सोशल मीडिया पर गूगल सर्च का एक स्क्रीनशॉट काफी शेयर किया जा रहा है जिसमें शिरडी साईं ट्रस्ट द्वारा हज के लिए 35 करोड़ रुपये दान देने की बात कही गई है. तस्वीर में सर्च रिज़ल्ट में ट्विटर हैन्डल ‘@kavita_tewari ‘ का एक ट्वीट है जिसमें यही दावा किया गया है. साथ में इस ट्वीट की तारीख 20 अप्रैल 2023 की दी गई है. ट्विटर हैन्डल ‘@Mahende83499386’ ने ये स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए लिखा कि “जो हिंदू शिरडी जाते हैं उन्हें विशेष रूप से ये देखना चाहिए”. (ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न)

ट्विटर यूज़र विनय शुक्ला ने भी ये तस्वीर ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट की. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

और भी कई ट्विटर यूज़र्स और फ़ेसबुक यूज़र्स ने ये तस्वीर ऐसे ही दावे के साथ पोस्ट की. फ़ेसबुक यूज़र अभिनव गोस्वामी ने यही दावा फ़ेसबुक ग्रुप ‘Republic Bharat’ में भी पोस्ट किया और लोगों से साईं मंदिरों में दान न करने की अपील की.

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फ़ैक्ट-चेक

सबसे पहले तो ये दावा सही है या नहीं ये बात जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने गूगल पर सर्च किया. लेकिन इस दावे का समर्थन करने वाली कोईमीडिया रिपोर्ट्स हमें नहीं मिली. ऐसा लगभग नामुमकिन है कि इतने बड़े डोनेशन के बारे में मीडिया में खबर न छपी हो.

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने शिरडी साईं ट्रस्ट की वेबसाईट भी खंगाली. बहरहाल हमें वहां पर भी संस्था द्वारा हज के लिए दान देने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.

ऑल्ट न्यूज़ ने आगे शिरडी साईं ट्रस्ट में भी कॉन्टेक्ट किया. वहां के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने नाम जारी न करने की शर्त पर बताया कि सोशल मीडिया पर शिरडी साईं ट्रस्ट द्वारा हज के लिए 35 करोड़ रुपये दान देने का दावा पूरी तरह से गलत है. ट्रस्ट ने इस तरीके का कोई डोनेशन नहीं दिया है. अधिकारी ने आगे बताया, “ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए शिरडी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है.”

ट्रस्ट से जुड़े इस अधिकारी ने ऑल्ट न्यूज़ को FIR कॉपी भी भेजी. इसके मुताबिक, शिरडी साईं ट्रस्ट के पीआरओ तुषार शेलके ने भारतीय दंड संहिता की धारा 295, 153 (A) और 500 के तहत सोशल मीडिया पर ट्रस्ट के खिलाफ गलत जानकारी फ़ैलानेवालों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है.

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वहीं इस वायरल दावे के साथ शेयर किये जाने वाले ट्वीट के बारे में पता लगाने पर हमें मालूम हुआ कि ट्विटर हैन्डल ‘@kavita_tewari’ ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया है. गौर करिए कि इस ट्वीट में डोनेशन का कथित दावा बिना किसी ठोस सबूत के किये गया था. वहीं इस ट्विटर हैन्डल की प्रोफ़ाइल चेक करने पर हमने पाया कि इस यूज़र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ़ॉलो करते हैं. अक्सर ये यूज़र सोशल मीडिया पर राइटविंग प्रॉपगेंडा चलाती है.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर वायरल क्लैम कि शिरडी साईं ट्रस्ट ने 35 करोड़ रुपये हज के लिए दान किये, गलत है. ट्रस्ट के अधिकारी ने इस दावे को पूरी तरह से झुठला दिया है. हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें मुस्लिम धर्म से जुड़ी टोपी पहने कुछ लोग दान पेटी से पैसे निकाल रहे थे. ये वीडियो शेयर करते हुए कहा गया कि शिरडी साईं मंदिर में दान किये गए पैसे मुसलमानों तक पहुंचते हैं. असल में ये वीडियो बांग्लादेश का था. इस वायरल वीडियो के बारे में डिटेल्ड फ़ैक्ट-चेक आप यहां पर पढ़ सकते हैं.

जबलपुर में मुस्लिम लड़के द्वारा हिन्दू लड़की की रेप और हत्या का बताकर कोलम्बिया का वीडियो वायरल

ग़लत
दावा:
शिरडी साईं ट्रस्ट ने 35 करोड़ रुपये हज के लिए डोनेट किये

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