अफ़गानिस्तान की बताकर कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं. बता दें कि ये तस्वीरें अफ़गानिस्तान में तालिबान की वापसी के संदर्भ में शेयर की गई है. इसे बंगाली मेसेज के साथ शेयर किया जा रहा है.

पहली तस्वीर

पहली तस्वीर में कई लोग नमाज़ पढ़ते हुए दिख रहे हैं. फ़ेसबुक यूज़र तहसीनुल इस्लाम ने ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि काबुल पर अपनी जीत के बाद लोग नमाज़ अदा कर रहे हैं.

एक यूज़र ने ये तस्वीर फ़ेसबुक ग्रुप ‘আল্লামা সাঈদী&তারেক মুনাওয়ার সমর্থক কারি’ में पोस्ट की.

ये तस्वीर फ़ेसबुक पर काफ़ी वायरल है.

This slideshow requires JavaScript.

सच्चाई

आसान से रिवर्स इमेज सर्च से हमें ये तस्वीर 2 नवंबर 2012 के द अटलांटिक के आर्टिकल में मिली. आर्टिकल का टाइटल है, “अफ़गानिस्तान : अक्टूबर 2012”. आर्टिकल में ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा गया है कि 26 अक्टूबर 2012 को जलालाबाद के बाहरी क्षेत्र की एक मस्जिद में अफ़गानी लोग नमाज़ पढ़ रहे थे.

रिपोर्ट में इस तस्वीर का श्रेय AP इमेजिज़ के रहमत गुल को दिया गया है. इसके चलते, ऑल्ट न्यूज़ ने AP इमेजिज़ पर रहमत गुल द्वारा खींची हुई तस्वीरें चेक की. हमें ये तस्वीर 26 अक्टूबर 2012 को पोस्ट की हुई मिली. वेबसाइट के मुताबिक, ये तस्वीर अक्टूबर 2012 में ईद-अल-अज़हा के मौके की है.

दूसरी तस्वीर

इस तस्वीर में कुछ लोग गाड़ी के बाहर लटके हुए दिख रहे हैं. इन लोगों के हाथ में बंदूकें भी दिख रही हैं. सोशल मीडिया पर ये तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा कि तालिबानी काबुल में आ चुके हैं. बंगाली मेसेज के साथ ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा गया है कि इस्लाम की जीत कौन रोक सकता है? एक फ़ेसबुक यूजर ने ये तस्वीर पोस्ट करते हुए यही दावा किया है.

एक और फ़ेसबुक यूज़र ने भी ये तस्वीर इसी दावे के साथ पोस्ट की है.

फ़ेसबुक पर ये तस्वीर काफ़ी शेयर की जा रही है.

This slideshow requires JavaScript.

फ़ैक्ट-चेक

आसान से रिवर्स इमेज सर्च से हमें ये तस्वीर द वाशिंगटन पोस्ट के 16 जून 2018 के आर्टिकल में मिली. आर्टिकल के मुताबिक, ईद के चलते अफ़गानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने तालिबान विद्रोहियों के साथ संघर्ष विराम का समय बढ़ा दिया था. इसके चलते, लोग जश्न मनाते हुए सड़कों पर निकले थे. आर्टिकल में इस तस्वीर का श्रेय रॉइटर्स के परवेज़ को दिया गया है.

रॉइटर्स की साइट चेक करने पर हमें ये तस्वीर 16 जून 2018 को पोस्ट की हुई मिली.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए अफ़गानिस्तान में तालिबान की काबुल पर जीत के बाद तालिबानियों द्वारा जश्न मनाने की बताकर शेयर की गई.


ब्राज़ील का वीडियो श्रीनगर में आतंकी पकड़े जाने के दावे के साथ वायरल, देखिये :

ग़लत
दावा:
अफ़गानिस्तान में तालिबान की जीत का जश्न मनाया गया

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें