हाल ही में चित्रा त्रिपाठी का एक फ़र्ज़ी वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो से कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां गुमराह हो गए थे और उन्होंने भारतीय न्यूज़ चैनलों की आलोचना की थी. लेकिन ऑल्ट न्यूज़ ने फैक्ट-चेक में पाया था कि इस वीडियो को एक पाकिस्तानी फ़ेसबुक यूज़र द्वारा एडिट किया गया था. हमने देखा था कि पाकिस्तान से चलाया जा रहा फेसबुक पेज Atta Muhammad Mari बड़े पैमाने पर भारतीय न्यूज़ एंकरों को बदनाम करने के लिए अक्सर ऐसे फ़र्ज़ी वीडियो बनाता है और उन पर अपमानजनक टिप्पणी करता है. इस पेज द्वारा लगातार मेटा के कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन कर भ्रामक जानकारी, मैनिपुलेटेड मीडिया और ऑनलाइन उत्पीड़न का एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया जा रहा है.
क्या है पूरा मामला?
पेज का एडमिन भारतीय न्यूज़ चैनलों के लाइव डिबेट प्रोग्राम को डाउनलोड करता है और वीडियो एडिटिंग की मदद से असली पैनलिस्ट्स को हटाकर अत्ता मोहम्मद मारी खुद को पाकिस्तानी पैनलिस्ट के रूप में पेश करता है. इन एडिटेड वीडियो में वह न्यूज़ एंकर्स के प्रति बेहद अपमानजनक, अभद्र और अश्लील टिप्पणियां करता है. इन छेड़छाड़ किए गए विडियोज की एडिटिंग इतनी सफाई से की जाती है कि यह एक असली लाइव डिबेट लगता है, जिससे दर्शक गुमराह होकर इसे सच मान लेते हैं.
फ़ेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को ईमेल
ऑल्ट न्यूज़ ने इस मामले को लेकर 16 अप्रैल को फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी. इस ईमेल में हमने स्पष्ट रूप से बताया था कि यह पेज मेटा की भ्रामक जानकारी, मैनिपुलेटेड मीडिया और उत्पीड़न विरोधी नीतियों का लगातार उल्लंघन कर रहा है. लेकिन तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी मेटा की ओर से न तो कोई जवाब आया है और न ही इस अकाउंट के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है. मेटा की इस निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए यह पेज लगातार ऐसे फ़र्ज़ी वीडियो पोस्ट कर रहा है.
मेटा को भेजे गए ईमेल में हमने समस्या की गंभीरता को दर्शाने के लिए इसके पुख्ता प्रमाण भी भेजे थे. मेटा की टीम की सुविधा के लिए और इस दुष्प्रचार के विशाल स्तर को दर्शाने के लिए, हमें ईमेल में इस पेज द्वारा शेयर किए गए 50 मैनिपुलेटेड वीडियो के लिंक सबूत के तौर पर भेजे थे. हमने स्पष्ट रूप से यह भी बताया था कि इस पेज पर भारतीय न्यूज़ चैनलों के ऐसे 150 से अधिक फ़र्ज़ी एडिटेड वीडियोज़ मौजूद हैं, जिसपर 100 मिलियन से ज़्यादा व्यूज हैं. ये पेज सिर्फ ऐसे ही फ़र्ज़ी वीडियोज़ पोस्ट करता है.
50 फ़र्ज़ी वीडियोज़ के लिंक यहां देखे जा सकते हैं, जिसे हमने मेटा को ईमेल के जरिए भेजा था.
मेटा को भेजे गए ईमेल में हमने 5 उदाहरण भी दिए गए थे, जिसमें फ़र्ज़ी वीडियो के लिंक, उनका ऑरिजनल यूट्यूब लिंक और उस ऑरिजनल वीडियो का सटीक टाइमस्टैम्प शामिल था, जहां से वीडियो चुराकर एडिट किया गया था. 5 उदाहरणों का डिटेल नीचे दिया गया है:
पहला उदाहरण
अत्ता मुहम्मद मारी नाम के फ़ेसबुक पेज ने ये वीडियो पोस्ट किया, जिसे 21 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि NDTV की एंकर सुचरिता कुकरेती की एक न्यूज़ डिबेट के दौरान, एक पाकिस्तानी पैनेलिस्ट ने एंकर पर अपमानजनक और डबल-मीनिंग टिप्पणियां कीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए तीखा जवाब दिया.
जबकि असल में यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और एडिट किया हुआ है. NDTV इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 4 अप्रैल 2026 को अपलोड हुए असली डिबेट वीडियो के 16 मिनट 9 सेकेंड वाले हिस्से से इस वायरल वीडियो का मिलान किया. इससे स्पष्ट होता है कि असली डिबेट में उस वक्त पाकिस्तानी पत्रकार आरज़ू काज़मी, PMLN पाकिस्तान के इरशाद ए खान मौजूद थे, वहां अत्ता मुहम्मद मारी या अत्ता मारी बालूच नाम का कोई पाकिस्तानी पैनेलिस्ट मौजूद ही नहीं था. वीडियो बनाने वाले ने असली फुटेज को डाउनलोड करके, एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से असली पैनेलिस्ट को हटा दिया और उसकी जगह अपना वीडियो लगाकर शेयर किया.
दूसरा उदाहरण
इस फ़ेसबुक पेज ने ये वीडियो पोस्ट किया, जिसे 17 लाख से अधिक व्यूज़ मिले. इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि News24 के एंकर मानक गुप्ता की एक न्यूज़ डिबेट के दौरान, एक पाकिस्तानी पैनेलिस्ट ने एंकर के सवालों का जवाब देता हुआ कहता है कि ट्रम्प उर्दू में गाली नहीं दे रहा जो हमें बुरी लगेगी, उसको गालियां देने दो, हमें क्या पता वो इंग्लिश में क्या बकवास कर रहा है.
सच तो ये है कि ये वीडियो एकदम फ़र्ज़ी है और इसे एडिट किया गया है. News24 के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 6 अप्रैल 2026 को अपलोड हुए असली डिबेट वीडियो के 15 मिनट 1 सेकेंड वाले हिस्से से इस वायरल वीडियो का मिलान करने पर स्पष्ट होता है कि असली डिबेट में उस वक्त रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ यश मोर मौजूद थे, वहां अत्ता मुहम्मद मारी या अत्ता मारी बालूच नाम का कोई पाकिस्तानी पैनेलिस्ट मौजूद ही नहीं था. असली वीडियो को डाउनलोड करके उसमें काट-छाँट की गई है. एडिटर ने असली पैनेलिस्ट की जगह खुद का वीडियो फिट कर दिया और फिर इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया.
तीसरा उदाहरण
इस फ़ेसबुक पेज द्वारा शेयर किये गए ऐसे ही एक वीडियो को 14 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि एबीपी न्यूज़ की एंकर रोमाना ईसार खान की एक न्यूज़ डिबेट के दौरान, एक पाकिस्तानी पैनेलिस्ट ने एंकर के सवालों के जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीयों के प्रति अपमानजनक टिपण्णी की.
जबकि हकीकत में इस वीडियो का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है, इसे भी एडिट कर बनाया गया है. एबीपी न्यूज़ के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 11 मार्च 2026 को अपलोड हुए असली डिबेट वीडियो के 2 मिनट 41 सेकेंड वाले हिस्से से इस वायरल वीडियो का मिलान करने पर स्पष्ट होता है कि असली डिबेट में उस वक्त पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा मौजूद थे. वहां अत्ता मुहम्मद मारी या अत्ता मारी बालूच नाम का कोई पाकिस्तानी पैनेलिस्ट मौजूद ही नहीं था. ओरिजनल वीडियो से छेड़छाड़ करके असली पैनेलिस्ट को गायब कर दिया गया है और उसकी जगह पेज के एडमिन ने अपना वीडियो जोड़कर उसे शेयर किया है.
चौथा उदाहरण
इसी तरह इस फेसबुक पेज द्वारा ये वीडियो पोस्ट किया गया, जिसे 9 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि न्यूज़18 इंडिया की एंकर रूबिका लियाकत की एक न्यूज़ डिबेट के दौरान, एक पाकिस्तानी पैनेलिस्ट ने एंकर के प्रति बेहद अपमानजनक टिपण्णी की.
यह वीडियो पूरी तरह से मैन्युपुलेटेड है और असल में इसे छेड़छाड़ करके तैयार किया गया है. न्यूज़18 इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 5 नवंबर 2025 को अपलोड हुए असली डिबेट वीडियो के 40 मिनट 38 सेकेंड वाले हिस्से से इस वायरल वीडियो का मिलान करने पर स्पष्ट होता है कि असली डिबेट में उस वक्त AIMIM प्रवक्ता असीम वकार मौजूद थे, वहां अत्ता मुहम्मद मारी या अत्ता मारी बालूच नाम का कोई पाकिस्तानी पैनेलिस्ट मौजूद ही नहीं था. सॉफ्टवेयर की मदद से असली वीडियो फुटेज को एडिट किया गया है, जहाँ ओरिजनल पैनेलिस्ट को रिप्लेस करके वीडियो बनाने वाले ने अपना खुद का विजुअल लगा दिया है.
पाँचवा उदाहरण
इस फेसबुक पेज द्वारा ये वीडियो पोस्ट किया गया है जिसे 5 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि एबीपी न्यूज़ की एंकर चित्रा त्रिपाठी की एक न्यूज़ डिबेट के दौरान, एक पाकिस्तानी पैनेलिस्ट ने एंकर के प्रति बेहद अपमानजनक टिपण्णी की.
असल में यह वीडियो महज एक एडिटेड और फर्जी क्लिप है. एबीपी न्यूज़ के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 2 मई 2025 को अपलोड हुए असली डिबेट वीडियो के 12 मिनट 33 सेकेंड वाले हिस्से से इस वायरल वीडियो का मिलान करने पर स्पष्ट होता है कि वहाँ दो पाकिस्तानी पत्रकार हैदर हयात खान और मुकीम अहमद खान पैनलिस्ट के तौर पर मौजूद थे. वहां अत्ता मुहम्मद मारी या अत्ता मारी बालूच नाम का कोई पाकिस्तानी पैनेलिस्ट मौजूद ही नहीं था. इस वीडियो के साथ छेड़खानी हुई है, पहले असली फुटेज डाउनलोड किया गया, फिर एडिटिंग के जरिए असली पैनेलिस्ट को हटाकर पेज एडमिन द्वारा वहां खुद का वीडियो चिपका कर शेयर किया गया.
इन सभी उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि मेटा अपनी ही कम्युनिटी गाइडलाइंस को लागू करने में विफल रहा है. इतना ही नहीं इन सभी सबूतों, टाइमस्टैम्प्स सहित ओरिजिनल वीडियो के लिंक और 50 अतिरिक्त लिंक्स भेजे जाने के बावजूद मेटा द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया. एक तरफ मेटा जैसा प्लेटफॉर्म यूज़र्स को गुमराह होने से बचाने के दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ स्पष्ट सबूत मिलने के हफ्तों बाद भी वह ऐसे पेजों को खुलेआम करोड़ों लोगों को गुमराह करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने की छूट दे रहा है.
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