सोशल मीडिया पर एक वीडियो नागरिकता संशोधन कानून की पृष्ठभूमि में शेयर किया जा रहा है, यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देती हैं। वीडियो को शेयर करते हुए लिखा जा रहा है, “#पाकिस्तान के पंजाब में हिन्दू बहन के साथ किस तरह अत्याचार कर रहें मुस्लिम युवक, आप देख कर हिल जाएंगे गलती शिर्फ इतनी सी हैं,#हिंदू बहन ने अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की रिपोर्ट थाने क्यों की, #CAA मोदीजी इन जैसे बहनों की सुरक्षा के लिए ही लेकर आए हैं!”– वीडियो में एक व्यक्ति डंडे से दो महिलाओं को बेरहमी से पीट रहा है। खुद को भाजपा समर्थक बताने वाले @NyLahBaLoch नामक एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने इस वीडियो को समान सन्देश के साथ साझा किया है। (आर्काइव) दोनों ही ट्वीट अब डिलीट कर दिये गए है, लेकिन कई और यूज़र्स ने भी इसे शेयर किया है।

जम्मू-कश्मीर का वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो को इनवीड के जरिये कई की-फ्रेम्स में तोड़ा और उसमें से एक की-फ्रेम को रिर्वस सर्च किया। परिणामस्वरूप हमें गुजराती मीडिया संगठन दिव्य भास्कर का 30 अगस्त, 2018 का एक लेख मिला। इस लेख में वायरल वीडियो को जम्मू-कश्मीर के राजौरी में हुई एक घटना का बताया गया था। प्राप्त जानकारियों के आधार पर, यूट्यूब पर सम्बंधित की-वर्डस से सर्च करने पर हमें HW न्यूज़ नेटवर्क की 21 जून, 2018 को अपलोड की गई एक वीडियो रिपोर्ट मिली। वीडियो रिपोर्ट में राजौरी के एसएसपी युगल मन्हास को इस घटना के बारे में बयान देते हुए सुना जा सकता है। उनके बयान के अनुसार, ये दोनों महिलाएं माँ-बेटी है और उन्हें मारने वाला व्यक्ति उनका पड़ोसी है, जो पेशे से ड्राइवर है। एक पुरानी घटना को लेकर व्यक्ति ने महिलाओं की पिटाई की थी। घटना के बाद, अपराधी वहां से भाग गया था। हालांकि, पुलिस ने बाद में उसे कठुआ के एक गांव से गिरफ्तार किया था।

जम्मू पुलिस ने 21 जून, 2018 को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस मामले में हुई गिरफ्तारी के बारे में बताया था।

इस प्रकार, यह दोहराया जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर में हुई तक़रीबन दो साल पुरानी घटना का वीडियो, सोशल मीडिया में पाकिस्तान में हिन्दू महिलाओं की स्थिति दर्शाने के झूठे दावे से प्रसारित की गयी है।

झूठे दावे से वायरल

हमने पाया कि पाकिस्तान के पंजाब में हिन्दू महिलाओं की स्थिति को दर्शाने के झूठे दावे से यह वीडियो फेसबुक और ट्विटर पर वायरल है।

viral on fb

ट्विटर पर पुष्पा तिवारी नामक एक उपयोगकर्ता ने इस वीडियो को समान सन्देश के साथ साझा करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को टैग किया है।

[अपडेट: इस आर्टिक्ल में 13 फरवरी, 2020 को नया ट्वीट शामिल किया गया।]
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