3 फरवरी को, भाजपा के राष्ट्रिय प्रवक्ता संबित पात्रा ने 45 सेकंड के एक वीडियो क्लिप को साझा करते हुए लिखा, “वो जीना चाहते है और हमारे बच्चे मरने को तैयार है। खतरनाक बहुत खतरनाक देरी होने से पहले जल्दी जागे!!” इस ट्वीट को करीब 5,000 बार रिट्वीट किया जा चूका है। क्लिप में, एक मुफ़्ती भड़काऊ बयान देते हुए कहते है, “जिस तरीके से वो हमारे साथ वो अत्याचार करे रहे हैं। अगर हमारे नौजवान बच्चों को हमने एक दफा इशारा कर दिया और उकसा दिया। तो हमारे बच्चे उनसे कई ज़्यादा ताकत रखते हैं। वो अकेला पाके। हमारे बच्चे, को याद रखना, हमारे बच्चे, हम, याद रखना की हम उस आदमी की औलाद है, मीडिया के माध्यम से पुरे मुल्के उन खुराफाती लोगों से ये बात पहुंचा दो की हम उस आदमी की औलाद है ,जिन्होंने कुब्बत अल सख़रा के गुंबद पर खड़े होके कहा था कि यहूदियों तुम्हारे पास दस ऐसे लोग हैं जो जीना चाहते है और मेरे पास एक लोग है जो मरना चाहते है। हम मौत को गले लगाने वाली कौम है।” यह काफी महत्वपूर्ण है कि इस क्लिप को नागरिकता सशोधन कानून (CAA) और आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय में साझा किया जा रहा है।

स्वराज्य की कॉलमिस्ट शेफाली वैद्य ने भी एक उपयोगकर्ता गीतिका स्वामी द्वारा अपलोड किये गए वीडियो को उद्वरित करते हुए लिखा, “इस पर उल्लंघन कहा है?” (अनुवाद) वैद्य और स्वामी के पोस्ट को अब तक 4,500 रिट्वीट किया गया है।

तथ्य जांच

गूगल पर की-वर्ड्स सर्च करने पर हमने समान वीडियो को फेसबुक पेज ‘Yogi Adityanath -True Indian’ पर जुलाई 2019 में अपलोड किया हुआ पाया। इस प्रकार, यह वीडियो हाल का नहीं है और CAA के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को नहीं दर्शाता है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिलाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद ने 27 जून, 2019 को मुस्लिम समुदाय द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन देहरादून कोर्ट के बाहर झारखण्ड में तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग मामले के सन्दर्भ में आयोजित हुआ था। उन्होंने मीडियाकर्मी से बात करते हुए आपत्तिजनक बयान दिया था और टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोतवाली पुलिस स्टेशन में धारा 153 ए (1) (बी) [धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना] और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के 505-2 [अभद्र भाषा] के तहत मामला दर्ज़ किया गया है।

नीचे पोस्ट किये गए वीडियो में मुफ़्ती रईस अहमद द्वारा दिए गए पूर्ण भाषण को सुना जा सकता है।

निष्कर्ष के तौर पर, तबरेज़ अंसारी के मामले के बाद मुफ़्ती द्वारा दिए गए उत्तेजक भाषण का वीडियो नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और दिल्ली में 8 फरवरी, 2020 को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने साझा किया है। पात्रा ने बिना किसी सन्दर्भ से इस वीडियो को साझा किया, जिससे यह लगे कि यह किसी हालिया घटना को दर्शाता है। इसके अतिरक्त, यह वीडियो उत्तराखंड का है जबकि सोशल मीडिया में इसे दिल्ली का बताया गया है।

आंशिक रूप से सत्य
दावा:
CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान मौलवी ने दिया उत्तेजक भाषण

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