हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम लेना फैशन होने’ के बयान ने देश की राजनीति को गरमा दिया है. विपक्षी दलों ने अमित शाह पर डॉ. अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और उनसे माफी मांगने तथा इस्तीफा देने को कहा. इसे लेकर संसद के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भी काफी हंगामा हुआ था. आम आदमी पार्टी ने भी सत्तारूढ़ दल भाजपा पर डॉ. अंबेडकर का मज़ाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए इसके जवाब में दलित बच्चों की विदेश में पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए अंबेडकर स्कॉलरशिप योजना की घोषणा की.

इसी बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भाषण का 9 सेकेंड का एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. वीडियो में वो कहते हैं कि जिसने संविधान लिखा होगा उसने भी दारू पी कर ही संविधान लिखा होगा. ये क्लिप शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उन्होंने डॉ भीम राव अंबेडकर के बारे में ये कहा कि उन्होंने दारू पीकर संविधान लिखा था.

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने वायरल वीडियो ट्वीट करते हुए अरविंद केजरीवाल को दलित विरोधी करार देते हुए कहा कि ये आम आदमी पार्टी के मुखिया का असली रंग है. (आर्काइव लिंक)

भाजपा नेत्री ऋचा राजपूत ने वायरल वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि ये अरविंद केजरीवाल के बाबा साहेब अंबेडकर के प्रति विचार हैं. (आर्काइव लिंक)

भाजपा समर्थक विभोर आनंद ने वीडियो शेयर करते हुए अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की मांग की और लोगों से ये वीडियो ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की. (आर्काइव लिंक)

इसी प्रकार अक्सर गलत जानकारी शेयर करने वाले भाजपा समर्थक जितेंद्र प्रताप सिंह, अनुपम मिश्रा, पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की सोशल मीडिया इंचार्ज लक्ष्मी सिंह, आदि ने भी सोशल मीडिया पर ये क्लिप इसी दावे के साथ शेयर की.

फ़ैक्ट-चेक

आम आदमी पार्टी समर्थक सिद्धार्थ ने ऑल्ट न्यूज़ को टैग करते हुए एक ट्वीट पर रिप्लाई दिया और कहा कि वायरल वीडियो फ़र्ज़ी है.  इसके साथ ही उन्होंने वायरल वीडियो का एक लंबा वर्ज़न भी शेयर किया जिसमें अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं, “इस दौरान मैंने सारी पार्टियों के संविधान पढ़े हैं. कांग्रेस का संविधान कहता है कोई कांग्रेसी शराब नहीं पिएगा, तो हम लोग बैठे थे कोई कह रहा था जिसने संविधान लिखा होगा उसने भी दारू पी के ही संविधान लिखा होगा.”

सिद्धार्थ ने अगले ट्वीट में एक यूट्यूब लिंक भी शेयर किया था. इसे 3 दिसंबर 2012 को अपलोड किया गया था. वीडियो के डिसक्रिप्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक, ये वीडियो 25 नवंबर 2012 का है जब अरविंद केजरीवाल राजघाट पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे. वीडियो में 4 मिनट 20 सेकेंड के टाइमस्टैम्प पर अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टियों के संविधान की आलोचना करते हुए कहा कि बाँकी पार्टियों का संविधान झूठा है, वो खुद अपना संविधान नहीं मानते. इसी दौरान उन्होंने आगे कहा था कि कांग्रेस पार्टी का संविधान कहता है कि उनका कोई कार्यकर्ता शराब नहीं पिएगा, इसी पर उन्होंने आगे कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें किसी ने कहा कि जिसने कांग्रेस पार्टी का संविधान लिखा होगा उसने शराब पीकर ही संविधान लिखा होगा.

यानी, भाजपा नेताओं और समर्थकों ने अरविंद केजरीवाल के 12 साल पुराने वीडियो को काट-छाँटकर शेयर किया और झूठा दावा किया कि उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर के बारे में कहा कि उन्होंने दारू पीकर संविधान लिखा होगा. असल में अरविंद केजरीवाल का ये कटाक्ष कांग्रेस पार्टी के संविधान पर था.

ग़लत
दावा:
अकविंद केजरीवाल ने डॉ भीमराव अंबेडकर के बारे में कहा कि उन्होंने दारू पीकर संविधान लिखा होगा.

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