मेलबॉर्न, ऑस्ट्रेलिया : नरेंन्द्र मोदी जी से प्रभावित फिलिपो ने अपने नए सेब के व्यवसाय को मोदी के नाम पर रखा। भारत के बाजारों में भी मिलेगा ये सेब।
यह संदेश सोशल मीडिया में कुछ तस्वीरों के साथ शेयर किया गया है, जिनमें ‘मोदी’ नाम के ब्रांड के साथ सेब दिखाई दे रहे हैं। इन्हें एक फेसबुक पेज ‘नमो अगेन’ और फेसबुक ग्रुप ‘वी सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ द्वारा भी अपलोड किया गया है।

इन तस्वीरों के साथ का संदेश ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर भी शेयर किया गया है।
मेलबॉर्न, ऑस्ट्रेलिया : नरेंन्द्र मोदी जी से प्रभावित फिलिपो ने अपने नए सेब के व्यवसाय को मोदी के नाम पर रखा। भारत के बाजारों में भी मिलेगा ये सेब। देख लो चमचों…आग लगे तो बर्नोल लगा लेना पिछवाड़े में😂😂#मोदी_है_तो_मुमकिन_है #ModiFor2019 #FattuPappu pic.twitter.com/WnOpxyE3Jx
— पूजा चौकीदार-मोदी समर्थक🚩🚩जयहिन्द वंदेमातरम (@Pooja09876089) March 25, 2019

उद्यमी हर्ष गोयनका, इस बारे में ट्वीट करने वालों में से थे।
BJP campaign goes global… pic.twitter.com/HHM5W2CaR7
— Harsh Goenka (@hvgoenka) March 25, 2019
मोडी सेब इटली से है!
लेकिन, नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों को हैरानी होगी कि मोदी सेब का नाम भारत के प्रधानमंत्री के नाम पर नहीं रखा गया है। यह वास्तव में सेब की एक किस्म है जिसे इटली में विकसित किया गया था। इस किस्म का आधिकारिक नाम CIVG198 है। सेब के इस ब्रांड के बारे में जानकारी www.modiapple.com वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से बहुत पहले, वर्ष 2007 में, यह डोमेन पंजीकृत किया गया था।

वेबसाइट के अनुसार, सेब की इस किस्म का नाम 19वीं शताब्दी के इटालियन कलाकार अल्मेडो मोडीग्लियानी के नाम पर रखा गया है।

एक और ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें मोदी अलग तरह से लिखा गया है। इसके अलावा, यह घोषणा की गई है कि सेब को भारतीय उपमहाद्वीप में लॉन्च किया जाएगा।

यह दोहराया जा सकता है कि नरेंद्र मोदी और सेब की इस किस्म के बीच कोई संबंध नहीं है।





