एक वीडियो में दिखाया गया है कि कुछ लोग मिलकर एक व्यक्ति को पीट रहे हैं. दावा है कि हिंदू का एक समूह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नजरूल इस्लाम नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई कर रहा है.
ट्रिगर वार्निंग: फ़ुटेज में अपशब्दों का इस्तेमाल शामिल है.
मुर्शिदाबाद, जो एक मुस्लिम बहुल ज़िला है, हाल ही में विवादास्पद SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं को हटाए जाने के लिए ख़बरों में रहा. कई यूज़र्स ने वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि ये सबूत है कि मुर्शिदाबाद में हिंदू “जाग गए” हैं, और प्रतिद्वंद्वी पार्टी के गुंडों को निशाने पर ले रहे हैं.
नियमित रूप से X पर सांप्रदायिक ग़लत सूचनाएं शेयर करने वाले दीपक कुमार ने वीडियो शेयर किया. उन्होंने दावा किया कि जिस व्यक्ति की पिटाई की जा रही थी वो मुस्लिम था, उसकी पहचान नज़रूल इस्लाम के रूप में हुई. दावे के मुताबिक, इस्लाम ने स्थानीय हिंदुओं को भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को वोट न देने या राज्य से निकाले जाने को तैयार रहने की धमकी देकर डराया था, जिसके बाद उसे बेरहमी से पीटा गया था. (आर्काइव)

प्रो-बीजेपी X हैंडल @जयपुरडायलॉग्स, रिटायर्ड IAS अधिकारी संजय दीक्षित चलाते हैं. इन्होंने भी वायरल दावों के साथ वीडियो शेयर किया. बाद में पोस्ट हटा दी गई. (आर्काइव)

नियमित तौर पर सांप्रदायिक ग़लत सूचना शेयर करने वाला X हैन्डल @ocjain4 ने भी इसे शेयर किया. (आर्काइव)
इसे शेयर करने वाले अन्य यूज़र्स में @Jatassociation, @Jai_Shree_Ram_G, @CommanMan777589 शामिल हैं. (आर्काइव: 1, 2, 3)
फ़ैक्ट-चेक
दावे की सच्चाई की जांच करने के लिए हमने वायरल क्लिप से की-फ्रेम लिए. ऐसे ही एक फ्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च करने से हमें 17 जून, 2022 को पब्लिश नवभारत टाइम्स की ये न्यूज़ रिपोर्ट मिली.

इस रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हिंसक हो गई, जिसके बाद पथराव, आगजनी हुई थी. इलाके के दुकानदारों ने जवाबी कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों की पिटाई की और उन्हें पुलिस को सौंप दिया.
वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें बैकग्राउंड में एक नोटिसबोर्ड मिला जिस पर लिखा है, “टेलीफ़ोन कॉलोनी: नगर निगम, वाराणसी.” इससे साबित होता है कि क्लिप मुर्शिदाबाद की नहीं है, जैसा कि दावा किया जा रहा था.

क्लिप का वायरल हिस्सा इस यूट्यूब वीडियो में भी पाया जा सकता है, जो 4 मिनट 37 सेकेंड के टाइमस्टैम्प से शुरू होता है. इसे वाराणसी स्थित न्यूज़ एजेंसी “लाइव VNS” द्वारा 17 जून, 2022 को अपलोड किया गया था.
इसे ध्यान में रखते हुए, हमने X पर एक सबंधित कीवर्ड सर्च किया और वाराणसी में कथित अराजकता के उसी दिन, यानी 17 जून, 2022 (@reporternimisha) की ये पोस्ट मिली.
वाराणसी स्थानीय और उपद्रवियों के बीच हुई झड़प तोड़फोड़ और बंदी कराने आए युवकों को स्थानीय लोगो ने पीटा
अग्निपथ स्कीम के विरोध में युवा दुकान बंद कराने गए थे
स्थानीय लोगो ने उपद्रवी युवाओं को दौड़ा दौड़ा कर पीटा
सिगरा थाना क्षेत्र के काशी विद्यापीठ के पास का मामला #AgnipathScheme pic.twitter.com/YWhHKOrusz— Nimisha Bajpai (@reporternimisha) June 17, 2022
कैप्शन में लिखा है: “वाराणसी में स्थानीय लोगों और उपद्रवियों के बीच झड़प हुई; तोड़फोड़ करने और दुकानें बंद कराने आए युवकों को स्थानीय लोगों ने पीटा; अग्निपथ योजना के विरोध में दुकानें बंद कराने गए थे युवा. स्थानीय लोगों ने उपद्रवी युवकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. सिगरा थाना क्षेत्र के काशी विद्यापीठ के पास की घटना.”
हमें उसी दिन (@PushpenderKrT) की एक और X पोस्ट मिली, जिसमें वाराणसी में अराजकता पर रिपोर्ट की गई थी, जिसमें वो क्लिप भी शामिल थी जो अब भ्रामक रूप से वायरल है.
#Varanasi में दुकानों में तोड़फोड़ करने वालों की स्थानीय लोगों ने जमकर दैहिक समीक्षा की। वीडियो में गालीगलौज भी है।#AgnipathScheme #AgnipathProtests #AgnipathSchemeProtest #Kashi #Agniveer pic.twitter.com/SwAmPuLlTt
— Pushpendra Kr. Tripathi (@PushpendraKrT) June 17, 2022
कुल मिलाकर, वायरल वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया गया कि इसमें पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में स्थानीय हिंदुओं द्वारा एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई करते हुए दिखाया गया है. असल में ये 2022 अग्निपथ के विरोध के दौरान उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई हिंसक प्रदर्शन का है. इसलिए, इसे बंगाल से जोड़ने वाले दावे झूठे हैं.
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