सोशल मीडिया में शेयर हो रही कुछ तस्वीरों में 2 व्यक्तियों को भगवा रंग के झंडे जलाते हुए देखा जा सकता है. तस्वीर में इन व्यक्तियों के पीछे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी का पोस्टर लगा हुआ है. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए यूज़र दावा कर रहे हैं कि प्रतापगढ़ के AIMIM जिलाध्यक्ष मो. सलीम अंसारी ने भगवा झंडा जलाया है.

16 जून 2020 को ट्विटर यूज़र ‘शिवानी भारती (एक हिन्दू दलित)’ ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “ये है प्रतापगढ़ #AIMIM जिलाध्यक्ष मो.सलीम अंसारी जो कि खुलेआम Secularism की आड़ में हमारे सनातन धर्म और मराठो की शान भगवा पताका को जलाकर इसका अपमान कर रहा है। सभी सनातनियो से मेरी प्रार्थना है इसे रिट्वीट करे ताकि ये सुअर जल्द पकड़ा जाए।” आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 2000 से ज़्यादा बार लाइक और रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

एक और ट्विटर हैन्डल ‘@HinduSadhvi’ ने 17 जून 2020 को इन तस्वीरों को शेयर किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 400 से ज़्यादा बार लाइक किया गया. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर और फ़ेसबुक, दोनों पर ये तस्वीरें इसी दावे से शेयर हो रही है.

भारत के झंडे वाली ऐसी ही एक तस्वीर वायरल

भगवा झंडे के बदले भारतीय ध्वज को दिखलाती ऐसी ही एक तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर हो रही है. तस्वीर में व्यक्ति के पीछे दिख रहे पोस्टर में “इंडिया मुर्दाबाद” लिखा हुआ है. एक फ़ेसबुक यूज़र ने ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “Revenge Jay nepal (अनुवाद – बदला जय नेपाल) और भी कुछ यूज़र्स ने ये तस्वीर शेयर की है.

फ़ैक्ट-चेक

सोशल मीडिया में शेयर हो रही तस्वीरों को अगर आप गौर से देखें तो AIMIM के पोस्टर के ऊपर एक और छोटा पोस्टर लगा हुआ है जिस पर “नेपाल मुर्दाबाद” लिखा हुआ है.

इस आधार पर फ़ेसबुक सर्च करने से हमें AIMIM प्रतापगढ़ से जुड़े हुए इसरार अहमद का 13 जून 2020 का एक पोस्ट मिला. पोस्ट के मुताबिक, नेपाल ने अपने नक्शे में भारत के 3 हिस्से – लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा – को शामिल करने के बिल को पारित किया है. इस बिल का विरोध करते हुए AIMIM प्रतापगढ़ के ज़िला अध्यक्ष सलीम अंसारी और पूर्व सदर प्रत्याशी इसरार अहमद ने नेपाल के झंडे को जलाया था.

#नेपाल_मुर्दाबाद।

नेपाल की संसद ने भारत के कुछ इलाकों को अपना बताने के लिए नक्शे में बदलाव से जुड़ा बिल शनिवार को पास…

Posted by Israr Ahmed on Saturday, 13 June 2020

उपरोक्त पोस्ट की तस्वीरों में नेपाल के झंडे को साफ़-साफ़ देखा जा सकता है.

18 जून को यूट्यूब पर अपलोड किये गए एक वीडियो में मो. सलीम अंसारी हाथ में नेपाल का झंडा पकड़े हुए खड़े है. वीडियो में मो. सलीम अंसारी नेपाल द्वारा भारत के हिस्से को अपने नक्शे में शामिल करने का विरोध कर रहे हैं और भारत सरकार से नेपाल का आर्थिक बहिष्कार करने की मांग कह रहे हैं.

नेपाली झंडे को जलाते हुए AIMIM सदस्यों की तस्वीर को एडिट कर उसमें भारतीय ध्वज शामिल किया गया. ये बात दोनों तस्वीरों का मिलान करने पर साफ़ हो जाती है.

इसके अलावा, शिवानी भारती की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए प्रतापगढ़ पुलिस ने लिखा, “उक्त प्रकरण में झण्डा नेपाल देश का है, नेपाल देश की संसद द्वारा कथित रूप से भारतीय क्षेत्र को नेपाली क्षेत्र बताये जाने के विरोध में एआईएमआईएम पार्टी प्रतापगढ़ के सदस्यों द्वारा नेपाल का झण्डा जलाया गया है।” इस ट्वीट में AIMIM द्वारा प्रतापगढ़ के ज़िलाधिकारी को लिखे गए एक ज्ञापन पत्र की तस्वीर शेयर की गई है जिसमें AIMIM के ज़िला अध्यक्ष मो. सलीम अंसारी ने नेपाल के खिलाफ़ सख़्त कदम उठाने की मांग की है. इस ट्वीट में साफ़-साफ़ बताया गया है कि AIMIM के सदस्यों ने नेपाल का झंडा जलाया है.

इस तरह, AIMIM प्रतापगढ़ के ज़िला अध्यक्ष द्वारा नेपाल का विरोध करते हुए नेपाली झंडे को जलाने की तस्वीर सोशल मीडिया में झूठे दावे शेयर की गई कि AIMIM प्रतापगढ़ के ज़िला अध्यक्ष ने भगवा झंडा जलाया है. एक कदम और आगे बढ़ते हुए तस्वीर में भारतीय झंडे को एडिट कर डाला ताकि ये झूठा दावा चलाया जा सके कि AIMIM ने तिरंगा जलाया है.

ग़लत
दावा:
AIMIM प्रतापगढ़ के ज़िला अध्यक्ष ने भगवा झंडे को जलाया

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