भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई, 2025 के शुरुआती घंटों में ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ शुरू करने के बाद, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) में नौ आतंकवादी बुनियादी ढांचे वाली जगहों को निशाना बनाया गया. हमले के कथित विजुअल्स (जिसमें दूर से सात मिसाइलें दागी गईं) वायरल हो गईं. मीडिया आउटलेट्स, पत्रकार और सोशल मीडिया यूज़र्स ने क्लिप को शेयर करते हुए दावा किया कि ये ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का फ़ुटेज है.

भारत द्वारा ये सैन्य हमला पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के जवाबी कार्रवाई में किया गया है. रक्षा मंत्रालय ने हमलों को “मापा हुआ और गैर-तनावपूर्ण” बताया और कहा है कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया. द हिंदू ने रिपोर्ट किया कि जिन आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया, वे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन सहित अलग-अलग प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जिन नौ साइटों पर हमला करने का दावा करता है उनमें से चार बहावलपुर और मुरीदके (पंजाब, पाकिस्तान में) और POK में मुजफ्फ़राबाद और कोटली हैं.

मीडिया आउटलेट आज तक ने अपने वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप द्वारा आयोजित एक सेगमेंट में मिसाइलें दागे जाने के विजुअल प्रसारित किए. अपनी रिपोर्ट में, आउटलेट ने सिर्फ बहावलपुर शहर में सात हमलों की गिनती की. एक X पोस्ट में चैनल ने उसी विजुअल को कैप्शन के साथ शेयर किया, “ऑपरेशन सिंदूर | ऐसे ध्वस्त हुआ जैश का आतंकी अड्डा.” (आर्काइव)

 ABP न्यूज़ ने भी अपने स्टार एंकर चित्रा त्रिपाठी द्वारा आयोजित एक सेगमेंट में कथित विजुअल्स को प्रसारित किया. (आर्काइव)

ज़ी न्यूज़ गुजराती ने ऑपरेशन सिन्दूर पर एक फ़ुटेज वीडियो से एक स्क्रीनशॉट लेकर फ़ोटो गैलरी में इसका इस्तेमाल किया, जबकि न्यूज़18 बांग्ला, बिजनेस टुडे, अमर उजाला और बार्टमैन ने अपने आर्टिकल्स में वीडियो से स्क्रीनशॉट लेकर इसका इस्तेमाल किया.

This slideshow requires JavaScript.

जानी-मानी न्यूज़18 पत्रकार रुबिका लियाकत ने भी उन नौ आतंकवादी ठिकानों की सूची के साथ X पर वीडियो शेयर किया जहां भारतीय सेना ने हमला किया था. (आर्काइव)

वरिष्ठ पत्रकार और टीवी9 नेटवर्क के कार्यकारी संपादक, आदित्य राज कौल ने भी फ़ुटेज को इस टाइटल के साथ शेयर किया, “कोटली, मुजफ्फ़राबाद और बहावलपुर में मिसाइलें दागी गईं – डीजी ISPR ने पाकिस्तानी पत्रकारों को इसकी पुष्टि की. भारत आतंकी राज्य पाकिस्तान के पीछे है.” ध्यान दें आदित्य राज कौल को कई बार ग़लत सूचनाएं शेयर करते ऑल्ट न्यूज़ ने पकड़ा है. (आर्काइव)

डिजिटल मीडिया आउटलेट NEWJ ने भी इसी दावे के साथ वीडियो शेयर किया है. (आर्काइव)

X यूज़र @MeghUpdates ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान पर मिसाइल से हमला किया. इस आर्टिकल के लिखे जाने तक, पोस्ट को 680,000 से ज़्यादा बार देखा गया. (आर्काइव)

स्थानीय न्यूज़ आउटलेट ARY से जुड़े पाकिस्तान स्थित पत्रकार, साबिर शाकिर ने वीडियो को उर्दू कैप्शन के साथ शेयर किया जिसमें लिखा है, ‘बहावलपुर में भारतीय हमला.’ (आर्काइव)

प्रॉपगेंडा आउटलेट पांचजन्य सहित कई अन्य X हैंडल ने इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया. (आर्काइव- 123456789)

This slideshow requires JavaScript.

फ़ैक्ट-चेक

ऊपर शेयर किए गए विजुअल्स में से कीफ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च से हमें 13 अक्टूबर, 2023 की स्पुतनिक आर्मेनिया की वेबसाइट पर एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली. इसमें उसी वीडियो का इस्तेमाल किया गया था. स्पुतनिक रिपोर्ट में कहा गया है कि इज़राइल ने ग़ाज़ा पट्टी में 750 सैन्य ठिकानों पर हमला किया.

हमें 13 अक्टूबर, 2023 का इज़रायली वायु सेना का एक बयान भी मिला, जिसमें यही दावा किया गया था.

कई अन्य सोशल मीडिया एकाउंट्स ने भी इस वीडियो को 13 अक्टूबर को शेयर किया. यहां, यहां, यहां, यहां और यहां उनके X पोस्ट के लिंक हैं. नीचे स्क्रीनशॉट देखे जा सकते हैं:

This slideshow requires JavaScript.

वीडियो कुछ दिनों बाद फिर से सामने आया और मीडिया आउटलेट अल मयादीन ने 23 अक्टूबर, 2023 को ग़ाज़ा में बम विस्फ़ोटों पर अपनी वीडियो रिपोर्ट में इसका इस्तेमाल किया. 23 अक्टूबर को BBC के वरिष्ठ पत्रकार शयान सरदारिज़ादेह ने X पर बताया था कि विजुअल्स “10 दिन पहले के” हैं.

कुल मिलाकर, कई भारतीय मीडिया आउटलेट्स ने ग़ाज़ा पर इजरायली हवाई हमले के पुराने फ़ुटेज को इस दावे के साथ चलाया कि ये 7 मई, 2025 को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत के सैन्य अभियान के विजुअल्स हैं. इन चैनलों ने फ़ुटेज को बिना वेरिफ़ाई किए प्रसारित किया और इन दावों को वरिष्ठ पत्रकारों ने भी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और सोशल मीडिया यूज़र्स तक पहुंचाया, जिससे एक संवेदनशील मुद्दे के बारे में ग़लत सूचना फ़ैल गई.

भ्रामक
दावा:
ऐसे ध्वस्त हुआ जैश का आतंकी अड्डा

The content presents facts in a misleading way or omits crucial context.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें