“तू इस जन्म में अंधी बनी है, अगले जन्म में भी अंधी ही बनेगी. मांग में सिंदूर भरती है और बच्ची को क्रिश्चियनों के बीच क्या कराने लेकर आती है.”

मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक बीजेपी नेता अंजू भार्गव ने एक नेत्रहीन महिला को ऐसा कहा और उसपर हाथ भी उठाया. एक चर्च में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. भाजपा ज़िला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव, चर्च में मौजूद एक नेत्रहीन महिला पर हाथ उठाती हैं और मारपीट करने की कोशिश करती हैं.

मामला कुछ यूं था कि 20 दिसंबर को जबलपुर के हवाबाग चर्च में नेत्रहीन बच्चों के लिए भोजन समारोह का आयोजन किया गया था. समारोह से पहले प्रार्थना सभा चल रही थी तभी वहां हिन्दू संघठनों के साथ अंजू भार्गव पहुंच गई और नेत्रहीन बच्चों और टीचर्स से सवाल-जवाब करने लगीं. उनका आरोप था कि वहां इन बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. इसी बहस के दौरान, वो एक नेत्रहीन महिला पर हाथ उठाती हुई दिखीं. नेत्रहीन लोगों ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि वो वहां काफी समय से आते हैं और साथ ही उन्होंने धर्मांतरण के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया.

अगर X (पहले ट्विटर) पर चेक करें तो पिछले चंद दिनों में कथित रूप से हिन्दू संगठनों से जुड़े लोगों द्वारा ईसाई समुदाय के लोगों को परेशान करने और चर्च पर धावा बोलने के और भी कई मामले हैं:

गाज़ियाबाद, उत्तर-प्रदेश: सत्यनिष्ठ आर्य ने गुस्से में ईसाइयों के अस्तित्व पर सवाल किये 

“जीसस क्राइस्ट को पैदा करने वाली मदर मेरी कैसे प्रेग्नन्ट हुई? जीसस क्राइस्ट कैसे पैदा हुआ था बताओ?” गुस्से और नफरत से लबालब होकर उत्तर-प्रदेश के गाज़ियाबाद में सत्यनिष्ठ आर्य नाम के एक व्यक्ति ने एक चर्च के फादर से ये सवाल पूछे. इस शख्स के साथ हिंदुवादी संगठन के कई लोग शामिल थे.

उत्तर-प्रदेश के गाज़ियाबाद में 21 दिसंबर को कथित रूप से हिन्दू संगठनों से जुड़े कुछ लोगों ने एक चर्च में धावा बोल दिया. वहां के पादरी के साथ बदसुलूकी की.

सत्यनिष्ठ आर्य ने गुस्से में एक पादरी को दबोचा और ईसाई धर्म और बाइबल को लेकर कई आपत्तिजनक कमेंट्स किये. उसने पादरी को धमकाते हुए कहा, “विदेशी क्रिश्चियन लोगों का विदेशी भाषाओं का बाइबल हमारे इंडिया में चलेगा ही नहीं. हमारा क्या है. चारों वेद हैं, मनुस्मृति है, उपनिषद है. हम कोई भी क्रिश्चियनों का, क्रिश्चियनों का, क्रिश्चियनों का बाइबल को फ़ॉलों नहीं करेंगे. एम आई क्लीयर?” फिर वो ‘जय श्री राम, जीजस क्राइस्ट इज़ नोट आवर्स.’ के नारे लगाता है. फिर कहता है हमारा सिर्फ राम भगवान है. वो आगे कहता है, “साला इधर बाबरी मस्जिद बन रहा है और इधर कोई आवाज़ नहीं उठा रहा हैं (2) हिंदुओं का धर्म परिवर्तन होना चाहिए. मौलाना महमूद मदनी इज़ एंटी नेशनल… सबके सामने पूछ रहा हुं इसको?”

बाद में इस शख्स ने धार्मिक भावनाओं को आहात करने वाले ये कुछ आपत्तिजनक कमेंट्स किये: “मदर मेरी जीजस क्राइस्ट को पैदा करनेवाला मदर मेरी कैसे प्रेग्नन्ट हुई थी? बताओ, आई एम वेटिंग, जीजस क्राइस्ट कैसे पैदा हुआ था बताओं?” जब पादरी जवाब देते हैं, “पवित्र आत्मा के द्वारा”. तब सत्यनिष्ठ आर्य कहता है, “तू बिना सेक्स के कैसे बच्चा पैदा कर सकता है?”

इस बातचीत के दौरान वहां मौजूद एक महिला कहती है, “वहीं तो परमेश्वर का पुत्र है?”, इस पर सत्यनिष्ठ आर्य, अब इस महिला से सवाल पूछने लगता है, “क्या आप ये गाइनकोलजिस्ट को समझा सकती है? यू बेबी.. क्या आप पढ़ी लिखी है बेबी?… बच्चा पैदा करने की प्रोसेस बताओं मुझे? (2) आप कैसे पैदा हुई हो बताओ?”.

सत्यनिष्ठ आर्य के नाम से मशहूर ये आदमी बांग्लादेश से है और इसका नाम सून्यवर रहमान है. ये शख्स पहले बांग्लादेशी मुसलमान था. लेकिन अब ये भारत में रहता है और एक हिन्दू के रूप में ऑनलाइन मशहूर है. लगातार ऐसे ही वीडियोज़ के साथ धार्मिक भावनाओं को आहत करता है और इस हिन्दू छवि के ज़रिए पैसे भी बटोरता है.

ओडिशा: सांता क्लॉज़ के कपड़े बेचने वाले को परेशान किया

“ये हिन्दू राष्ट्र है, इधर क्रिश्चियन का चलेगा नहीं!”, “गरीब आदमी, जगन्नाथ का बेच! इधर नहीं चलेगा”, “हिन्दू हो तो ये कैसे कर रहे हो.”

पूरी में 20 दिसंबर को गौ सेवक राधा माधव दास और उनके साथियों ने सड़क पर सांता क्लॉज़ के कपड़े बेच रहे लोगों को परेशान किया. उन्हें तुरंत वहां से सामान लेकर चले जाने को कहा और साथ ही ये भी कहा कि भारत अब हिन्दू राष्ट्र है तो यहां क्रिश्चियन का नहीं चलेगा. वीडियो में आगे कुछ और लोगों को भी ऐसी ही चेतावनी देते हुए राधा माधव दास ने कहा कि “जगन्नाथ देश में ये सब नहीं चलेगा!”

वीडियो में सामान बेचनेवाले एक आदमी और महिला से ये शख्स कहता है, “आप पर्मिशन लेटर लेकर आओ, फिर बेचो हमें कोई दिक्कत नहीं है.” बाद में आसपास के लोगों से इस आदमी ने कहा कि ईसाई पर्व से जुड़ी हुई चीज़े बेचनेवाले इन लोगों को भगाओ. इस वीडियो का अंत होता है तीव्र म्यूज़िक के साथ. मानों ऐसा लगता है कि ये सब सोशल मीडिया पर रील (क्लिप वीडियोज़) बनाने के लिए ही किया गया है. राधा माधव दास ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया जिसे ये रिपोर्ट लिखे जाने तक 4 लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, “हिंदू भाइयों से निवेदन है, हम सबको जागना होगा, हम अपने धर्म को तभी बचा सकते हैं जब हम जाग जाएं.”

लाजपतनगर, दिल्ली: बजरंग दल के लोगों ने उत्सव मना रहे बच्चों को भगाया

क्रिसमस से जुड़ी लाल टोपी पहने कुछ लोग और बच्चे सड़क के किनारे खड़े हैं. तभी कुछ लोग आते हैं और कहते हैं कि “यहां से जाओं, यहां से जाओं, अपने-अपने घर जाओं, है क्या ये, क्यूं बेफालतू का कर रहे हैं आप? अपने-अपने घर में मनाओ जो भी मनाना है वो…और ये टोपियों को उतारके, ये क्या ड्रामा करते हो, यहां धर्म परिवर्तन का चला रहे हैं.”

 

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न्यूज़18 इंडिया ने इस वीडियो का कुछ हिस्सा सोशल मीडिया पर चलाते हुए कहा कि बजरंग दल के कुछ लोगों ने दिल्ली के लाजपत नगर में हंगामा किया. घटना की वायरल क्लिप में साफ दिख रहा है कि कथित रूप से बजरंग दल के इन लोगों ने महिलाओं के साथ भी बदत्तमीज़ी की थी.

अगर, क्रिसमस त्योहार के चलते देश के अलग-अलग इलाकों में हमले और लोगों को परेशान करने की इन घटनाओं के वीडियोज़ देखें, तो मालूम पड़ता है कि कथित रूप से इन हिन्दू संगठनों से जुड़े लोगों को अन्य धर्मों के लोगों को परेशान करने का खुला लाइसेंस मिल गया है. खुलेआम डराने-धमकाने से लेकर मार-पीट करने के इन मामलों में धर्म परिवर्तन के आरोप लगाये जाते हैं. कई मामलों में तो इस बात का कोई सबूत भी नहीं होता कि असल में धर्म परिवर्तन हो भी रहा है. और मां लिया जाए कि अगर ऐसा कोई केस है तो भी कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए मामलों में शिकायत दर्ज की जा सकती है. लेकिन कानूनी प्रक्रिया का मज़ाक बनाते हुए ये कथित हिन्दू धर्म संरक्षक सड़कों पर गुंडई दिखाते हैं और देश को ‘हिन्दू राष्ट्र’ बताते हैं.

वर्गीकरण करना कठिन

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