15 जुलाई, 2025 को लखनऊ में संसद के सदस्यों (सांसदों) और विधान सभाओं (विधायकों) के लिए एक विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने 2022 मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी को जमानत दे दी. इसके तुरंत बाद, काला रॉब और सफेद कॉलर वाली शर्ट पहने एक व्यक्ति के साथ उनकी एक तस्वीर (जिसे कानूनी बिरादरी से जुड़े लोग पहनते हैं) सोशल मीडिया पर शेयर होने लगी. तस्वीर को इस दावे के साथ शेयर किया गया कि जिस जज ने गांधी को जमानत दी थी, वो उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे थे. जबकि कुछ ने निष्पक्षता के बारे में चिंता जताई और क्या न्यायाधीशों को राजनेताओं का समर्थन करना चाहिए या उनके साथ भाईचारा रखना चाहिए, अन्य (कांग्रेस का समर्थन करते हुए) ने दावा किया कि न्यायाधीश ने राहुल गांधी के साथ एक सेल्फ़ी ली क्योंकि वो उनकी बेगुनाही के बारे में आश्वस्त थे.
राहुल गांधी पर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के बारे में उनके कमेंट्स के लिए एक मामला दर्ज किया गया था जो कथित रूप से अपमानजनक थी. मामले की पिछली पांच सुनवाई से गायब रहने के बाद उन्होंने एडिशनल चीफ़ जुडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया जिन्होंने उनकी जमानत मंजूर कर ली. कांग्रेस सांसद को 20 हज़ार रुपये के दो व्यक्तिगत जमानत बांड भरने और पिछली सुनवाई में अनुपस्थित रहने के लिए समान राशि की दो जमानत देने के लिए भी कहा गया था.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आईटी सेल के प्रमुख, अमित मालवीय जिन्होंने पहले भी कई मौकों पर ग़लत सूचना शेयर की है, सोशल मीडिया पर ये तस्वीर शेयर करने वालों में से थे. उन्होंने दावा किया कि तस्वीर में दिख रहा काले कपड़े वाले व्यक्ति एक न्यायाधीश हैं. X पर अपने पोस्ट में, अमित मालवीय ने लिखा, “ये वो न्यायाधीश है जो हमारी सेना और बहादुर सैनिकों का अपमान करने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहा है. उन्हें तुरंत खुद को इससे अलग कर लेना चाहिए.” बाद में अमित मालवीय ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया.

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट, सुरेंद्र राजपूत (@ssrajputINC) ने भी वही तस्वीर इस कैप्शन के साथ पोस्ट की: “ये इकलौती सेल्फी श्री राहुल @RahulGandhi गांधी पर लगे लाखो आरोपों का जवाब दे रही है. जज साहब भी तभी सेल्फी लेंगे जब उन्हें राहुल जी के निर्दोष होने का विश्वास होगा.” (आर्काइव)
हालांकि, सुरेंद्र राजपूत ने बाद में कैप्शन को अपडेट किया और “जज” शब्द हटा दिया.

कई X यूजर्स जैसे @ravibhadoria, @MrSinha_, @जयपुरडायलॉग्स, @arvindgunasekar, @ActivistSandeep, कांग्रेस प्रवक्ता @priyanka81_INC, वकील और पूर्व AICC सदस्य @ashokbasoya, कांग्रेस अमरोहा ज़िला सोशल मीडिया अध्यक्ष @Afsarali190, पत्रकार @arvindchotia, कांग्रेस यूपी राज्य समन्वयक @akram_premiar, @AvkushSingh (जो X पर अक्सर भाजपा समर्थक कंटेंट प्रचारित करता है), उन लोगों में से थे जिन्होंने इस तस्वीर को ये कहते हुए पोस्ट किया कि इसमें राहुल गांधी को उस न्यायाधीश के साथ देखा जा सकता है जिसने उन्हें मानहानि मामले में जमानत दी थी. हमने ये भी देखा कि पत्रकार रोहिणी सिंह ने इनमें से एक पोस्ट को रिशेयर किया था.
फ़ैक्ट-चेक
उसी दिन, ऑल्ट न्यूज़ को X यूज़र @डेलीइट_ द्वारा शेयर की गई उसी तस्वीर के साथ एक पोस्ट मिली जिसमें दावा किया गया था कि राहुल गांधी के साथ तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति, एक वकील हैं, न्यायाधीश नहीं, और उनका नाम सैयद महमूद हसन है.
He is a lawyer/Advocate not a Judge.
His name is Syed Mahmood Hasan. pic.twitter.com/JYQQoMjdX3— زماں (@Delhiite_) July 15, 2025
इसके बाद हमने गूगल पर एडिशनल चीफ़ जुडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की खोज की जो लखनऊ में एमपी/एमएलए विशेष मजिस्ट्रेट अदालत में न्यायाधीश थे. उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता को जमानत दी थी. हमें उनकी डिटेल्स और तस्वीर इलाहाबाद हाई कोर्ट की वेबसाइट पर मिली. जैसा कि नीचे अटैच वेब पेज के स्क्रीनशॉट से साफ है, जस्टिस वर्मा वो व्यक्ति नहीं हैं जो राहुल गांधी के साथ वायरल तस्वीर में दिख रहे हैं.

@delhiite_ की पोस्ट को ध्यान में रखते हुए, हमने ये वेरिफ़ाई करने के लिए सैयद महमूद हसन की तलाश की कि क्या राहुल गांधी के साथ तस्वीर में मौजूद व्यक्ति वही हैं.
हमें महमूद हसन का X अकाउंट मिला, जहां उनके बायो में लिखा है: “सैयद महमूद हसन (वकील), सिविल कोर्ट, लखनऊ हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच, लखनऊ.” हालांकि, X पर हसन की आखिरी पोस्ट 25 मई, 2020 की थी जिसमें उन्होंने अपने फ़ॉलोवर्स को ईद की शुभकामनाएं दी थीं. पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शामिल था जहां उन्होंने अपनी कांटेक्ट डिटेल शेयर की थी.

ऑल्ट न्यूज़ ने महमूद हसन से कॉन्टेक्ट किया जिसने बताया कि वो कोई न्यायाधीश नहीं बल्कि एक वकील हैं.
हमने soolegal.com वेबसाइट पर उसके वकील प्रोफ़ाइल पर उसकी कांटेक्ट जानकारी की दोबारा जांच करके ये भी वेरिफ़ाई किया कि जिस नंबर पर हमने कॉल किया था वो असल में महमूद हसन का था. वेबसाइट पर उनके कांटेक्ट नंबर के अंतिम चार अंक हमारे द्वारा कांटेक्ट किए गए नंबर से मेल खाते थे.

महमूद हसन की X प्रोफ़ाइल पर मौजूद तस्वीरें भी वायरल तस्वीर में राहुल गांधी के साथ दिख रहे शख्स से मेल खाती हैं.

इसके अलावा, अगर वो न्यायाधीश होते, तो उनके द्वारा दिए गए निर्णयों का रिकॉर्ड होता. हालांकि, सैयद महमूद हसन के अधीन पाए गए सभी रिकॉर्ड उनके वकील/वकील होने की ओर इशारा करते हैं.
हमें महमूद हसन का एक फ़ेसबुक पोस्ट भी मिला जहां उन्होंने साफ किया कि वो जज नहीं, बल्कि एक वकील हैं.

कुल मिलाकर, ये दावा पूरी तरह से ग़लत है कि विपक्ष नेता राहुल गांधी ने एक न्यायाधीश के साथ सेल्फ़ी ली. वायरल तस्वीर में दिख रहे शख्स सैयद महमूद हसन हैं जो पेशे से एक वकील हैं.





