सोशल मीडिया पर एक न्यूज़पेपर क्लिप की तस्वीर वायरल है. इस क्लिप में बसपा प्रमुख मायावती के हवाले से एक बयान दिया गया है. खबर का टाइटल है – “बागी विधायक निलंबित, माया बोली सपा को हराना है, भले भाजपा को देना पड़े वोट”. ये खबर 2020 राज्यसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार रामजी गौतम के नामांकन का विरोध करने वाले 7 बागी विधायकों को निलंबित करने की थी. ये तस्वीर होने वाली यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर की जा रही है.

9 फ़रवरी को मायावती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. वीडियो में मायावती भाजपा को वोट देने की बात कह रही है. ट्विटर हैन्डल ‘@IndiaAwakened_’ ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. इसे हाल के यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शेयर किया गया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अरुण राजभर ने ये न्यूज़पेपर क्लिप ट्वीट की थी. उन्होंने लिखा कि भाजपा और बसपा एक ही है. बता दें कि सपा और सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी का गठबंधन हुआ था. और फिलहाल ये पार्टी सपा और अखिलेश यादव का समर्थन कर रही है.

फ़ेसबुक पर इस तरह के दावे वाली एक और न्यूज़पेपर क्लिप वायरल है.

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इसके अलावा, ऐसा ही दावा करने वाला ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के ब्रॉडकास्ट का एक स्क्रीनशॉट भी वायरल है. स्क्रीनशॉट में मायावती के हवाले से लिखा है कि बीजेपी को सपोर्ट करना पड़े तो करेंगे. स्क्रीन में नीचे ‘बसपा के बागी विधायक’ भी लिखा है.

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क्या है इस दावे की असलियत?

इन तस्वीरों में दिख रहे बयान सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को अक्टूबर 2020 की कुछ रिपोर्ट्स मिलीं. 29 अक्टूबर 2020 की लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी राज्यसभा चुनाव से पहले मायावती ने बसपा के 7 बागी विधायकों को पार्टी से बाहर कर दिया था. इन विधायकों ने पार्टी के राज्य सभा उम्मीदवार के खिलाफ बगावत की थी. और इसी वजह से मायावती ने इन बागी नेताओं को निकाल दिया था. आर्टिकल में बताया गया है, “बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सपा को हराने के लिए बसपा पूरी ताकत लगा देगी. विधायकों को बीजेपी समेत किसी भी विरोधी पार्टी के उम्मीदवार को वोट क्यों ना देना पड़ जाए.”

ABP लाइव की रिपोर्ट में भी मायावती के इस बयान के बारे में बताया गया था.

इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था. इसपर सफाई देते हुए मायावती ने एक और बयान दिया था. दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वो राजनीति से सन्यास नहीं लेगी. मुस्लिमों का वोट बसपा को न मिले इसलिए सपा-कांग्रेस, भाजपा से गठबंधन की अफवाह फैला रहे हैं. आर्टिकल के अनुसार, “बसपा, भाजपा के साथ किसी भी कीमत पर गठबंधन नहीं करेगी.” उन्होंने कहा कि बसपा की विचारधारा, भाजपा की विचारधारा से नहीं मिलती है.

इन खबरों का निचोड़ हम कुछ यूं निकाल सकते हैं कि बसपा प्रमुख मायावती ने 2020 में पार्टी के 7 बागी विधायकों को निकाल दिया था. और इस दौरान, उन्होंने सपा को हराने के लिए भाजपा या अन्य किसी पार्टी को वोट देने की बात कही थी. ताकि सपा को हराया जा सके. उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था. इसके बाद मायावती ने एक और बयान देकर कहा था कि उनका भाजपा से गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने भाजपा को वोट देने की बात सिर्फ और सिर्फ सपा को हराने के लिए की थी. हमने पाया कि मायावती का वायरल वीडियो इसी प्रेस कांफ्रेंस से क्लिप किया गया था.

आर्टिकल लिखे जाने तक मायावती के भाजपा के साथ गठबंधन करने की कोई खबर नहीं है. उनके पुराने बयान को भ्रामक रूप से आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शेयर किया गया.

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