6 अक्टूबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस बीआर गवई पर हमले के निंदनीय घटना घटी. अब कुछ यूज़र्स एक वीडियो शेयर कर दावा कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर हमला किया गया है.

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल 16 सेकेंड के एक वीडियो में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर एक व्यक्ति हमला करते हुए नज़र आ रहा है. अचानक हुए इस हमले के कारण अधिवक्ता प्रशांत भूषण अपनी कुर्सी से नीचे गिर जाते हैं. वीडियो के बैकग्राउंड से एक महिला की आवाज़ में बताया जा रहा है कि टीम अन्ना के सदस्य ने प्रशांत भूषण पर उनके चेंबर में हमला किया.  वीडियो में हमला कर रहा शख़्स कश्मीर पर कुछ बोल रहा है और पीछे से ‘जय श्री राम’ के नारे भी सुनाई देते हैं.

इसी वीडियो को बिहार दर्शन न्यूज़ के पत्रकार असलम परवेज़ ने 12 अक्टूबर 2025 को अपने फेसबुक पर शेयर करते हुए लिखा, “सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर हुआ हमला”

असलम परवेज़ के इस वीडियो को बहुजन समाज (मजदूर कामगार कारीगर पशुपालक खेतिहर) नामक फ़ेसबुक ग्रुप में भी शेयर किया गया.  इस समूह में 62 हज़ार से ज्यादा सदस्य जुड़े हुए हैं. इसके अलावा फ़ेसबुक यूज़र डॉ. श्रीधर पवार समेत और भी कई यूजर्स ने वीडियो शेयर किया.

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल दावे के संबंध में की वर्ड सर्च किया. हमें हाल में प्रशांत भूषण पर हमले की कोई भी विश्वसनीय न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली.

हमने वायरल वीडियो के कुछ की-फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें 13 अक्टूबर 2011 को टाइम्स नाउ न्यूज़ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक रिपोर्ट मिली जिसमें बताया गया है प्रशांत भूषण के जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों की वापसी और जनमत संग्रह की मांग का समर्थन वाले कथित बयान के कारण उनके कोर्ट चेंबर में एक अज्ञात संगठन और भगत सिंह क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने हिंसक हमला किया.

इस रिपोर्ट में अभी वायरल हो रहा हिस्सा 00:21 सेकेंड पर नज़र आता है.

12 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजे टाइम्स नाउ चैनल की एक टीम को इंटरव्यू दे रहे प्रशांत भूषण पर उनके ही चैंबर में श्री राम सेना के और एक अज्ञात संगठन, भगत सिंह क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने हिंसक हमला किया.

आगे रिपोर्ट में बताया गया है कि हमले के बाद वकीलों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. हमलावर ने पूछताछ के दौरान अपना नाम श्री राम सेना की दिल्ली इकाई का अध्यक्ष इंदर वर्मा बताया था. उसने कथित तौर पर दूसरे हमलावर का नाम भगत सिंह क्रांति सेना के अध्यक्ष तजिंदर पाल सिंह बग्गा बताया था. ध्यान दें तजिंदर पाल सिंह बग्गा बीजेपी के प्रवक्ता हैं. साथ ही हमलावर ने दावा किया था कि यह हमला जम्मू-कश्मीर पर उनके हालिया बयान का बदला लेने के लिए किया गया था.

रिपोर्ट के अनुसार, हमले में प्रशांत भूषण के पैर और सिर में चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उन्होंने पुलिस में अपनी बयान दर्ज करवाई और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर श्री राम सेना जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने और उनका सामाजिक बहिष्कार करने के बारे में सोचने का आह्वान किया. उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि वे उन पर हुए हमले पर हिंसक प्रतिक्रिया न करें.

यानी, वायरल वीडियो 2011 में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता व कार्यकर्ता प्रशांत भूषण पर हुए हमले का है. हाल में ऐसी कोई घटना नहीं है.

ग़लत
दावा:
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर हुआ हमला

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