एक सीसीटीवी फ़ुटेज सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें एक मनचला सड़क पर जा रही छात्रा को जबरदस्ती वैन में बिठा रहा होता है कि एक लड़का यह सब देखकर दौड़ता हुआ आता है और लड़की को बचाने के लिए मनचले के भिड़ जाता है. वो उस वैन में लटक जाता है. इस वीडियो को हिन्दू-मुस्लिम एंगल के साथ शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि दो मुस्लिम लड़के आयशा नाम की एक लड़की को किडनैप कर रहे थे. वहीं से गुजर रहे एक हिन्दू लड़के ने अपनी जान जोखिम में डालकर उस लड़की को बचाया.

अक्सर सांप्रदायिक एंगल के साथ गलत जानकारी फैलाने वाले अकाउंट बाबा बनारस ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अफ़रोज़ और इमरान आयशा नाम की एक लड़की का अपहरण कर रहे थे. हर्षवर्धन नाम का एक लड़का वहाँ से गुज़र रहा था, उसे बचाने के लिए उसने अपनी जान जोखिम में डालकर उस लड़की को बचाया जिसे वह जानता तक नहीं था. यही सनातन हिंदू परंपरा है. हर्षवर्धन घायल ज़रूर है, लेकिन खतरे से बाहर है.” (आर्काइव लिंक)

अंकित रावल नाम के यूजर ने भी वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

महावीर जैन नाम के एक और यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए यही दावा किया और साथ में लिखा कि यह सनातन हिन्दू परम्परा है. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

इस वीडियो को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें एशियन मिरर नाम की वेबसाइट पर 13 जनवरी 2025 को इससे जुड़ा एक आर्टिकल मिला. इस रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 11 जनवरी 2025 को श्रीलंका में घटी थी. पुलिस को लड़की और मुख्य आरोपी 13 जनवरी को अम्पारा बस स्टैंड के पास एक लग्जरी बस में मिले थे. प्रारंभिक जाँच के अनुसार, अपहरण करने वाला लड़का एक करीबी रिश्तेदार है. वो लड़की के पिता की बहन का बेटा. पुलिस ने खुलासा किया कि अपहरण की वजह एक प्रस्तावित शादी को लेकर पारिवारिक कलह थी. दोनों परिवारों ने शुरू में इस विवाह के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन बाद में लड़की के पिता ने लड़की की शादी आरोपी से करवाने से इनकार कर दिया था, जिसकी वजह से आरोपी ने ये कदम उठाया था.

हमें श्रीलंका की न्यूज़ वेबसाइट Lankasara पर भी इस वीडियो से जुड़ी खबर मिली जो 13 जनवरी 2025 को ही प्रकाशित हुई थी. इस रिपोर्ट में भी बताया गया है कि लड़की का अपहरण उस समय हुआ जब वह अपनी एक सहेली के साथ स्कूल जा रही थी. इस रिपोर्ट में में भी घटना का कारण वही बताया गया है जो ऊपर कि रिपोर्ट में है. साथ ही बताया गया है कि जब लड़की को वैन में धकेला जा रहा था, तो एक युवक ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन अपहरणकर्ता ने उसे धक्का देकर भगा दिया.

हमें एशियन मिरर नाम की वेबसाइट पर 13 जनवरी 2025 को प्रकाशित एक अन्य आर्टिकल मिला. इसमें उस लड़के का जिक्र किया गया है जिसने लड़की को किडनैप होने से बचाने की कोशिश की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, लड़के का नाम मोहम्मद इज़ादीन अरशद अहमद है, श्रीलंका पुलिस ने मोहम्मद इज़ादीन को स्कूली छात्रा को कैडनैप होने से बचाने के उनके साहसिक प्रयास के लिए सराहना की थी. ये सपुगहाटथन्ना जंक्शन पर बस का इंतज़ार कर रहा था तभी उसने देखा कि एक काली वैन वहाँ आई. जैसे ही दो छात्राएँ वहाँ से गुज़रीं, वैन में बैठे एक व्यक्ति ने उनमें से एक को पकड़ लिया और घसीटकर वैन में डाल लिया. उनकी चीखें सुनकर अहमद तुरंत मदद के लिए दौड़ा. उसने वैन के दरवाज़े पर लटककर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही गाड़ी तेज़ी से भागी, अंदर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे धक्का दे दिया.ससे वो गिर गया और उसे मामूली चोटें आईं.

श्रीलंका के पत्रकार अज्जम अमीन ने एक पोस्ट में लिखा था कि श्रीलंका पुलिस ने 25 वर्षीय मोहम्मद इसादीन अरशद अहमद के साहस की सराहना की है.

कुल मिलाकर, कई भारतीय सोशल मीडिया यूज़र्स ने श्रीलंका में पारिवारिक विवाद के कारण एक लड़की के अपहरण का वीडियो भ्रामक दावे के साथ हिन्दू-मुस्लिम एंगल से जोड़कर शेयर किया. साथ ही उस लड़की को बचाने की कोशिश करने वाले लड़के का नाम हर्षवर्धन नहीं बल्कि मोहम्मद इज़ादीन अरशद अहमद है.

ग़लत
दावा:
मुसलिम लड़कों द्वारा किडनैप हो रही मुस्लिम लड़की को एक हिन्दू लड़के ने बचाया

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