कांग्रेस नेता राजेश मिश्रा ने एक ट्वीट में लिखा, “अमेरिका में जारी दुनिया के 50 सबसे ईमानदार लोगों की सूची में भारत के एक मात्र व्यक्ति डॉक्टर मनमोहन सिंह जी वाे भी पहले स्थान पर.” ट्वीट डिलीट किए जाने से पहले इसे 25 हज़ार बार लाइक और 4 हज़ार बार रीट्वीट किया जा चुका था. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर पर ये मेसेज वायरल है.

फ़ेसबुक पर भी कई सारे यूज़र्स ने ये दावा शेयर किया है जहां साथ में ये भी लिखा है कि इस लिस्ट में नरेन्द्र मोदी का नाम नहीं है.

ऐसा ग्राफ़िक 2018 से शेयर किया जा रहा है जिसे प्रो-कांग्रेस पेज ‘वायरल इन इंडिया’ ने बनाया था.

What happened to The Honourable PM Modi?

Posted by Anil Sachdev on Monday, 21 May 2018

‘वायरल इन इंडिया’ पेज अभिषेक मिश्रा चलाते थे जिन्हें कई बार ग़लत जानकारियां फैलाते हुए पाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार अभिषेक मिश्रा कांग्रेस के नज़दीकी हैं.

ग़लत दावा

इस मेसेज के पीछे की कहानी दिसम्बर 2016 की है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दूसरे कार्यकाल में रात्रिभोज की मेजबानी की थी. इस अवसर पर, व्हाइट हाउस के मुख्य फ़ोटोग्राफ़र ने राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल के दौरान की कुछ और तस्वीरें शेयर की थीं.

तस्वीरों की झलक की शुरुआत मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरुशरन कौर की तस्वीर से हुई थी. ये तस्वीर इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि साल 2009 में राष्ट्रपति ओबामा के पद संभालने के बाद अमरीका की पहली राजकीय यात्रा मनमोहन सिंह ने की थी. इस अवसर पर नरेंद्र मोदी की कोई तस्वीर प्रस्तुत नहीं की गई थी.

वायरल मेसेज आधा सच है. ये सच है कि व्हाइट हाउस फ़ोटोग्राफ़र ने उस अवसर पर दिखाई गई तस्वीरों में मनमोहन सिंह की एक तस्वीर प्रमुख रूप से प्रदर्शित की. ये भी सच है कि नरेंद्र मोदी इन तस्वीरों के संकलन में शामिल नहीं थे. लेकिन, वायरल संदेश में किये गए दावे का दूसरा हिस्सा सच नहीं है. ये विश्व के “ईमानदार” नेताओं का संकलन नहीं है. ये तस्वीर ओबामा द्वारा आयोजित कई भोजों की तस्वीरों में से एक थी.

इसके अलावा, ऐसा दावा भी अपने आप में बेतुका मालूम देता है. क्यूंकि किसी देश के लिए दुनिया के सबसे ईमानदार नेताओं की ऐसी लिस्ट जारी नहीं की जाती है क्यूंकि ईमानदारी का कोई तय पैमाना नहीं है.

ग़लत
दावा:
मनमोहन सिंह को अमेरिका ने दुनिया के 50 सबसे ईमानदार नेताओं में घोषित किया

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