गृह मंत्रालय ने हाल ही में आतिश तासीर के भारतीय प्रवासी कार्ड (OCI-ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया) को रद्द कर दिया है। आतिश वह पत्रकार है जिन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टाइम पत्रिका में कवर स्टोरी प्रकाशित की थी। सरकार ने इस बात से इनकार किया है कि यह कदम पत्रकार की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग की वजह से लिया गया है और ट्वीट करके यह दावा किया कि तासीर ने अपने पिता के पाकिस्तानी होने की बात ‘छिपाई’ है, हालांकि इस दावे को पत्रकार ने ख़ारिज किया है।

मुख्यधारा के मीडिया संगठन – ज़ी न्यूज़, रिपब्लिक टीवी और वनइंडिया ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि तासीर सरकार के हालिया कदम के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जायेंगे। रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट अब मौजूद नहीं है।

ज़ी हिंदुस्तान ने सबसे पहले यह दावा किया था कि तसीर ने OCI कार्ड के कार्ड वापस लेने के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। (आर्काइव)

इस दावे को प्रकाशित करते हुए वेबसाइट न्यूज़ नेशन ने एक लेख भी प्रकाशित किया है। ऐसा ही एक लेख रशियन वेबसाइट Sputnik ने भी किया है।

“फ़र्ज़ी खबर”: आतिश तासीर

आतिश तासीर ने ज़ी न्यूज़ के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए इस खबर को फ़र्ज़ी बताया। ऑल्ट न्यूज़ से बातचीत करते हुए पत्रकार ने कहा, “हमने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर नहीं की है। हम अभी भी क़ानूनी प्रक्रिया कैसे करने है उसकी तैयारी कर रहे हैं।” (अनुवाद)

12 नवंबर की द हिन्दू की रिपोर्ट में, तासीर ने कहा था कि वह अपने OCI कार्ड को वापस लेने के फैसले को चुनौती देंगे लेकिन रिपोर्ट में इसके समय का कोई भी उल्लेख नहीं है। उन्होंने मीडिया संगठन से कहा, “मुझे क़ानूनी लड़ाई और उसमें होने वाले विलंब को देख कर थोड़ी हिचकिचाहट हुई। लेकिन इतने सारे लोग सामने आकर मुझे कह रहे हैं,अगर मैं लड़ाई नहीं करूंगा तो सरकार आगे क्या करेंगी और मैं उन्हें इससे दूर रख सकता हूं।” (अनुवाद)

उसी दिन पत्रकार ने ट्वीट करते हुए लिखा, “यह सच है, हम लड़ रहे है।” (अनुवाद), जिसके साथ भी सुप्रीम कोर्ट का कोई ज़िक्र नहीं किया गया था।

कई मीडिया संगठनों ने यह गलत खबर प्रकाशित की कि आतिश तासीर ने अपने OCI कार्ड को रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये रिपोर्ट क्या संकेत देते हैं।

ग़लत
दावा:
आतिश तासीर ने सरकार द्वारा अपने OCI कार्ड को रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

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