एक पुल की तस्वीर शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि ये मुंबई के बांद्रा का पुल है. इसके लिए PM मोदी को धन्यवाद दिया जा रहा है. @REAL___HINDUVT के इस ट्वीट को 9 हज़ार लाइक्स मिले हैं.
(आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर भी कई लोगों ने ये तस्वीर शेयर करते हुए कहा है कि ये अमेरिका या लंदन का नहीं बल्कि मुम्बई का पुल है.

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फ़ैक्ट-चेक

रिवर्स इमेज सर्च करने पर कुछ पोस्ट में इस तस्वीर को कांग्रेस का विकास बताकर शेयर किया गया है. कांग्रेस सदस्य रोशन लाल बिट्टू ने ये तस्वीर 6 जुलाई को पोस्ट करते हुए इसे मुंबई के बांद्रा वर्ली सी लिंक का बताया है.

सर्च रिज़ल्ट में और भी पोस्ट के लिंक दिखाई दिए. ‘मुंबई मेरी जान’ नाम के इन्स्टाग्राम पेज ने ये तस्वीर 28 मार्च 2020 को पोस्ट करते हुए तपन दवे को क्रेडिट दिया था.

तपन दवे का इन्स्टाग्राम अकाउंट चेक करने पर पता चला कि उन्होंने ये तस्वीर 7 जून 2020 को अपलोड की थी. तपन ने इसे शेयर करते हुए बांद्रा-वर्ली सी लिंक का हैशटैग लगाया है. ये तस्वीर काफ़ी साफ़ है. तपन दवे का इन्स्टाग्राम हैंडल देखने से मालूम पड़ता है कि उन्होंने मुम्बई की कई जगहों की अच्छी तस्वीरें ली हैं.

कीवर्ड सर्च से मालूम चला कि बांद्रा-वर्ली सी लिंक UPA काल में बनाया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 30 जून 2009 को इसका उद्घाटन किया था. इस बारे में उस वक़्त कई मीडिया रिपोर्ट्स में ख़बर भी छपी थी. नीचे 30 जून 2009 का न्यूज़ X का वीडियो है.

इंडिया टुडे ने भी उद्घाटन के समय की कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं.

यानी, मुंबई-बांद्रा सी-लिंक का BJP या नरेंद्र मोदी से कोई लेना-देना नहीं है. इसका उद्घाटन 2009 में हुआ था. उस वक़्त नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री थे भी नहीं. उन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी. इसके अलावा इस सी-लिंक की नींव 1999 में बाल ठाकरे ने रखी थी. 10 साल बाद 2009 में सोनिया गांधी ने इसका उद्घाटन किया था.


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ग़लत
दावा:
PM मोदी के कार्यकाल में बनी ये पुल

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