बीजेपी से राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाल ही में अपने X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया. असल में X यूज़र अर्शदीप सिंह सैनी द्वारा पोस्ट किए गए इस क्लिप में दो युवक सड़क किनारे खड़े दिखाई दे रहे हैं, जो बेसुध या होश खोए हुए से लग रहे हैं; उनके शरीर ढीले पड़े हैं और उनकी हरकतें अजीब हैं. पंजाब में नशीली दवाओं के ग़लत इस्तेमाल की समस्या के संदर्भ में इस वीडियो को शेयर करते हुए हरभजन सिंह ने दुख जताया और लिखा, “पंजाब के हालात देखकर बहुत दुख हुआ…”

10 अगस्त को पोस्ट किए गए इस वीडियो को 1,00,000 से ज़्यादा बार देखा गया है और 1,000 से ज़्यादा बार शेयर किया गया है. (आर्काइव)

पंजाब में ड्रग्स का ग़लत इस्तेमाल एक बड़ी समस्या है, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. हरभजन सिंह ने अप्रैल 2026 में AAP छोड़कर BJP का दामन थामा था. इन्होंने ये वीडियो शेयर करते हुए जवाबदेही और मौजूदा AAP सरकार द्वारा इस संकट से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए.

सोशल मीडिया के कई अन्य यूज़र्स ने भी पंजाब में ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल की समस्या की ओर इशारा करते हुए इसी तरह के कैप्शन के साथ यही वीडियो पोस्ट किया.

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फ़ैक्ट-चेक

सबसे पहले हमने देखा कि पंजाब पुलिस ने हरभजन सिंह के पोस्ट को कोट करते हुए बताया कि वायरल वीडियो राजस्थान के श्री गंगानगर का है, न कि पंजाब का. पंजाब पुलिस के ऑफ़िशियल हैंडल से की गई पोस्ट में यूज़र्स से ऑनलाइन कुछ भी पोस्ट करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने का आग्रह किया गया था. (आर्काइव)

टाइम्स ऑफ़ इंडिया और इंडिया टुडे जैसे मेनस्ट्रीम समाचार माध्यमों ने भी हरभजन सिंह के वायरल दावे की सच्चाई की जांच की. सभी रिपोर्टों में पंजाब पुलिस के दावे की पुष्टि की गई और बताया गया कि वीडियो राजस्थान के श्री गंगानगर का था, हालांकि इन रिपोर्ट्स में असल घटना या असली वीडियो के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं दी गई.

ये पता लगाने के लिए कि क्या वीडियो वाकई श्री गंगानगर का था, हमने अपनी जांच जारी रखी.

13 अगस्त को आधी रात के आसपास, टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने अपने डिजिटल पोर्टल पर श्री गंगानगर ज़ॉम्बी ड्रग मामले पर एक खबर प्रकाशित की. आर्टिकल के मुताबिक, श्री गंगानगर ज़िला पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, जिन्होंने तथाकथित “ज़ॉम्बी ड्रग” के असर में होने का नाटक करते हुए ये वीडियो बनाया था.

ज़िला पुलिस अधीक्षक हरि शंकर का हवाला देते हुए, टाइम्स ऑफ़ इंडिया के आर्टिकल में बताया गया कि हिरासत में लिए गए युवक योगेश और योगिंदर थे जिन्होंने इंस्टाग्राम के लिए वीडियो बनाया था.

इस सबूत के आधार पर जांच बढ़ाते हुए हमें SBT न्यूज़ या संध्या बॉर्डर टाइम्स न्यूज़ की एक फ़ेसबुक पोस्ट मिली. इस प्लेटफ़ॉर्म के मुताबिक, 7 अगस्त को वीडियो बनाने के बाद दोनों युवकों को श्री गंगानगर शहर के भंभू कॉलोनी इलाके से हिरासत में लिया गया था.

इसके बाद हमने उस जगह का पता लगाया ताकि ये पक्का हो सके कि वो सीन वाकई भंभू कॉलोनी का ही है.

वायरल वीडियो में तीन अहम निशान थे, जिनसे हमें उस सही जगह का पता लगाने में मदद मिली जहां 41 सेकंड का यह क्लिप शूट किया गया था.

वीडियो में दो युवक एक लोहे के खंभे के सामने खड़े दिख रहे हैं, जिसके निचले हिस्से पर नारंगी और काले रंग के निशान हैं. ऐसे निशान अक्सर इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर देखे जाते हैं, और वीडियो में दिख रही टाइल वाली ज़मीन भी पेट्रोल पंप के इलाके जैसी ही है. पेट्रोल स्टेशन के बाहर पंप की ब्रांडिंग वाले उंचे लोहे के खंभे भी अक्सर देखने को मिलते हैं.

पेट्रोल पंप के सामने वाली सड़क टू-वे (दोनों तरफ़ चलने वाली) लगती है, जिसके बीच में एक डिवाइडर है. डिवाइडर के दोनों तरफ़ गाड़ियां चलती हुई दिख रही हैं, जबकि डिवाइडर पर उंचे खंभों पर लगे दो झंडे भी दिखाई दे रहे हैं. सड़क के दूसरी तरफ़ एक खाली प्लॉट भी दिख रहा है, जहां बहुत सारी झाड़ियां और घास-फूस उगी हुई है.

उस जगह का पता लगाने के लिए, हमने श्री गंगानगर में भंभू कॉलोनी के पास इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप ढूंढे. हम ऐसे पेट्रोल पंप की तलाश में थे जो टू-वे रोड के किनारे हो और घनी झाड़ियों वाले खाली प्लॉट के ठीक सामने हो. हमें एक ऐसा पेट्रोल पंप मिला जो इन सभी खूबियों से बिल्कुल मेल खाता था.

इस तरह, ऊपर दी गई सभी जानकारियों से ये साफ़ है कि BJP सांसद हरभजन सिंह ने जो वीडियो शेयर किया था, वो पंजाब का नहीं था. ये राजस्थान के श्री गंगानगर का है. इसके अलावा, पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे दोनों लोग इंस्टाग्राम रील के लिए नशे में होने का नाटक कर रहे थे.

ग़लत
दावा:
पंजाब में ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल की समस्या दिखाता वीडियो

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