इंटरनेट पर दाढ़ी वाले एक व्यक्ति के साथ गाली-गलौज और मारपीट कर रहे कुछ लोगों का एक वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है. इसके अलावा, वीडियो में हमलावर ये कहते हैं कि उस व्यक्ति ने बैनर पर पेशाब किया. कुछ मीडिया आउटलेट और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ये वीडियो शेयर करते हुए इस घटना को सांप्रदायिक ऐंगल दिया है. दावा है कि आरोपी मुस्लिम समुदाय से है जिसने महाकुंभ मेले के बैनर और हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों वाली दीवार पर पेशाब किया.

वीडियो में पीड़ित को हाथ जोड़कर माफ़ी मांगते हुए भी देखा जा सकता है. वहीं एक दूसरा व्यक्ति ये कहता है कि आरोपी ने शराब पी रखी थी. बाद में पीड़ित को घसीटकर ले जाया जाता है और बैनरों से सजी दीवार के सामने बैठा दिया जाता है.

एशियानेट न्यूज़ ने 11 जनवरी, 2025 को एक आर्टिकल पब्लिश किया जिसके टाइटल में लिखा था, “कुंभ के बैनर पर पेशाब करने के आरोप में मुस्लिम युवक की पिटाई की गई, हिरासत में लिया गया.” रिपोर्ट में कहा गया है कि कुंभ के बैनर पर पेशाब करने के आरोप में एक मुस्लिम युवक की भीड़ ने पिटाई की. पुलिस को सूचित किया गया और आरोपी को हिरासत में लिया गया. रिपोर्ट में आगे लिखा है, “ये युवक कौन है और क्या करता है, इस बारे में ज़्यादा जानकारी मौजूद नहीं है. पुलिस ने अभी तक उस भीड़ के खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की है जिसने युवक पर हमला किया था.”

UttarPradesh.ORG News ने X पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि महाकुंभ के बैनर पर पेशाब करने के आरोप में दूसरे समुदाय के एक युवक की स्थानीय लोगों ने पिटाई कर दी. इलाके में मौजूद लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसका पीछा करके उसकी पिटाई कर दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया. (आर्काइव)

X यूज़र बाबा बनारस ने 14 जनवरी को वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि रायबरेली में एक मुस्लिम व्यक्ति दीवार पर लगी महाकुंभ और हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों पर पेशाब करता पाया गया. (आर्काइव)

ध्यान दें कि AltNews ने X यूज़र बाबा बनारस द्वारा शेयर की गई ग़लत सूचनाओं का फ़ैक्ट-चेक किया है.

फ्रंटल फ़ोर्स ने भी बाबा बनारस के ट्वीट को इसी तरह के दावे के साथ रीट्वीट किया. हालांकि, बाद में पोस्ट को हटा दिया गया.

एक और X यूज़र डॉ. लिंडा मिखाइलोव ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया कि स्थानीय लोगों ने महाकुंभ के बैनर पर पेशाब करते हुए एक मुस्लिम आतंकवादी को पकड़ा और उसकी जमकर पिटाई की. उन्होंने कैप्शन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “अब मुसलमानों को महाकुंभ के बैनर से भी परेशानी है.” (आर्काइव)

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी इसी तरह के दावों के साथ ये वीडियो शेयर किया है. 

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फ़ैक्ट-चेक

रायबरेली पुलिस ने 11 जनवरी, 2025 को एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि आरोपी का नाम विनोद है और ये दावा पूरी तरह से ग़लत है कि युवक दूसरे समुदाय का है.

पुलिस के बयान के मुताबिक, विनोद कन्नौज ज़िले का निवासी है जो एक फेरी वाला है और अपनी साइकिल पर सवार होकर बाजार में घूमता है. 10 जनवरी, 2025 की रात को लगभग 8 बजे, विनोद पूरी तरह नशे में धुत होकर बछरावां ब्लॉक में एक दीवार के पास बैठा था. बयान में स्पष्ट किया गया कि नशे की हालत में उसने दीवार से लगभग 3-4 फीट दूर पेशाब करना शुरू कर दिया. इसमें आगे ज़िक्र किया गया है कि घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने उसकी हरकतों पर आपत्ति जताई, उस पर दूसरे समुदाय के होने का आरोप लगाया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. हालांकि, विनोद को जानने वाले लोगों ने हस्तक्षेप किया और आख़िरकार उसे मौके से दूर ले गए.

कुल मिलाकर, मीडिया आउटलेट एशियानेट न्यूज़ और UttarPradesh.ORG न्यूज़ ने झूठी सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर इस घटना की ग़लत रिपोर्टिंग की. रायबरेली पुलिस के बयान के मुताबिक़, महाकुंभ मेले के बैनर पर कथित रूप से पेशाब करने वाले व्यक्ति की पहचान विनोद नामक हिंदू विक्रेता के रूप में हुई है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि उसने नशे की हालत में कुम्भ बैनर से अनजान होकर दीवार के पास पेशाब किया था. यानी, इस मामले का कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं है.

असत्य
दावा:
रायबरेली में महाकुंभ के बैनर पर मुस्लिम व्यक्ति ने किया पेशाब

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