सोशल मीडिया पर दुर्गा पूजा पंडाल की एक तस्वीर काफ़ी वायरल हो रही है. तस्वीर में पंडाल के बाहर एक बोर्ड दिख रहा है जिस पर नमाज़ का समय लिखा है. कई लोगों ने दावा किया कि ये पंडाल पश्चिम बंगाल का है जहां हिंदुओं को नमाज़ के वक़्त पूजा न करने को कहा गया.
भद्रलोक बंगाल के दुर्गा पंडाल में आपका स्वागत है, जिसमे खुद भद्रलोक हिंदुओ ने लिख रखा है की इस इस समय के बीच आपको
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Posted by Nitin Shukla नितिन शुक्ला on Friday, 15 October 2021
ये तस्वीर फ़ेसबुक और ट्विटर पर शेयर की जा रही है.
इसी को कहते हैं सच्ची सेकुलरिज्म #भद्रलोक #बंगाल के दुर्गा पंडाल में आपका स्वागत है,जिसमे खुद भद्रलोक #हिंदुओ ने लिख रखा था की इस इस समय के बीच में आपको #मंत्र नही पढ़ना है #भजन नही गाना है और न ही #पूजा करना है क्योकि उस समय नमाज का समय होताअब इनसे आप कौन सी उम्मीद लगा सकते हैं? pic.twitter.com/2QJCCQkeud
— Rajeev Sinha (@RajeevS07040410) October 16, 2021
ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और मोबाइल एप्लिकेशन पर इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.
बांग्लादेश की तस्वीर
बोर्ड पर सबसे नीचे बांग्ला में लिखा था- “উত্তরা সার্বজনীন পূজা কমিটি” (अनुवाद- उत्तरा सारबोजोनिक पूजा समिति). ये बांग्लादेश के ढाका की पूजा समिति है.

इस पूजा समिति की वेबसाइट भी है.
उत्तरा सारबोजोनिक पूजा समिति सर्च करने पर हमें एक बांग्लादेशी फ़ेसबुक पेज का फ़ेसबुक लाइव वीडियो मिला.
উত্তরা সার্বজনীন পুজা কমিটি, ঢাকা।
Posted by ঠাকুরগাঁওয়ের পূজা on Thursday, 14 October 2021
इस लाइव वीडियो में दिख रहे पंडाल और वायरल तस्वीर में दिख रहे पंडाल में समानताएं दिखीं जिन्हें नीचे दिखाया गया है. दुर्गा मूर्ति के ऊपर सीढ़ियां, झूमर और मूर्ति के दोनों तरफ के खंभे एक जैसे हैं.
वीडियो में नमाज़ के शेड्यूल वाला बोर्ड भी नज़र आता है.

एक बांग्लादेशी फ़ेसबुक यूज़र ने लिखा कि उत्तरा सारबोजोनिक पूजा समिति ने नमाज़ के दौरान संगीत बजने से रोकने के लिए बोर्ड लगाया था.
इस तरह, ये तस्वीर पश्चिम बंगाल की नहीं बल्कि बांग्लादेश के एक दुर्गा पूजा पंडाल की है.





