर, शाहरुख खान के पिता के बारे में लिखे एक आर्टिकल का सहारा लेकर यूज़र्स ने झूठा दावा किया कि उनके पिता 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के वक़्त सिर्फ़ 6 साल के थे.


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