हाल ही में पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में चयनित आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटे जाने वाले कार्यक्रम के दौरान बिहार सीएम नीतीश कुमार ने एक महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के मुंह से हिजाब खींचा था. इस मामले को लेकर राजनीतिक जगत में विवाद बना हुआ है. हालांकि, इस घटना के बाद से अभी तक आधिकारिक तौर पर सीएम नीतीश कुमार की ओर से कोई स्पष्टीकरण बयान नहीं आया है.

इसी घटना से जोड़ते हुए एक्स-हैंडल @KhalsaVision_ ने एक झगड़े का वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में एक युवक दो महिलाओं को लाल रंग की कुर्सी से पीटते हुए नज़र आ रहा है. आगे वीडियो में कुछ युवक खाने के एक स्टॉल पर झगड़ते हुए भी दिखते हैं. यूज़र ने इस वीडियो को बिहार के बोध गया का बताते हुए दावा किया कि नीतीश कुमार शासन में हिजाब हटाने के बाद दो और मुस्लिम महिलाओं को कुर्सियों से पीटा गया.

एक्स-हैंडल @KhalsaVision_ के पोस्ट को एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार सौरव दास ने भी सच मानकर रिपोस्ट किया. इसके अलावा, और भी कई एक्स-यूज़र्स ने इसे बिहार की घटना बताते हुए ऐसा ही दावा किया.

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सोशल मीडिया पर अक्सर गलत जानकारी फैलाते हुए पाए जाने वाले राइट विंग प्रोपेगेंडा एक्स-हैंडल @KreatelyMedia ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए एक दूसरा दावा किया कि बांग्लादेश में बुर्का और हिजाब न पहनने के कारण दो मुस्लिम लड़कियों पर मुसलमानों ने हमला किया.

यह आर्टिकल लिखे जाने तक @KreatelyMedia के इस पोस्ट को 25 लाख से ज़्यादा लोगों ने देखा है.

राइट विंग X-यूज़र दीपक शर्मा (@SonOfBharat7) और ओशन जैन (@ocjain4) जिन्हें अक्सर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाते पाया गया है. इन्होंने भी वीडियो शेयर ऐसा ही दावा किया. इसके अलावा कई एक्स-यूज़र ने भी ऐसा ही दावा किया.

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न्यूज़ नेशन टीवी के सीनियर एडिटर मधुरेन्द्र कुमार ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए दावा कि बांग्लादेश में वेस्टर्न कपड़े पहनने पर दो युवतियों को सरेआम पीटा और जलील किया गया.

जबकि ABP live गुजरात ने वायरल वीडियो और दावों के आधार पर सनसनीखेज टाइटल्स के साथ रिपोर्ट पब्लिश की और लिखा “बांग्लादेश संकट: बांग्लादेश में ‘तालिबान’ का आतंक? भीड़ ने बिना हिजाब वाली महिलाओं पर हमला किया! वीडियो देखें

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फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के कुछ की फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें 18 दिसंबर को बांग्लादेश स्थित न्यूज़ संस्था “प्रोथोम आलो” में वायरल वीडियो की स्क्रीनग्रैब वाली एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस का हवाला देते हुए बताया गया है कि बांग्लादेश के चटगांव ज़िला प्रशासन ने विजय दिवस के अवसर पर सीआरबी सिरिशतला क्षेत्र में रविवार से मंगलवार तक (14 से 16 तक) तीन दिवसीय विजय मेले का आयोजन किया गया था. मेले के आख़िरी दिन मंगलवार यानी, 16 दिसंबर को काफी भीड़ आई थी. उस दौरान खाने को लेकर कई दुकानों पर झगड़ा हो गया था. झगड़े की वजह थी कि पहले खाना किसे दिया जाएगा. इसके बाद मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

सीआरबी पुलिस चौकी के प्रभारी अबू सईद ने प्रोथोम आलो को बताया कि घटना के बाद, दो महिलाएं चौकी पर आयी थी और मौखिक शिकायत दर्ज कराई. बाद में, वहां कोई नहीं मिला, दोनों महिलाएं भी वहां से चली गईं, उस दिन, कई दुकानों पर झगड़ा हुआ था.

बांग्लादेश स्थित न्यूज़ संस्था “प्रजन्म कथा” ने भी बताया कि चटगांव के विजय मेले में खाने-पीने की चीजों को लेकर कई दुकानों पर बहस के दौरान झगड़ा शुरू हुआ और एक युवक मेले के बाहर एक खाने की दुकान के सामने दो महिलाओं को प्लास्टिक की कुर्सी से पीट दिया. पिटाई का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

इन रिपोर्टों से स्पष्ट होता है कि यह घटना बांग्लादेश के चटगांव मेले का है जहां मेले में खाने को लेकर झगड़ा हुआ था. यानी, यह विवाद हिजाब या बुर्का को लेकर नहीं हुआ था और ना ही यह वीडियो बिहार का है. ये दोनों दावे झूठे हैं कि बिहार में 2 मुस्लिम महिलाओं को हिजाब उतारकर पीटा गया और बांग्लादेश में मुस्लिम महिला को हिजाब न पहनने कि वजह से पीटा गया.

ग़लत
दावा:
बांग्लादेश में बुर्का और हिजाब न पहनने के कारण दो मुस्लिम लड़कियों पर मुसलमानों ने हमला किया

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