कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक तस्वीर शेयर की जिसमें इंडियन ऑयल-अदानी गैस स्टेशन दिख रहा है. इसके साथ ये कहा जा रहा है कि BJP के शासन में पब्लिक सेक्टर की तेल और गैस कम्पनियों को अदानी ग्रुप को बेच दिया गया.

इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी उन कांग्रेस नेताओं में से हैं जिन्होंने ऐसा दावा किया है. उनके ट्वीट को 2 हज़ार से अधिक रीट्वीट्स मिले हैं.

और भी कई कांग्रेस वर्कर्स जैसे MLA कुनाल रोहिदास पाटिल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सोशल मीडिया कन्वीनर सरल पटेल, महाराष्ट्र महिला कांग्रेस नेता सुलोचना वाघ, MP जसबीर सिंह गिल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर गौरव पांधी और युवा कांग्रेस नेता दीपक वर्थुर ऐसे नाम हैं जिन्होंने ये तस्वीर शेयर की है. पांधी के ट्वीट को दिल्ली कांग्रेस ने रीट्वीट किया है और वर्थुर के ट्वीट को ऐक्टिविस्ट कविता रेड्डी ने रीट्वीट किया है.

इसी तरह राष्ट्रीय जनता दल यूथ विंग ने भी वायरल तस्वीर ट्वीट की जिसे RJD के ट्विटर हैंडल ने बढ़ावा दिया. RJD के ट्विटर पर 5 लाख से अधिक फ़ॉलोवर्स हैं.

ब्लॉगर राजू पारुलकर ने भी ये तस्वीर ट्वीट की है. उनके ट्वीट को 1 हज़ार से अधिक बार रीट्वीट किया गया है.

फ़ेसबुक पर इस वायरल तस्वीर को कई यूज़र्स ने शेयर किया है. इसके अलावा बंगाली और तमिल यूज़र्स के बीच भी ये तस्वीर फ़ेसबुक पेज ‘শ্রমজীবী – The Labour‘ और ‘Tamil Nationalism – தமிழ் தேசியம்‘ के ज़रिये पहुंची है. फ़ेसबुक पेज मुशाफिर ने भी ये तस्वीर शेयर की.

ग़लत दावा

इंडियन ऑयल-अदानी गैस प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट के अनुसार IOAG एक जॉइंट वेंचर प्राइवेट कंपनी है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC), जो भारत सरकार की एक महारत्न कंपनी है और अदानी गैस लिमिटेड (AGL), जो एक गैस वितरण कंपनी और अदानी ग्रुप का हिस्सा है, इस जॉइंट वेंचर का हिस्सा हैं.

फ़र्स्ट पोस्ट के अनुसार दोनों कम्पनियां 2013 में देशभर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर कंपनी की तरह शामिल हुई थीं. 2013 में कांग्रेस की सत्ता थी और BJP इसके एक साल बाद ही केंद्र में आई थी.

इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर नेचुरल गैस सेक्शन के तहत IOAG सहित कई जॉइंट वेंचर्स शामिल हैं. वेबसाइट के अनुसार, गैस वितरण परियोजनाएं चंडीगढ़, इलाहाबाद, पानीपत, एर्नाकुलम, दमन, उधमसिंह नगर और धारवाड़ में अदानी गैस लिमिटेड के साथ जॉइंट वेंचर कंपनी के तहत कार्य कर रही हैं.

प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फ़ैक्ट-चेक विंग ने भी इस वायरल दावे को ख़ारिज किया है.

यानी, कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने ये ग़लत दावा किया कि अदानी ग्रुप ने इंडियन ऑयल खरीद लिया है. 2 महीने पहले ऑल्ट न्यूज़ ने एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट में इस दावे को ख़ारिज किया था कि भारतीय रेलवे को अदानी के हाथों बेच दिया गया. ऐसा ही एक और ग़लत दावा कांग्रेस सदस्यों ने किया था कि सरदार वल्लभ भाई पटेल एयरपोर्ट का नाम अदानी एयरपोर्ट कर दिया गया है.

असत्य
दावा:
BJP ने इंडियन ऑयल को अदानी ग्रुप को नहीं बेचा

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है।

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें