भारतीय जनता पार्टी बिहार के फ़ेसबुक-पेज और एक्स-हैंडल पर 9 नवम्बर 2025 को दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट का स्क्रीनग्रैब शेयर किया गया. इस रिपोर्ट के मुताबिक, दलित समाज के बुजुर्ग ने भाजपा द्वारा नेतृत्व एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) को वोट दिया, इससे नाराज़ विपक्षी पार्टी ने हिंसा कर बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में लिखा है कि मुजफ्फरपुर जिले के हत्था थाना क्षेत्र के सखौरा पटसारा गांव में 70 वर्षीय शंकर पासवान ने एनडीए को वोट दिया था, जिससे नाराज़ विपक्ष पार्टी समर्थकों ने बुजुर्ग को पीट-पीटकर मार डाला.

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भाजपा IT सेल के हेड अमित मालवीय ने दैनिक भास्कर की रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा, “70 वर्षीय बुजुर्ग शंकर पासवान की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने भाजपा को वोट दिया था, यही है राजद (राष्ट्रीय जनता दल) का तथाकथित ‘सामाजिक न्याय’.”

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और बिहार, हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र सांसद चिराग पासवान ने भी इस घटना को चुनावी रंजिश बताते हुए लिखा कि गायघाट विधानसभा के सखौरा पटसारा गांव में शंकर पासवान जी की राजद समर्थकों द्वारा की गई निर्मम हत्या अत्यंत निंदनीय और पीड़ादायक है, परिजनों द्वारा लगाए गए चुनावी रंजिश के आशंका, राजद समर्थकों की चुनावी हार की हताशा और जंगलराज को वापस लाने की मानसिकता का प्रतीक है.

 

इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी बिहार के सभी सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, इंस्टग्राम समेत एक्स-हैंडल पर एक वीडियो शेयर कर भी यही दावा किया गया कि मुज़फ्फरपुर में दलित समाज के 70 वर्षीय बुज़ुर्ग की सिर्फ़ इसलिए पीट-पीटकर हत्या कर दी गई क्योंकि उन्होंने NDA को वोट दिया था.

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दैनिक भास्कर के अलावा टीवी 9 भारतवर्ष, न्यूज़ 18 हिंदी ने मृतक के परिजनों के आरोप के आधार पर “मुजफ्फरपुर में राजद को वोट न देने पर बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या” जैसे हेडलाइन देकर खबर पब्लिश की.

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आखिर क्या है मामला?

की-वर्ड सर्च से हमें इसी घटना के संबंध में 9 नवंबर 2025 को प्रकाशित जागरण की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर ज़िले के हत्था थाना क्षेत्र के सखौरा पटसारा गांव में हुई इस घटना की सूचना मिलने पर हत्था थानाध्यक्ष लोकेश कुमार चौधरी, पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत, सकरा थानाध्यक्ष सुखविंदर नयन और एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे थे. साथ ही मृतक के परिजन चुनावी रंजिश में घटना को अंजाम देने का आरोप लगा रहे थे लेकिन पुलिस ने चुनावी रंजिश की बात से इन्कार किया.

आगे रिपोर्ट में मृतक की पतोहू (पुत्र वधू) ने पुलिस को बताया कि कि शनिवार को (8 नवम्बर को) सड़क किनारे एक जलेबी के पेड़ से रमेश राय की पुत्री डाल तोड़ रही थी, शंकर पासवान ने डाल तोड़ने से मना किया इसी पर विवाद के बाद रमेश राय के घर की महिलाओं और अन्य सदस्यों ने बुजुर्ग की पिटाई कर दी. इससे उनकी मौत हो गई.

रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद एक महिला को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. साथ ही एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मवेशी के चारा के लिए पत्ते वाली डाल काटने के विवाद में हत्या हुई. उन्होंने कहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा और घटना को चुनावी रंजिश में हत्या से नहीं जोड़ा जा सकता है.

इसके अलावा हमें 9 नवंबर को मुजफ्फरपुर पुलिस के आधिकारिक एक्स-हैंडल का एक ट्वीट मिला, जिसमें विभिन्न न्यूज चैनलों में चलाए जा रहे भ्रामक ख़बर का खंडन किया गया. साथ ही बताया कि उक्त घटना चुनाव / वोट से बिल्कुल संबंधित नहीं है व विभिन्न न्यूज चैनलों में चलाये जा रहे भ्रामक खबर “वोट गलत जगह दिया है, इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा”, बिल्कुल बेबुनियाद, तथ्यहीन एवं निराधार है.

साथ ही ट्वीट में बिना सत्यता की जांच करे भ्रामक खबरों और अपवाह फैलाने से बचने की अपील भी की गई.

ऑल्ट न्यूज़ ने इस घटना के संबंध में हत्था थाना से संपर्क किया. हत्था थानाध्यक्ष लोकेश कुमार ने भी चुनावी रंजिश वाले दावे का खंडन कर बताया कि सड़क किनारे एक जलेबी के पेड़ के पत्ते तोड़ने को लेकर हुए आपसी विवाद में धक्का मुक्की में बुजुर्ग के गिरने से मृत्यु हो गई, इस घटना में चुनावी रंजिश जैसा कुछ नहीं है.

यानी, भारतीय जनता पार्टी के नेता और भाजपा बिहार के सोशल मीडिया हैंडल व कई मीडिया द्वारा चलाए जा रहे खबर व वायरल दावा कि “मुजफ्फरपुर जिले के 70 वर्षीय शंकर पासवान को एनडीए को वोट देने से विपक्ष के समर्थकों ने पीट पीटकर मार डाला” भ्रामक हैं, मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने भी इनका खंडन किया हैं.

ग़लत
दावा:
मुज़फ्फरपुर में दलित समाज के 70 वर्षीय बुज़ुर्ग की सिर्फ़ इसलिए पीट-पीटकर हत्या कर दी गई क्योंकि उन्होंने NDA को वोट दिया था

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