एक ट्विटर हैंडल @Alishorab007 ने ट्वीट किया कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में 100 से ज्यादा प्रत्याशी होंगे वहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से चुनाव नहीं होंगे और इसकी बजाय मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा। इस संदेश में लिखा है, “जहां कहीं भी 100 से अधिक उम्मीदवार होंगें वहां EVM का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा… अगर आप चाहते हैं कि आपके क्षेत्र में चुनाव EVM से न होकर बैलेट पेपर से हो तो… अपने अपने क्षेत्र से अधिक से अधिक उम्मीदवारों का चुनाव में खड़ा रहने में मदद करें और लोकतंत्र को बचा लें”। इसमें लोगों से यह भी अपील की गई है कि अपने निर्वाचन क्षेत्र में जितना ज्यादा संभव हो, प्रत्याशी खड़े करने की कोशिश करें क्योंकि ईवीएम 100 से ज्यादा प्रत्याशी कवर नहीं कर सकता।

यहां यह ध्यान दिया जा सकता है कि तेलंगाना में निज़ामाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के संदर्भ में प्रकाशित पहले की रिपोर्ट के अनुसार, वहां मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल होने की संभावना थी क्योंकि 185 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

चुनाव आयोग ने दावे को खारिज किया

29 मार्च को, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की आधिकारिक प्रवक्ता, शेयफाली सरन ने शृंखलाबद्ध ट्वीट्स में इस दावे को खारिज किया कि ईसीआई को 100 से अधिक उम्मीदवारों वाले निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतपत्रों का उपयोग करना होगा।

अफवाह को खारिज करते हुए, प्रवक्ता ने स्पष्ट किया, “नवीनतम ईवीएम नोटा सहित 384 उम्मीदवारों को ले सकते हैं। जहां भी आवश्यक हो उन ईवीएम को तैनात किया जाएगा”। – (अनुवाद) इसके अलावा, उन्होंने लोगों से गलत तथ्यों वाले बयानों पर ध्यान न देने का भी आग्रह किया।

निज़ामाबाद निर्वाचन क्षेत्र

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने ईवीएम से चुनाव कराने की मीडिया द्वारा बताई गई अनिश्चितता को स्पष्ट करते हुए कहा, “हैदराबाद वह जगह थी जहां ईवीएम पहली बार बनाई गई थी और अब यह सर्वाधिक वोटिंग मशीन के इस्तेमाल वाला राज्य बन कर, एक बार फिर इतिहास बना रहा है। इससे पहले, देश में अधिकतम चार वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। अब, पहली बार निज़ामाबाद में, एक नियंत्रण इकाई से जुड़ी 12 वोटिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा।” -(अनुवाद)

निष्कर्ष रूप में, भारत का चुनाव आयोग, एक नियंत्रण इकाई से जुड़ी ढेर सारी वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का उपयोग करके नोटा सहित 384 प्रत्याशियों का चुनाव करवा सकता है। निज़ामाबाद निर्वाचन क्षेत्र में होने वाले चुनावों के साथ 11 अप्रैल को एक मिसाल भी कायम हो जाएगी, जहां 185 प्रत्याशियों के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होंगे।

ग़लत
दावा:
एक निर्वाचन क्षेत्र में 100 से ज्यादा प्रत्याशी हुए तो बैलेट पेपर से चुनाव

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