पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. इस दौरान सोशल मीडिया पर एक अख़बार की क्लिप काफ़ी शेयर की जा रही है जिसमें भाजपा नेता के घर से 66 नकली ईवीएम मिलने की खबर दिखाई गई है. एक फ़ेसबुक यूज़र ने अखबार की ये क्लिप पोस्ट करते हुए लिखा, “बंगाल में चुनाव जीतने की पूरी तैयारी हो चुकी है, अब बस औपचारिकता शेष रह गई है।”

NSUI के कोर्डिनेटर कृष्ण मोहन शर्मा ने ये तस्वीर ट्वीट की. आर्टिकल लिखे जाने तक इसे 400 बार रीट्वीट किया गया है. (आर्काइव लिंक)
ये लो साहब अब ओर क्या बाकी रह गया @RubikaLiyaquat बोलो कुछ..??? pic.twitter.com/uh4RzTZkUs
— Krishna Mohan Sharma (@KrishnaMohanSha) March 15, 2021
काफ़ी यूज़र्स फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये तस्वीर शेयर कर रहे हैं.
Posted by Pappu shaikh pappu shaikh on Thursday, 18 March 2021
फ़ैक्ट-चेक
इस अखबार क्लिप की हेडलाइन के ऊपर लिखा है – “जैतारण में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए बनवाई गई थी”. इसके अलावा, खबर की बायलाइन में “न्यूज़ सर्विस/नवज्योति, ब्यावर” लिखा है. बात दें कि ब्यावर और जैतारण राजस्थान के शहर हैं.

की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें 4 दिसम्बर 2018 की पत्रिका की रिपोर्ट मिली. इस आर्टिकल में अख़बार की वायरल क्लिप में दिखने वाली तस्वीर भी शेयर की गई है. आर्टिकल के मुताबिक, अजमेर के ब्यावर शहर में पुलिस ने एक हाऊसिंग बोर्ड के एक मकान में से 66 नकली ईवीएम बरामद की थीं. इन नकली मशीनों पर जैतारण क्षेत्र के निर्दलीय उम्मीदवार सुरेन्द्र गोयल का चुनाव चिन्ह और नाम बना हुआ था.

बता दें कि सुरेन्द्र गोयल पहले भाजपा के नेता थे लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद, उन्होंने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन दाखिल किया था. ये बात अख़बार की इस वायरल क्लिप में भी बताई गई है. इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने अविनाश को उम्मीदवार बनाया था.
दैनिक भास्कर ने भी इस छापेमारी के बारे में एक रिपोर्ट पब्लिश की थी.
कुल मिलाकर, साल 2018 के राजस्थान के विधानसभा चुनाव के दौरान ब्यावर से 66 नकली ईवीएम बरामद किए जाने की खबर हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर की गई.





