2023 में DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ बताकर उसकी तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी से की थी, जिसपर खूब बहस हुई थी. एक बार फिर उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा सत्र के दौरान सनातन धर्म के उन्मूलन को लेकर बयान दिया. TVK के नवनिर्वाचित विधायक वी.एम.एस. मुस्तफा ने 14 मई को उदयनिधि स्टालिन के इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हम भी पेरियार और अंबेडकर के आदर्शों में विश्वास रखते हैं, हम भी सनातन के उन्मूलन के लिए इस संघर्ष में उतर आए हैं.

इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियोज़ वायरल हैं जिनमें कुछ लोग अपनी कार और घरों से टीवीके (TVK) पार्टी के झंडे, स्टिकर और चुनाव चिन्ह हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं. इन वीडियो में Polimer News का लोगो लगा हुआ है. इन्हें शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि विधानसभा में सनातन उन्मूलन के संकल्प से नाराज़ होकर तमिलनाडु के हिंदू जाग गए हैं और वे उस पार्टी के पोस्टर-झंडे फाड़ रहे हैं जिसे उन्होंने कुछ ही दिनों पहले वोट दिया था. दावों में यह भी कहा गया कि मदुरै के हिंदुओं को यह उम्मीद नहीं थी कि उनके द्वारा चुने गए उम्मीदवार मोहम्मद मुस्तफा ‘सनातन’ मिटाने का संकल्प लेंगे.

भाजपा आंध्र प्रदेश की प्रवक्ता विनुषा रेड्डी ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, “उदयनिधि स्टालिन और TVK पार्टी के विधायक मुस्तफा ने सनातन को मिटाने पर बयान दिए हैं. तमिलनाडु के लोगों को अब समझ आ गया है कि TVK और DMK में कोई अंतर नहीं है, और वे उसी पार्टी के पोस्टर और झंडे फाड़ रहे हैं जिसे उन्होंने कुछ ही दिनों पहले वोट दिया था. मदुरै, जहाँ हिंदुओं की आबादी 90% है, वहां लोगों ने मोहम्मद मुस्तफा को वोट दिया और अब उन्होंने सनातन को मिटाने की कसम खाई है. हिंदुओं को इसकी उम्मीद नहीं थी. हिंदू अब जाग रहे हैं और फिल्मी डायलॉग्स और असल जिंदगी के बीच का अंतर समझ रहे हैं.” (आर्काइव लिंक)

कोलकाता इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “आखिरकार, तमिलनाडु के फिल्मों के दीवाने हिंदू विधानसभा में लिए गए सनातन उन्मूलन के संकल्प के बाद जाग रहे हैं. अब वे उसी पार्टी के पोस्टर और झंडे फाड़ रहे हैं जिसे उन्होंने कुछ ही दिनों पहले वोट दिया था. उन्हें समझ आ रहा है कि फिल्मों और फिल्मी हीरो के प्रति अपनी दीवानगी के कारण वे गुमराह हो गए थे. मदुरै, जहाँ हिंदुओं की आबादी 90% है, ने मोहम्मद मुस्तफा को वोट दिया, जिसने सनातन को मिटाने की कसम खाई. हिंदुओं को इसकी उम्मीद नहीं थी, यह देखकर अच्छा लगा कि हिंदू जाग रहे हैं और फिल्म असल जिंदगी के बीच के अंतर को पहचान रहे हैं.” (आर्काइव लिंक)

प्रतिभा नाम की एक यूज़र ने राधारमण के पोस्ट को कोट करते हुए इसी तरह का दावा किया. (आर्काइव लिंक)

फैक्ट-चेक

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के अलग-अलग फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें ये वीडियो Polimer News द्वारा 29 मार्च को उनके फ़ेसबुक पेज पर अपलोड किया हुआ मिला. इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि अजिता एग्नेल को सीट थूथुकुडी से सीट ना मिलने पर उनके समर्थकों ने नाराज़गी जाहिर करते हुए अपनी कारों से TVK पार्टी के झंडे फाड़कर फेंक दिए और सीटी (चुनाव चिन्ह) भी फेंक दिया. इससे इतना तो साफ है कि ये वीडियो पुराना है और इसका हाल में DMK या TVK के विधायक द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान से जुड़े विवाद से संबंध नहीं है.

हमें तमिल समाचार वेबसाइट ‘डेली थनती‘ पर भी इस मामले से जुड़ा आर्टिकल 29 मार्च 2026 को पब्लिश्ड मिला. इस रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों का बंटवारा हो रहा था और TVK नेता अजिता एग्नेल थूथुकुडी निर्वाचन क्षेत्र से टिकट की उम्मीद कर रही थीं. जब TVK ने अपनी उम्मीदवारों की सूची जारी की और उसमें अजिता एग्नेल का नाम शामिल नहीं था, तो उनके नाराज समर्थकों ने अपनी गाड़ियों और घरों से पार्टी के झंडे और चुनाव चिन्ह (सीटी) हटाकर अपना विरोध दर्ज कराया था.

कुल मिलाकर, यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि तत्कालीन TVK नेता अजिता एग्नेल को टिकट न मिलने से नाराज समर्थकों के प्रदर्शन के पुराने वीडियो को मई 2026 में हुए हालिया विवाद से जोड़कर, झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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