सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें वर्दी में बैठे एक पुलिसकर्मी को दो लोगों ने पकड़ा हुआ है और एक व्यक्ति उसकी जेब से नोटों का बंडल निकाल रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रभाव के चलते छत्तीसगढ़ में एक सब-इंस्पेक्टर को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है.

गौरव पाल नामक एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने पूरे देश में सड़े-गले और जर्जर सिस्टम की सफाई शुरू कर दी है. छत्तीसगढ़ में एक सब-इंस्पेक्टर को ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया.” (आर्काइव लिंक)

कॉकरोच न्यूज़ इंडिया नाम के एक हैन्डल ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने देश भर में सड़े हुए सिस्टम की सफाई शुरू कर दी है. छत्तीसगढ़ में ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए एक सब-इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ा गया है. (आर्काइव लिंक)

क्रांति राज नामक यूजर ने भी इसी तरह के दावे के साथ इस वीडियो को शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

जब हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया गया, तो हमें ये वीडियो 26 फरवरी 2026 को ‘न्यूज़ एक्स वर्ल्ड’ द्वारा पोस्ट किया हुआ मिला. इस पोस्ट में साफ तौर पर बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में सब-इस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को एसीबी ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. इससे इतना तो साफ है कि ये वीडियो कम-से-कम 3 महीने पुराना है.

हमें दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 25 फरवरी 2026 को इस मामले से जुड़ी एक रिपोर्ट पब्लिश्ड मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की पोड़ी चौकी में तैनात सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ ने एक किसान को हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी. जब पीड़ित किसान ₹25,000 की नकद राशि लेकर सब-इंस्पेक्टर को देने पहुंचा, तब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया.

हमें नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 26 फरवरी 2026 को मामले से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के मुताबिक, पोड़ी पुलिस चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव ने सतेन्द्र प्रजापति नाम के व्यक्ति को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ₹50,000 मांगे थे. सतेन्द्र ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी, जिसके बाद एसीबी ने केमिकल लगे नोटों के साथ जाल बिछाया. जैसे ही सतेन्द्र ने 25,000 रुपये की पहली किस्त अब्दुल मुनाफ को दी और उसने नोट अपनी जेब में रखे, वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया. जब उसके हाथ और नोट केमिकल वाले पानी में डुबाए गए, तो पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया, जिससे उसकी रिश्वतखोरी कैमरे पर साबित हो गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

कुल मिलाकर, वायरल वीडियो असल में फरवरी 2026 की एक एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई का है. इस घटना का ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से कोई लेना-देना नहीं है. लोग सोशल मीडिया पर एक पुरानी और सच्ची आपराधिक कार्रवाई के वीडियो को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर कर रहे हैं, जबकि इस घटना के समय इस पार्टी का कोई अस्तित्व भी नहीं था. ये पार्टी 16 मई, 2026 को बनाई गई है.

ग़लत
दावा:
कॉकरोच जनता पार्टी के पहल से छत्तीसगढ़ में एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते पकड़ा गया है.

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