26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के पास 2 धमाके हुए. रिपोर्ट के अनुसार इसमें 100 से अधिक लोगों की जान गयी है. बड़ी संख्या में लोग घायल हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सोशल मीडिया पर ब्लास्ट के बाद के कई विज़ुअल्स सामने आये.

इन सब के बीच AFP के पत्रकार उज़ैर रिज़वी ने एक ट्वीट में बताया कि रिपब्लिक टीवी 16 अगस्त को ली गयी फ़ोटो को ब्लास्ट के समय की बता रहा है.

हमने देखा कि न केवल रिपब्लिक TV बल्कि ज़ी न्यूज़, टाइम्स नाउ, इंडिया टुडे, और रिपब्लिक भारत ने भी इस तस्वीर का इस्तेमाल ब्लास्ट के बाद का दृश्य दिखाने के लिए किया. हमने देखा कि 3 पुरानी तस्वीरों को धमाके के बाद का बताया जा रहा है. ज़ी न्यूज़ के ऐंकर सुधीर चौधरी ने भी ब्लास्ट के बाद कुछ तस्वीरें शेयर की थीं.

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पहली तस्वीर 

ये तस्वीर AFP की वेबसाइट पर मौजूद है. तस्वीर के बारे में दी गयी जानकारी में लिखा है कि काबुल एयरपोर्ट पर अफ़गान के लोग 16 अगस्त को देश छोड़ने का इंतज़ार कर रहे हैं.

दूसरी तस्वीर

ये तस्वीर भी AFP की वेबसाइट पर मौजूद है और इसे भी 16 अगस्त को ही लिया गया था. दोनों ही तस्वीरें AFP के फ़ोटोग्राफ़र वकील कोहसार ने खींची है.

तीसरी तस्वीर

इस तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च करने पर ये हमें 2015 की एक रिपोर्ट में मिली. ये तस्वीर काबुल के एक एयरपोर्ट के बाहर जुलाई 2015 में हुए ब्लास्ट की है. अफ़गानिस्तान की समाचार एजेंसी ने ये तस्वीर अगस्त 2015 में ट्वीट की थी.

हालांकि, सुधीर चौधरी ने बाद में एक ट्वीट में बताया कि उन्होंने पुरानी तस्वीरें शेयर कर दी थीं

पहला वीडियो

न्यूज़18 के पत्रकार रवीन्द्र सिंह ने एक वीडियो शेयर करते हुए इसे काबुल एयरपोर्ट के पास  हुए दूसरे धमाके का दृश्य बताया (ट्वीट का आर्काइव लिंक). रवीन्द्र सिंह द्वारा पोस्ट किए गए इस वीडियो को अब तक 64 हज़ार से अधिक बार देखा जा चुका है.

न्यूज़ 18 ओड़िया ने ये वीडियो टीवी पर चलाया. (आर्काइव लिंक)

इसके अलावा कई और यूज़र्स ये वीडियो शेयर कर रहे हैं और काबुल एयरपोर्ट पर हुए ब्लास्ट का बता रहे हैं. इंडिया.कॉम, बागी टीवी के ऐंकर अली रज़ा चंद्रकांत शिंदे, @FORCE_OFJUI, @dark_knoght ऐसे कुछ नाम हैं.

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने नोटिस किया कि एक यूज़र ने पत्रकार रवीन्द्र सिंह के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि ये वीडियो गाज़ा का मालूम पड़ता है.

इस आधार पर जब हमने सर्च किया तो हमें ऐसे कई पोस्ट मिले जिसमें इस वीडियो को गाज़ा का बताकर शेयर किया गया है. ये सभी पोस्ट्स 22 अगस्त 2021 के हैं. जो वीडियो 22 अगस्त से इन्टरनेट पर मौजूद है वो 26 अगस्त को काबुल में हुए ब्लास्ट का तो बिलकुल भी नहीं हो सकता. गाज़ा के युवा कार्यकर्ता @Abuabraa2110198 ने ये वीडियो 22 अगस्त को पोस्ट करते हुए इसे इज़रायल द्वारा हमले का बताया था.

गाज़ा के एक पत्रकार मोमिन फैज़ और फ़िलिस्तीन के एक मीडिया संगठन ने भी ये वीडियो 22 अगस्त को पोस्ट किया था. इसके अलावा मिडिल ईस्ट वेबसाइट ने भी वीडियो में दिख रहे दृश्य को गाज़ा का बताते हुए 22 अगस्त को एक रिपोर्ट पब्लिश की थी.

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मिंट प्रेस न्यूज़ ने 24 अगस्त को ये वीडियो फ़ेसबुक पर पोस्ट करते हुए इसे गाज़ा के कई जगहों पर हो रहे हमले का बताया है.

Breaking News: Israel bombing civilians in Gaza

💥BREAKING NEWS💥

Deafening silence by the media on Israel’s indiscriminate bombing campaigns on residential areas is predictable… nothing to see here folks 🙄

Posted by Mint Press News on Monday, 23 August 2021

दूसरा वीडियो

ज़ी हिंदुस्तान की पत्रकार प्रीती नेगी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए इसे काबुल एयरपोर्ट के बहार का दृश्य बताया. इस वीडियो को 48 हज़ार व्यूज़ मिले. (आर्काइव लिंक)

@GeopolUpdates हैंडल ने ये वीडियो भी शेयर किया है. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट -चेक

प्रीति नेगी के ट्वीट पर जवाब में केतन ने बताया कि ये इराक़ का 5 साल पुराना वीडियो है.

ये वीडियो यूट्यूब पर 26 अप्रैल 2016 को अपलोड किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार ये धमाका इराक़ में इस्लामिक संगठन IS ने कराया था. रिपोर्ट में दी गयी जानकारी के मुताबिक, एक गाड़ी में आत्मघाती हमलावर ने ये ब्लास्ट किया था.

यानी, काबुल एयरपोर्ट के पास हुए धमाके के बाद से कई पुरानी तस्वीरें और वीडियोज़ शेयर किए जा रहे हैं. कई मीडिया चैनलों ने भी इन तस्वीरों को चलाया.


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ग़लत
दावा:
काबुल एयरपोर्ट पर धमाके के बाद की तस्वीरें और वीडियोज़

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