सोशल मीडिया पर वायरल एक दावे के मुताबिक, मुंबई के जाने-माने सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टी सलीम हैं और तिरुपति बालाजी मंदिर समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर रेड्डी को बताया गया है. मेसेज में चंद्रशेखर रेड्डी को ईसाई बताया गया है. ये मेसेज शेयर करते हुए यूज़र्स सवाल उठा रहे हैं कि मंदिर के ट्रस्टी हिन्दू धर्म से क्यों नहीं हैं? ट्विटर यूज़र ‘पवन पाण्डेय (राष्ट्रवादी)’ ने ट्वीट करते हुए ये दावा शेयर किया है. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र सुरेश शर्मा ने भी ये दावा ट्वीट किया है.

फ़ेसबुक पेज ‘Virat Hindu Samagam VHS’ ने भी यही दावा पोस्ट किया है.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये दावा वायरल है. फ़ेसबुक ग्रुप ‘We support Arnab goswami sir’ पर भी ये दावा शेयर किया गया है.

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फ़ैक्ट-चेक

इस दावे की असलियत जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने दोनों मंदिरों की वेबसाइटें खंगाली. इन दोनों मंदिरों के ट्रस्टी के हिन्दू नहीं होने के दावे की सच्चाई हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे.

सिद्धि विनायक मंदिर

सिद्धि विनायक मंदिर के चेयरमैन आदेश भांडेकर हैं. इसके अलावा, वेबसाइट में शामिल लिस्ट में सलीम नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं है. आदेश शिवसेना से भी जुड़े रहे हैं. आदेश ने साल 2009 में मुंबई की माहिम सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था. इसके अलावा, वो मराठी एक्टर भी हैं.

इस दावे का खंडन करते हुए द लल्लनटॉप ने एक एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट पब्लिश की थी. इस रिपोर्ट में आदेश भांडेकर के हवाले से बताया गया है, “सलीम नाम का कोई भी शख़्स सिद्धि विनायक मंदिर के बोर्ड का ट्रस्टी नहीं है. हमारे बोर्ड में कोई भी मुस्लिम सदस्य नहीं है. ये दावा पूरी तरह फ़ेक है. इससे पहले भी कोई मुस्लिम सदस्य बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ में नहीं था.”

तिरुपति बालाजी मंदिर

वेबसाइट से मिली ट्रस्टियों की लिस्ट में ‘चंद्रशेखर रेड्डी’ नाम का कोई शख़्स नहीं है. तिरुपति बालाजी मंदिर के चेयरमैन वाईवी सुब्बारेड्डी हैं.

सर्च करने पर मालूम हुआ कि सुब्बारेड्डी के ईसाई होने की खबरें तब भी छाई थी जब उन्हें तिरुपति बालाजी मंदिर का चेयरमैन बनाया गया था. मार्च 2020 की न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, “वाईवी सुब्बारेड्डी को मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने तिरुपति मंदिर का चेयरमैन बनाया था तो ये आरोप लगे थे कि सुब्बारेड्डी ख़ुद भी ईसाई हैं, इसलिए उन्हें ये ज़िम्मेदारी नहीं दी जा सकती. हालांकि बाद में सुब्बारेड्डी ने इसका खंडन किया और बताया कि वो ईसाई नहीं हैं.” सुब्बारेड्डी के ईसाई होने की अटकलें तब शुरू हुई जब वो टांगातूर के एक चर्च की प्रार्थनसभा में गए थे.

अक्सर सोशल मीडिया पर झूठी जानकारियां शेयर करने वाली मधू कीश्वर ने भी जून 2019 में वाईवी सुब्बारेड्डी के ईसाई होने का गलत दावा शेयर किया था. इसके बाद, वाई वी सुब्बा रेड्डी ने खुद एक आर्टिकल का स्क्रीनशॉट शेयर किया था. इस आर्टिकल का टाइटल है – “मैं जन्म से ही हिन्दू हूँ : सुब्बा रेड्डी”. मधू कीश्वर के इस गलत दावे के बारे में ऑल्ट न्यूज़ ने एक फ़ैक्ट-चेक आर्टिकल भी पब्लिश किया था.

यानी, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टी के मुस्लिम और तिरुपति बालाजी मंदिर के ट्रस्टी के ईसाई होने का दावा सरासर गलत है. दोनों ही मंदिरों के ट्रस्टी हिन्दू धर्म के हैं.


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