शेहला रशिद के नाम से फ़र्ज़ी ट्वीट में कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म के बहिष्कार का आह्वान

बॉलीवुड फिल्म ‘शिकारा – द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीरी पंडित्स’ का ट्रेलर 7 जनवरी 2020 को जारी हुआ। पत्रकार आदित्य राज कौल ने यह ट्रेलर साझा करते हुए ट्वीट किया, “आँसुओं से भर गया। मैं हिलने में असमर्थ हूं। पहली बार किसी ने इस्लामी आतंकवादियों द्वारा कश्मीर से जबरन भगाने की मेरी कहानी बिना कोई तीन-पांच किए बयान की है। यह लिखने के लिए @rahulpandita आपको धन्यवाद। इस क्रूर सत्य को साझा करने के लिए @VVCFilms आपको धन्यवाद।” – (अनुवाद)

कौल का यह ट्वीट उद्धृत करते हुए और लोगों से इस फिल्म के बहिष्कार की अपील करते कथित तौर पर शेहला राशिद के ट्वीट का एक स्क्रीनशॉट 8 जनवरी से कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने साझा किया है। इस कथित ट्वीट में लिखा है- “कृपया इस कश्मीरी मुस्लिम विरोधी फिल्म शिकारा का बहिष्कार करें। अतीत को सामने लाने की कोई जरूरत नहीं… जो बीत गया है उसे भूल जाएं…” (अनुवाद)।

फेसबुक पेज Puffington Post ने यह वायरल स्क्रीनशॉट साझा किया और लिखा, “ओह हां। इसी कारण हमें 2002 के बारे में फिर से बात नहीं करनी चाहिए। – (अनुवाद) इस पोस्ट को 180 से अधिक बार साझा किया गया है।

10 जनवरी को ट्विटर यूज़र @rohinikaul ने दो स्क्रीनशॉट पोस्ट किए और पूछा, “@Shehla_Rashid क्या यह ट्वीट आपके द्वारा साझा किया गया है? मुझे यह नहीं मिला। यदि ऐसा है तो यह देख कर मुझे पीड़ा हुई है। कश्मीरी पंडित होने के कारण मैं इस बारे में बहुत मुखर रही हूं कि कैसे दो गलतियों में से एक को सही नहीं ठहराया जा सकता है। (स्क्रीनशॉट) लेकिन एक फिल्म का बहिष्कार क्यों जो हमारे इतिहास पर है? क्या हम सभी आतंकवादियों के खिलाफ नहीं हैं? #Shikara (अनुवाद)”

यहां दिए गए स्क्रीनशॉट में पत्रकार आदित्य राज कौल के बजाय शेहला रशिद को कथित रूप से रोहित आर्य का ट्वीट उद्धृत करते दिखाया गया है।

कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने ट्विटर और फेसबुक पर यह वायरल स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं।

फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट वायरल

यह कथित ट्वीट शेहला रशीद के ट्विटर टाइमलाइन पर नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि इसे या तो हटा दिया गया या फिर राशीद ने ऐसा कोई ट्वीट किया ही नहीं।

ऑल्ट न्यूज़ ने यादृच्छिक रूप से (random) रशीद द्वारा उद्धृत एक ट्वीट (दाएं) लिया और इसकी तुलना Puffington Post द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट (बाएं) से की। यहां ध्यान देने योग्य है कि दोनों वायरल तस्वीरों के टेक्स्ट अलग-अलग सीध (alignment) में हैं।

  1. रशिद के ट्विटर टाइमलाइन से लिया गया उद्धृत-ट्वीट में रशिद का प्रोफ़ाइल चित्र व पाठ एक सीध में (aligned) हैं जबकि कौल का ट्वीट एक सीध में नहीं है व लाल रेखा को पार नहीं करता है।
  2. स्क्रीनशॉट में, रशीद की प्रोफ़ाइल तस्वीर लाल रेखा से आगे निकली हुई है।
  3. कौल के ट्वीट का एक हिस्सा भी स्क्रीनशॉट में लाल रेखा के पार है।
  4. उद्धृत-ट्वीट में टाइम-स्टैम्प है, जो स्क्रीनशॉट वाले में नहीं है।

@Rashmi21044 द्वारा साझा स्क्रीनशॉट में वही एक सीध (alignment) वाले मुद्दे हैं। इसके अलावा, आर्य के ट्वीट में जो ‘सार्वजनिक’ (public) और ‘मित्र अनुरोध भेजें’ (send friend request) के आइकन दिखाई देते हैं, उससे यह किसी फेसबुक पोस्ट की तरह दिखता है।

ऑल्ट न्यूज़ से बात करते हुए रशीद ने कहा, “यह सांप्रदायिक तनाव को उकसाने का बहुत शरारती प्रयास की तरह लगता है। मैं हैरान हूं इस स्क्रीनशॉट में दी गई सलाह से जिसे फेरबदल कर बनाया गया है। कल रात जब यह नकली स्क्रीनशॉट मेरे ध्यान में आया, तब तक मुझे इस फिल्म के बारे में पता नहीं था। कश्मीरी पंडित कश्मीर का हिस्सा हैं और यह सुझाव देना हास्यास्पद है कि मैं किसी कश्मीरी पंडित की किसी फिल्म या किसी पुस्तक के बहिष्कार का आह्वान करूंगी।”

सोशल मीडिया का यह दावा झूठा है कि शेहला रशीद ने लोगों से ‘शिकारा – द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ कश्मीरी पंडित्स’ का बहिष्कार करने को कहा। साथ ही, इस दावे के लिए रखा गया ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी नकली है, जो इस सामाजिक कार्यकर्ता ने कभी किया ही नहीं। इससे पहले पूर्व भाजपा सांसद परेश रावल ने भी कुछ इसी तरह कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था।

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