एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. इसे शेयर करने वाले लिख रहे हैं, “अशोक वाटिका में सीता माता जिस शिला पर बैठती थीं, वह शिला श्री लंका एअर लाइन्स द्वारा आज अयोध्या पहुँचा दी गईं.”

 

अशोक वाटिका में सीता माता जिस शिला पर बैठती थीं,
वह शिला श्री लंका एअर लाइन्स द्वारा आज अयोध्या पहुँचा दी गईं। 🚩 जय सीता राम 🚩

Posted by श्याम सुन्दर दीवान on Tuesday, 2 November 2021

ट्विटर पर आशीष जग्गी नाम के एक यूज़र ने ये वीडियो शेयर किया जिसे 3 लाख बार देखा जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

इसके अलावा व्हाट्सऐप पर भी ये वीडियो शेयर किया जा रहा है. ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर और मोबाइल एप्लिकेशन पर इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए रिक्वेस्ट मिली.

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फ़ैक्ट-चेक

एक ट्विटर यूज़र ने वीडियो के कमेंट में टाइम्स ऑफ़ इंडिया का आर्टिकल शेयर करते हुए बताया कि ये गौतम बुद्ध का अवशेष है. यूज़र ने इस ट्वीट में ऑल्ट न्यूज़ को टैग किया.

20 अक्टूबर की टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट में ये वीडियो भी दिखता है. रिपोर्ट के अनुसार, कुशीनगर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट पर श्रीलंका की फ्लाइट का स्वागत किया गया और योगी आदित्यनाथ बुद्ध के धातु अवशेष प्राप्त किए. वीडियो में भी पत्थर जैसा कुछ नहीं दिखता है.

केंदीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस मौके की कुछ तस्वीरें 20 अक्टूबर को ट्वीट की और लिखा, “आश्विन पूर्णिमा के अवसर पर श्रीलंका से पवित्र बुद्ध के धातु अवशेष के पहुंचने पर एक औपचारिक पूजा की. बौद्ध भिक्षुओं के आगमन पर उनका स्वागत किया.”

यानी, जिस वीडियो को अशोक वाटिका का पत्थर बताया जा रहा है वो असल में गौतम बुद्ध का धातु अवशेष है. नेशनल काउंसिल ऑफ़ साइंस म्यूज़ियम ने भी इस मौके की एक तस्वीर शेयर की थी.

हालांकि 28 अक्टूबर को ANI ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का हवाला देते हुए एक ट्वीट किया. ट्वीट में दी गयी जानकारी के अनुसार, श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राम मंदिर के लिए अशोक वाटिका से लाई गई शिला दान में दी.

ग़लत
दावा:
अशोक वाटिका में सीता जिस शिला पर बैठती थीं, उसे श्रीलंका से भारत लाया गया.

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