‘दी लल्लनटॉप’ की नेता नगरी कार्यक्रम की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें मंच पर पत्रकार राजदीप सरदेसाई, सौरभ द्विवेदी और राहुल श्रीवास्तव नज़र आ रहे है. वायरल वीडियो में इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप कहते हैं, “मुंबई में 92-93 में हो, मुजफ्फरनगर में 2012 में हो, जब भी दंगे होते हैं, हमें हमेशा स्टोरी मिलते हैं रेप और गैंगरेप के.” इसपर उन्हें टोकते हुए पत्रकार राहुल श्रीवास्तव कहते हैं कि आपने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की बात की, बंगाल का नाम क्यों नहीं लिया? हाल में ऐसी घटना बंगाल में हुई है. इसका जवाब देते हुए राजदीप सरदेसाई कहते है कि मैंने यूपी की बात महिलाओं की सहभागिता के संदर्भ में कहा. इसके आगे राजदीप कहते हैं – वैसे बंगाल एकमात्र राज्य है जिसमें महिला मुख्यमंत्री हैं.

इस वीडियो को शेयर करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने कहा कि इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कोलकाता के सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ हुए भयानक बलात्कार और हत्या की घटना को मानने से इनकार कर दिया. (आर्काइव लिंक)

राइट विंग इंफ्लुएंसर विनीत नायक उर्फ ‘Bhiku Mhatre’ ने क्लिप शेयर करते हुए राजदीप सरदेसाई को बेशर्म कहा और लिखा कि बलात्कार के अपराध की गंभीरता मुख्यमंत्री के अनुसार बदलता रहता है. (आर्काइव लिंक)

राइट विंग इंफ्लुएंसर अंकुर सिंह ने क्लिप शेयर करते हुए लिखा कि राजदीप गुजरात और उत्तर प्रदेश का नाम ले रहे थे, जब भी वहां हिंसा होती है, बलात्कार के मामले सामने आते हैं. जब राहुल श्रीवास्तव ने बंगाल का भी नाम लेने को कहा कहा, जहां हाल ही में हिंसा और बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, तो राजदीप सरदेसाई ने तृणमूल कांग्रेस का बचाव करते हुए कहा कि वहां महिला मुख्यमंत्री हैं. (आर्काइव लिंक)

भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने फ़रवरी 2024 में राजदीप सरदेसाई पर निशाना साधते हुए ये क्लिप शेयर की थी. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

चूंकि वायरल क्लिप में हमने देखा कि ‘द लल्लनटॉप’ के शो नेतानगरी लिखा दिख रहा है, हमने वीडियो में मौजूद तीनों पत्रकारों से जुड़ा की-वर्ड यूट्यूब पर सर्च किया. हमें इसका लंबा वर्जन यानी पूरे शो का वीडियो दी लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया हुआ मिला. इस वीडियो के 2 घंटे 36 मिनट 37 सेकेंड पर वायरल क्लिप वाला हिस्सा आता है. इसे 5 अगस्त 2023 को अपलोड किया गया था. यानी, ये वीडियो कोलकाता के आर जी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या की घटना से लगभग 1 साल पुराना है.

समूचे वीडियो में वायरल हिस्से के आगे और पीछे का संदर्भ जानने पर 2 चीजें स्पष्ट रूप से मालूम पड़ती हैं:

1. वीडियो को संदर्भ से बाहर शेयर करने के लिए जानबूझकर काट-छांट किया गया है

वायरल हिस्से के कुछ सेकेंड बाद वीडियो में आगे राजदीप सरदेसाई कहते हैं कि सच तो ये है कि जब राजनीतिक हिंसा होती है या कोई और सामूहिक हिंसा होती है तो महिलाएं सॉफ्ट टारगेट होती हैं क्योंकि इसके जरिए आप अपनी ताकत दिखाते हैं कि सिस्टम पर पुरुषों का दबदबा है, जब एक महिला उसे चुनौती देती है, चाहे वो गांव की पंचायत में एक महिला हो या किसी भी समाज में एक महिला हो, हमारे देश में पुरुष प्रधान परंपरा है. उन्होंने अभी बंगाल का ज़िक्र किया (राहुल श्रीवास्तव की ओर इशारा करते हुए), आप देखिए उस वीडियो में (उस वक्त के हाल की हिंसात्मक घटना का वीडियो) कैसे उस महिला को घसीटा जा रहा है, उस राज्य में जहां की मुख्यमंत्री एक महिला है. तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुख्यमंत्री एक महिला है, वहां स्थानीय स्तर पर नियंत्रण पुरुषों के पास है.

2. पत्रकार राहुल श्रीवास्तव ने राजदीप सरदेसाई के बात की गलत व्याख्या की

जब हमने वायरल क्लिप के पहले के हिस्से को देखा तो साफ था कि पत्रकार राहुल श्रीवास्तव ने राजदीप सरदेसाई की बात को गलत तरीके से पेश किया जिसे राजदीप सरदेसाई ने स्पष्ट करने की कोशिश भी की थी. राहुल श्रीवास्तव का सवाल राजदीप के कुछ सेकंड पहले दिए गए बयान के तथ्यों पर आधारित नहीं था. राहुल श्रीवास्तव का सवाल था कि आपने खास तौर पर उत्तर प्रदेश की बात की, आपने बंगाल का नाम क्यों नहीं लिया? हाल ही में बंगाल में ऐसी घटना हुई है. सबसे पहले तो राजदीप सरदेसाई ने उत्तर प्रदेश के बारे में ‘खास तौर पर’ बात नहीं की थी. उन्होंने उत्तर भारत का नाम लिया था जिसमें अन्य कई अन्य राज्य आते हैं. दूसरी बात ये कि महिलाओं के हिंसा में सॉफ्ट टारगेट बनने के सवाल का जवाब देते हुए राजदीप सरदेसाई ने कहा कि यह पावर इक्वेशन है. आगे उन्होंने कहा कि यह खास तौर पर उत्तर भारत में ज़्यादा है. आप किसी भी पब्लिक स्पेस में चले जाइए, वहां महिलाओं को उतनी जगह नहीं दी जाती है और जब हिंसा होती है तो उन्हें सॉफ्ट टारगेट बनाया जाता है. दरअसल, यहां वो तुलनात्मक रूप से उत्तर भारत में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और हिंसा में उनके सॉफ्ट टारगेट बनने के बारे में बात कर रहे थे. हालांकि, राजदीप सरदेसाई ने राहुल श्रीवास्तव का सवाल खत्म होने के बाद ही इस पर सफाई दी थी, जिसका हिस्सा वायरल क्लिप में काट दिया गया है.

कुल मिलाकर, एक पुराना औरअधूरा वीडियो ग़लत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है. साथ ही ये ग़लत दावा किया जा रहा है कि राजदीप सरदेसाई ने हाल में कोलकाता के आर जी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या की घटना को मानने से इनकार करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री हैं.

ग़लत
दावा:
राजदीप सरदेसाई ने हाल में कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कारऔर हत्या की घटना को मानने से इनकार कर दिया

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

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