रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दरमियान सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. वीडियो में कुछ सिपाही एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को पीटते हुए और बाद में गोली मारते हुए दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि रूस और यूक्रेन की सेना ने चेचन्या युद्ध के दौरान वहां के लोगों के साथ ऐसा सुलूक किया था. ट्विटर हैंडल @Archive__News ने ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर ये वीडियो उर्दू मेसेज के साथ भी शेयर किया गया है.

 

کہتے ہیں 1999 کی ایک ویڈیو جب یوکرائن کے باشندوں نے چیچن کی اسلامی سرزمین پر قبضہ کیا تھا ، وہاں ایک سفید فام شخص سورہ حمد پڑھ کر اپنی بیوی کے سامنے شہید ہو گیا تھا ۔ جب بیوی روتی ہے تو اس بھی مار دیا

Posted by Ishtiaq Pathan on Tuesday, 8 March 2022

फ़ेसबुक पर और भी कई यूज़र्स ने ये वीडियो पोस्ट किया है. दावे के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने चेचन्या में प्रवेश किया था और एक बूढ़े व्यक्ति को बेरहमी से मार दिया था. आगे, वायरल मेसेज में लिखा है कि ये बूढ़ा व्यक्ति सूरत अल-फातिहा पढ़ रहा था. और फिलहाल चेचन्या की सेना, रूसी सेना के साथ मिलकर यूक्रेनियन से बदला ले रही है. साथ ही मेसेज में ये वीडियो आगे फ़ॉरवर्ड करने के लिए कहा जा रहा है.

As a reminder.. this is what the Ukrainian army did when they entered the land of Chechnya and executed an old man who was reading Surat Al-Fatihah with his wife without mercy and today the verse is reversed and Chechnya enters with the Russian army.. to take revenge on what the Ukrainians did to them …forward so people can see the real truth about Ukrainians

Posted by Muhammad Salman Malik on Tuesday, 8 March 2022

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो असली नहीं है. ‘zen.yandex.by‘ नाम की एक वेबसाइट ने इस वीडियो के बारे में 14 अक्टूबर 2019 को आर्टिकल पब्लिश किया था. आर्टिकल के मुताबिक, ये एक फ़िल्म का दृश्य है. और वीडियो में दिख रहे ऐक्टर का नाम मेक्सिम ज़ैपसोकनी है. आर्टिकल में बताया गया है कि ये ऐक्टर यूक्रेन से हैं. लेकिन फिल्म में उसने रूसी सिपाही का किरदार निभाया था. ये फ़िल्म चेचन्या युद्ध पर बनाई गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, ये क्लिप उस वक़्त भी कई लोगों ने असली मानकर शेयर की थी.

आगे, सर्च करते हुए हमें तुर्की के फ़ैक्ट-चेकिंग संगठन teyit का आर्टिकल मिला. आर्टिकल के मुताबिक, द सर्च नाम की ये फ़िल्म चेचन्या युद्ध पर आधारित हैं. और वायरल वीडियो उसी फ़िल्म का क्लिप्पड वर्ज़न है. यूट्यूब पर ये फ़िल्म 29 मार्च 2021 को अपलोड की गई थी. वायरल वीडियो के दृश्य फ़िल्म के शुरुआत में 3 मिनट 40 सेकंड के बाद से दिखते हैं. और इसे ऑस्कर विजेता निर्देशक Michel Hazanavicius ने डायरेक्ट की थी.

इसके अलावा, चेचन फ़ोर्स की चर्चा रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के वक़्त भी हो रही है. फिलहाल चेचन्या, रूस फेडरेशन का हिस्सा है. इस युद्ध के दौरान, चेचन्या के राष्ट्रपति ने यूक्रेन में चेचन्या लड़ाकू भेजना का ऐलान करते हुए रूस के यूक्रेन पर हमला करने के फैसले का समर्थन भी किया है.

कुल मिलाकर, चेचन्या युद्ध पर बनी एक फ़िल्म का एक छोटा सा हिस्सा हाल के रूस-यूक्रेन विवाद से जोड़कर शेयर किया गया. और इसे शेयर करते हुए झूठा दावा किया गया कि यूक्रेन के सिपाही ने इस तरह चेचन्या के एक बुज़ुर्ग की हत्या कर दी थी.

ग़लत
दावा:
यूक्रेन के सिपाही ने चेचेन्या एक बुज़ुर्ग की हत्या कर दी थी.

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