[आर्टिकल में दी गई जानकारी मन को विचलित कर सकती है.]

एक महीने तक चले छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद 5 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के तुरंत बाद, देश में ‘अराजकता’ के कई वीडियो ऑनलाइन सामने आए. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स भी वीडियो और तस्वीरें शेयर कर दावा करने लगे कि हिंदुओं को निशाना बनाकर उनपर हमला किया जा रहा है.

इसी तरह के दावे के साथ शेयर किये जा रहे एक वीडियो में एक मृत व्यक्ति को एक खंभे जैसी चीज़ से बंधा हुआ दिखाया गया है, जबकि भीड़ “अल्लाह-हू-अकबर” के नारे लगा रही है. @mini_razdan10 नामक यूज़र ने ये वीडियो 12 दिसम्बर को शेयर किया है और लिखा है कि ये बांग्लादेश में हिन्दू जेनोसाइड का दृश्य है.

वेरिफ़ाइड यूज़र @SonOfBharat7 ने 5 अगस्त को ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि एक बूढ़े हिंदू व्यक्ति पर मुसलमानों द्वारा “लंबी तलवारों” से हमला किया गया और उस पर 400 वार भी किए गए. उसने अपने ट्वीट में मुसलमानों को कीड़े-मकौड़े बताया और कहा कि उन्हें सिर्फ खून बहाने का बहाना चाहिए. इस पोस्ट को 350000 से ज़्यादा बार देखा गया. (आर्काइव)

राईटविंग इन्फ्लुएंसर @MrSinha_ ने भी इसी दावे के साथ ये वीडियो ट्वीट किया था. यहां गूगल कैश का आर्काइव है क्यूंकि बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया.

कई अन्य यूज़र्स ने भी इसी दावे के साथ वीडियो पोस्ट किया. (आर्काइव्स- 1234)

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फ़ैक्ट-चेक

हमने एक बांग्लादेशी पत्रकार से बात की और पता लगाया कि इस वीडियो में दिख रहा शख्स शाहिदुल इस्लाम हिरोन नामक एक मुस्लिम व्यक्ति था. की-वर्डस सर्च करने पर हमें पता चला कि 75 साल के हिरोन दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश के जेनेदा से अवामी लीग के महासचिव थे. एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, हिरोन और उनके ड्राइवर, अख्तर हुसैन की हत्या कर दी गई और उन्हें जला दिया गया.

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर कहा कि 5 अगस्त को दोपहर के आसपास, एक भीड़ ने हिरोन के घर में तोड़फोड़ की. इस दौरान, हिरोन ने भीड़ पर गोलीबारी की जिसमें कई लोग घायल हो गए. भीड़ ने उनके घर में आग लगा दी और उनके निजी ड्राइवर अख्तर को घायल कर दिया. अख्तर को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.

उधर, घर की तीसरी मंजिल पर फंसे हिरोन की आग में जलकर मौत हो गई. भीड़ ने घर में घुसकर शव को बाहर निकाला और शहर के बीचोबीच पायरा छतर में लटका दिया. वहां से शव को स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया. अन्य रिपोर्ट  (12) ने भी घटनाओं की इस सीरीज के बारे में रिपोर्ट किया.

हमें पायरा चत्तर में घटना के दौरान लिया गया एक यूट्यूब वीडियो भी मिला. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने भी मृत व्यक्ति की पहचान हिरोन के रूप में की और ये भी कहा कि हिरोन को जलाकर मार दिया गया था और उसे घटनास्थल पर लाया गया था. यहां वीडियो का लिंक दिया गया है. ऑल्ट न्यूज़ ने इसके हिंसक दृश्य के कारण इसे एम्बेड करने से परहेज किया है.

हमने उस जगह को जिओलोकेट भी किया जहां हिरोन का शव लटका हुआ था. इस जगह को पायरा छत्तर कहा जाता है. इस जगह का नाम चौराहे पर एक कबूतर (बंगाली में पायरा) की मूर्ति के नाम पर रखा गया है. वायरल वीडियो में मूर्ति का पैर दिखाई दे रहा है, जिससे जगह की पुष्टि होती है. नीचे विकिपीडिया से ली गई एक तस्वीर, यूट्यूब वीडियो के एक कीफ्रेम और वायरल वीडियो के एक कीफ्रेम के बीच तुलना की गई है.

कुल मिलाकर, बांग्लादेश के जेनेदा में एक मुस्लिम अवामी लीग नेता को जलाकर मारने और उसके शव को एक चौराहे पर एक मूर्ति से लटकाने का वीडियो इस ग़लत दावे के साथ वायरल है कि मृतक एक हिंदू था.

भ्रामक
दावा:
बांग्लादेश में हिन्दू वृद्ध व्यक्ति को तलवार से मुसलमानों ने मार डाला

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