पुलवामा आतंकी हमले के बाद कहां थे प्रधानमंत्री? राहुल गांधी और भाजपा के दावों की पड़ताल

पुलवामा में 40 जवानों की शहादत की खबर के तीन घंटे बाद भी ‘प्राइम टाइम मिनिस्टर’ फिल्म शूटिंग करते रहे। देश के दिल व शहीदों के घरों में दर्द का दरिया उमड़ा था और वे हँसते हुए दरिया में फोटोशूट पर थे। #PhotoShootSarkar

उपरोक्त संदेश, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों के एक सेट के साथ 22 फरवरी की सुबह ट्वीट किया।

इन तस्वीरों के आधार पर गांधी, पीएम मोदी पर यह कहते हुए बरसे कि आतंकी हमले की खबर सामने आने के तीन घंटे बाद मोदी एक फ़िल्म की शूटिंग कर रहे थे। खबरों के अनुसार, पुलवामा का आतंकी हमला 14 फरवरी को अपराह्न 3:10-3:15 के बीच हुआ जब विस्फोटकों से लदी कार सीआरपीएफ कर्मियों को ले जा रही एक बस से टकरा दी गई।

भाजपा ने कांग्रेस पर तथ्यों से हेरफेर का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस द्वारा उल्लिखित वीडियो शूटिंग सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के काफी पहले पूरी हो चुकी थी। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक बयान में एक वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारी द्वारा दावा किया गया, “14 फरवरी की दोपहर प्रधानमंत्री ने कॉर्बेट नेशनल पार्क में तीन परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा की। ये परियोजनाएं बचाव केंद्र, सफारी सुविधाओं और निगरानी तंत्र से संबंधित हैं। इसके बाद उन्होंने पर्यटन प्रोत्साहन और जलवायु परिवर्तन जागरूकता के लिए डिस्कवरी के साथ एक संक्षिप्त शूटिंग की और फिर रुद्रपुर में जनसभा के लिए निकल गए। लगभग 3:30 बजे के बाद जब वे कॉर्बेट से रुद्रपुर के रास्ते में थे, उस हमले की खबर सामने आई। अपराह्न 4 बजे से 4:45 बजे तक वे लगातार फोन पर परिस्थिति की समीक्षा और बैठकें करते रहे।”

इस पदाधिकारी ने आगे कहा, “अंततः शाम 5:15 बजे पीएम ने सभा को फोन पर संबोधित करने का निर्णय किया और 5-7 मिनट में इसे खत्म किया। इसके बाद, हवाई जहाज से दिल्ली वापस जाने के लिए वे तुरंत सड़क मार्ग से बरेली रवाना हो गए।” उस पदाधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि प्रधानमंत्री रामनगर में एक रेस्ट हाउस में रुके और पुनः परिस्थिति की समीक्षा की व जरूरी आदेश दिए।

भाजपा का बचाव

टाइम्स ऑफ इंडिया के लेख में दिए गए यात्रा कार्यक्रम में यह विवरण नहीं है कि डिस्कवरी के लिए शूटिंग कब शुरू या समाप्त हुई, जो कि विवाद का असली मुद्दा है। इसकी बजाय, सरकारी पदाधिकारी ने अनिश्चित वाक्यांश “संक्षिप्त शूटिंग” का उपयोग किया, जिससे यह पता नहीं चलता कि शूटिंग कितनी देर चली। यात्रा कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री की अपराह्न 4 बजे तक की गतिविधियों का समयबद्ध (timestamps) ब्यौरा नहीं है।

आगे, टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए सरकारी पदाधिकारी के बयान के अनुसार, पीएम शाम 5:15 बजे रुद्रपुर की राजनीतिक रैली को फोन पर 5-7 मिनट संबोधित करने के बाद बरेली के लिए निकल गए। ऑल्ट न्यूज़ को पीएम का काफिला गुजरने वाले इलाकों में लोगों द्वारा शूट किए गए लाइव फेसबुक वीडियो मिले, जिससे इस दावे की सच्चाई की जांच की गई।

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीएम खिनानौली गेस्ट हाउस में थे जहां उन्होंने डिस्कवरी के साथ अपनी शूटिंग की। इस गेस्ट हाउस से निकलने के बाद वे ढंगरी गेट से फॉरेस्ट रिजर्व से बाहर निकले और बरेली का रुख करने से पहले पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की ओर गए। नीचे दी गई तस्वीर में इन स्थानों का नक्शा 5किमी के पैमाने के साथ दिया गया है।

ऑल्ट न्यूज़ को शाम 7:29 बजे रामनगर में लखनपुर चुंगी पर के कई लाइव फेसबुक वीडियो मिले, जहां से पीएम, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से बरेली के लिए गुजर रहे थे। हमने एक ट्विटर यूजर से बात करके, वीडियो का स्थान लखनपुर चुंगी निश्चित किया, जिन्होंने उस जगह से वीडियो पोस्ट किया था।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रामनगर

Posted by Ankit Dangwal on Thursday, 14 February 2019

खिनानौली रेस्ट हाउस और पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के बीच की कुल दूरी 37किमी से ज्यादा है।

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार, बरेली जाने से पहले रामनगर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पीएम ने लगभग 19 मिनट गुजारे। यह ध्यान में रखकर कि पीएम लखनपुर चुंगी से शाम 7:30 बजे गुजरे, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में वे संभवतः शाम 7:00-7:10 बजे के बीच पहुंचे रहे होंगे।

हमें शाम 6 बजकर 19 मिनट पर एक लाइव यूट्यूब वीडियो भी मिला, जिसका दावा था कि पीएम रामनगर में हैं, जिससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री इस समय तक फॉरेस्ट रिजर्व से निकल चुके थे।

खिनानौली गेस्ट हाउस से ढंगरी गेट की लगभग 20किमी की दूरी और रिजर्व के अंदर की खाली सड़क के साथ यह अनुमान किया जा सकता है कि गेस्ट हाउस से पीएम शाम कोई 5:30 बजे के आसपास चले होंगे, जो भाजपा के इस दावे से संगतपूर्ण लगता है कि पीएम शाम 5:15 बजे रुद्रपुर की सभा को संबोधित करने (फोन पर) के तुरंत बाद बरेली के लिए निकल गए।

लेकिन, भाजपा के इस दावे, कि पीएम अपराह्न 3:30 बजे रुद्रपुर के लिए निकल गए, को लेकर, फॉरेस्ट रिजर्व से पीएम के उस समय निकलने का कोई प्रमाण नहीं है। जब पीएम परिस्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन कर रहे थे, उस समय के उनके लोकेशन (स्थान) के बारे में भाजपा की टाइमलाइन चुप है।

पीएम की यात्रा की अनुमानित टाइमलाइन

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और लाइव वीडियो के आधार पर ऑल्ट न्यूज़ ने पीएम की यात्रा का एक संभव टाइमलाइन तैयार किया है।

दोपहर 12:10 बजे: अफजलगढ़ में संत मेरी इंटर कॉलेज आगमन, हेलीकॉप्टर द्वारा।

दोपहर 12:30 बजे: पीएम कालागढ़ डैम के लिए रवाना।

दोपहर 12:45-1:15 बजे: रामगंगा जलाशय में बोट की सवारी ढिकाला की ओर। 30-40 मिनट बोट की सवारी।

दोपहर 1:25-1:55 बजे: पीएम जिम कॉर्बेट पार्क (ढिकाला ज़ोन) पहुंचे।

अपराह्न 3:10 बजे: पुलवामा आतंकी हमला।

शाम 5:15 बजे: रुद्रपुर की रैली को फोन से संबोधन।

शाम 5:30 बजे: पीएम बरेली के लिए निकले, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, रामनगर होकर।

शाम 6:00-6:15 बजे: कॉर्बेट रिजर्व से बाहर निकले, ढंगरी गेट से।

शाम 7:00 बजे: पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे।

शाम 7:29 बजे: लखनपुर चुंगी, रामनगर से गुजरे, बरेली की ओर जाते हुए।

बोट की सवारी के फोटो कब लिए गए?

अपराह्न 3:10-3:15 के आसपास हमला हुआ। राहुल गांधी ने चार तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिनमें से तीन में पीएम मोदी बोट की सवारी करते दिखते हैं।

यह बोट की सवारी रामगंगा सरोवर से ढिकाला की थी और पुलवामा में आतंकी हमले के पहले हुई थी। इसकी पुष्टि केवल खबरों से नहीं, बल्कि उत्तराखंड के एक भाजपा कार्यकर्ता के ट्वीट से भी होती है, जिन्होंने पीएम मोदी की उन तस्वीरों में से एक पोस्ट की थी, जिनका राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में उपयोग किया था।

इस ट्वीट के समय पर ध्यान दें। यह ट्वीट दोपहर 1:52 बजे किया गया था, पुलवामा हमले के एक घंटा से ज्यादा पहले। इसके अलावा, ईटीवी उत्तराखंड ने 14 फरवरी को रिपोर्ट किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “करीब 12 बजे कालागढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने रामगंगा बांध के सौंदर्य को निहारा। कालागढ़ डैम की सैर के बाद प्रधानमंत्री बोट से कॉर्बेट पार्क पहुंचे। उनके साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहे। दोपहर 2 बजे, प्रधानमंत्री कॉर्बेट पार्क पहुंचे। यहां से वे ढिकाला ज़ोन पहुंचे।”

यह निर्णायक रूप से स्थापित करता है कि राहुल गांधी द्वारा पोस्ट की गई पीएम मोदी की बोट की सवारी की तीन तस्वीरें, आतंकी हमले के पहले ली गई थीं।

चौथी तस्वीर के बारे में

राहुल गांधी द्वारा पोस्ट की गई चौथी तस्वीर, प्रधानमंत्री मोदी को पीछे से दिखलाती है और यह दूसरी तस्वीरों से अलग है। कैमरापर्सन को जिस प्रकार उनकी तस्वीर क्लिक करते हुए देखा जा सकता है, उससे ऐसा लगता है कि पीएम मोदी कैमरे के लिए पोज़ दे रहे हैं।

उपरोक्त तस्वीर राहुल गांधी द्वारा पोस्ट की गई तीन तस्वीरों से इसलिए भी अलग है, क्योंकि इसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने दूसरे कपड़े पहने हैं। इससे लगता है कि यह तस्वीर किसी और समय ली गई है। हमने सही ढंग से तुलना करने के लिए तस्वीर को ज़ूम करके देखा।

यह ध्यान देने योग्य है कि पीएम मोदी देहरादून में जॉली ग्रान्ट हवाई अड्डे पर 14 फरवरी की सुबह पहुंचे। यहां फिर उन्होंने दूसरे कपड़े पहने हैं और कालागढ़ के लिए हेलीकॉप्टर की सवारी के दौरान उन्होंने जो पहने कपड़े पहने थे, उससे अलग है।

ऑल्ट न्यूज़ ने हेलीकॉप्टर से पीएम मोदी के संत मेरी कॉलेज पहुंचने के वीडियो फुटेज देखे, जहां से उनका काफिला कालागढ़ डैम गया।

यदि आप उपरोक्त वीडियो में पीएम मोदी की पोशाक पर ध्यान दें, तो चौथी तस्वीर में उनके द्वारा पहनी गई पोशाक इस वीडियो के पोशाक से नहीं मिलती है। यह दिखलाता है कि चौथी तस्वीर, बाकी तीन से अलग है, जो बाद में खींची गई अर्थात, बोट की सवारी के बाद।

14 फरवरी की घटनाओं के क्रम का पता लगाने के प्रयास में, ऑल्ट न्यूज़, हिंदी दैनिक अमर उजाला के एक लेख तक पहुंचा, जिसमें रिपोर्ट किया गया था कि डिस्कवरी चैनल का एक दल उस बोट पर मौजूद था जिससे पीएम मोदी कालागढ़ डैम से ढिकाला तक गए। अमर उजाला ने यह भी बताया कि डिस्कवरी चैनल के दल ने बोट में पीएम मोदी की वीडियोग्राफी की। बाद में पीएम मोदी खिनानौली गए। दिलचस्प बात यह है कि यह लेख अब हटा दिया गया है, हालांकि इसका आर्काइव संस्करण यहां देखा जा सकता है।

ऑल्ट न्यूज़ को अमर उजाला का एक और लेख मिला, जिसमें यही उल्लिखित है- पीएम मोदी ने कालागढ़ डैम से ढिकाला तक बोट की सवारी की। बाद में पीएम मोदी खिनानौली गए, जहां, अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शूटिंग जारी रही।

जहां तक राहुल गांधी द्वारा पोस्ट की गई चौथी तस्वीर का सवाल है, इसके, कॉर्बेट पार्क के ढिकाला ज़ोन में बोट की सवारी के बाद लिए जाने की सर्वाधिक संभावना लगती है, इस अनुमान के साथ कि उन्हें यहां आने के पहले कपड़े बदलने का अवसर नहीं मिल पाया होगा।

निष्कर्ष रूप में, पीएम मोदी को आड़े हाथ लेने के लिए राहुल गांधी द्वारा उपयोग में लाई गई चार तस्वीरों में से तीन पुलवामा हमले के पहले क्लिक की गई थीं; चौथी तस्वीर क्लिक किए जाने का समय निर्धारित करना, प्रधानमंत्री के यात्रा कार्यक्रम के सही ब्यौरे के बिना, संभव नहीं लगता है। कांग्रेस का दावा कि पीएम शाम 6:30 बजे तक डिस्कवरी के साथ शूटिंग में थे, की पुष्टि नहीं होती है, लेकिन भाजपा द्वारा कोई निर्णायक प्रमाण नहीं रखा गया कि पीएम के पास पुलवामा हमले की सूचना पहुंचने के पहले शूटिंग पूरी हो चुकी थी।

इसी समय, भाजपा की प्रतिक्रिया कई अनुत्तरित सवाल भी खड़े करती है। पीएम, पुलवामा हमला होने के समय और उसके ठीक बाद, क्या कर रहे थे? अगर आतंकी हमले की खबर उन्हें रुद्रपुर के रास्ते में मिली, तो रिजर्व से उनके निकलने का कोई प्रमाण क्यों नहीं है? अगर वे गेस्ट हाउस छोड़ चुके थे और रुद्रपुर के अपने रास्ते में थे तो उन्होंने अपनी बैठकें कहां की और कॉल कहां से किया। क्यों भाजपा की प्रतिक्रिया में पुलवामा हमले के समय और ठीक बाद का पीएम का सही यात्रा कार्यक्रम देने को टाला गया? अंतिम, लेकिन महत्वपूर्ण, डिस्कवरी की शूटिंग होने का पूरा सही समय क्या है?

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