कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. जवाबी कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इन घटनाक्रमों के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है. मीडिया इस स्थिति पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग कर रहा है, जिसमें कई आउटलेट्स ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना की एक ब्रिगेड पर आत्मघाती हमला हुआ.

इंडिया टुडे ग्रुप के हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक पर एंकर श्वेता सिंह और अंजना ओम कश्यप ने एक खबर चलाते हुए दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के रजौरी में सेना के 120 ब्रिगेड पर फिदायीन हमला हुआ है.

एबीपी न्यूज़ पर एंकर चित्रा त्रिपाठी ने खबर चलाते हुए दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के रजौरी में सेना के 120 ब्रिगेड पर फिदायीन हमले की कोशिश हुई है.

फर्स्ट इंडिया न्यूज़ ने भी रजौरी में 120 ब्रिगेड पर फिदायीन हमले का खबर चलाया. (आर्काइव लिंक)

विस्तार न्यूज़ ने भी खबर चलाते हुए रजौरी में फिदायीन हमले का दावा किया. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

इस खबर से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें न्यूज़ एजेंसी ANI का एक रिपोर्ट मिला जिसमें सेना के अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पठानकोट या राजौरी में आतंकवादियों द्वारा आत्मघाती हमलों से जुड़ी खबरें पूरी तरह से झूठी हैं.

इसी क्रम में हमें न्यूज़ एजेंसी PTI का एक ट्वीट मिला जिसमें बताया गया है कि सरकार ने राजौरी में सेना ब्रिगेड पर आत्मघाती हमले के दावों को फ़र्ज़ी खबर बताया है.

कुल मिलाकर, न्यूज़ आउटलेट्स ने सेना ब्रिगेड पर आत्मघाती हमले की फ़र्ज़ी खबर चलाई.

ग़लत
दावा:
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना की एक ब्रिगेड पर आत्मघाती हमला हुआ.

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