सोशल मीडिया पर हज़ारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों का एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है. दावा है कि ये वीडियो फ़्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे चेचन मुसलमानों का है. बीते कुछ वक़्त से फ़्रांस का नाम ख़बरों में रहा है जहां 16 अक्टूबर 2020 को एक टीचर की एक मुस्लिम कट्टरपंथी प्रवासी लड़के ने हत्या कर दी थी. उस टीचर ने अपनी क्लास में वो कथित विवादित कार्टून दिखाया था जिसके चलते साल 2015 में चार्ली हेब्दो अख़बार के दफ़्तर पर 2 मुस्लिम कट्टरपंथी भाइयों ने हमला कर दिया था जिसमें 12 लोग मारे गए थे. सितम्बर 2020 में फ़्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने इस्लाम को लेकर एक टिप्पणी की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में आने वाले प्रवासियों को फ़्रांस में “ईशनिंदा की स्वतंत्रता” का सम्मान करना पड़ेगा. इसी दौरान उन्होंने सटायरिकल अख़बार चार्ली हेब्दो का पूरी तरह से बचाव किया और अपने देश में बढ़ रहे इस्लामिक अलगाववाद की भी आलोचना की थी. इन्हीं सब बातों के चलते अब, जब फ़्रांस के इर्द-गिर्द इस्लामिक माहौल को लेकर एक बहस शुरू हुई है, फ़्रेंच प्रेसिडेंट की महीने भर पुरानी बातों को आधार बनाकर इस्लामिक देशों ने फ़्रांस के ख़िलाफ़ आर्थिक बॉयकॉट शुरू किया है. और दुनिया भर में इसके पक्ष और विपक्ष, दोनों में तमाम हैशटैग्स चल रहे हैं.

इसी क्रम में ट्विटर हैन्डल ‘@AhmadDangi1’ने लोगों के जमावड़े का ये वीडियो 26 अक्टूबर को ट्वीट किया है. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 50 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

एक और ट्विटर यूज़र ‘काकावाणी 2.0’ ने ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया है कि प्रदर्शन करने वाले चेचेन्य के मुस्लिम हैं. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 900 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पेज ‘Evolution of Democracy’ ने ये वीडियो हाल के प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया है. 25 अक्टूबर को पोस्ट किये गए इस वीडियो को 1,400 बार देखा गया है.

Dear Emmanuel Macron
People come and go, and you too shall leave this earth. Nations rise and fall, and a time will come when France itself shall not exist. But rest assured, the legacy of the Prophet ﷺ, and the love that all Muslims have for him, shall continue to live long after you and your nation are remains of the history books – Yasir Qadhi

I Protest against the disreputable and disrespectful demeanor shown towards our beloved Prophet Muhammad SAW. Do you?

Posted by Evolution of Democracy on Sunday, 25 October 2020

ट्विटर यूज़र नेहा चौधरी ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “आज फ्रांस है, कल आपका देश हो सकता है । इसलिये जागरुक बनो.” ट्विटर और फ़ेसबुक पर ये वीडियो काफ़ी शेयर किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो में स्क्रीन के बाएं कोने पर “अंसार अल्लाह मीडिया सेंटर” लिखा हुआ है.

“अंसार अल्लाह मीडिया सेंटर” नाम का एक यूट्यूब चैनल है. इस चैनल पर ये वायरल वीडियो 10 नवंबर 2019 को अपलोड किया हुआ मिला. ये वीडियो अपलोड करते हुए चैनल ने लिखा है कि ये पैगंबर के जन्मदिन ’10-11-2019′ के मौके पर इकट्ठा हुए यमन के लोगों का वीडियो हैं.

इस वीडियो के स्क्रीनशॉट को वायरल वीडियो से कम्पेयर करने पर ये बात साफ़ हो जाती है कि ये दोनों वीडियो एक ही हैं.

इंटरनेशनल क़ुरान न्यूज़ एजेंसी ने यमन में पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के कार्यक्रम के बारे में ख़बर दी थी. 10 नवंबर 2019 के आर्टिकल में बताया गया है कि यमन की राजधानी साना के अल शाब मस्जिद (Al Sha’ab Mosque) में हज़ारों की संख्या में मुस्लिम पहुंचे थे. इस आर्टिकल में मस्जिद के पास जमा हुई भीड़ की एक तस्वीर भी शेयर की गई है.

न्यूज़ चैनल वॉइस ऑफ़ अमेरिका ने 10 नवंबर 2019 को ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि यमन की राजधानी साना में हज़ारों की संख्या में यमनी और हुथी लोग पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे.

इस तरह, पिछले साल यमन में पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन की खुशी में इकट्ठा हुए हज़ारों लोगों का वीडियो फ़्रांस के खिलाफ़ चल रहे हाल के प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया गया.

ग़लत
दावा:
फ़्रांस के खिलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए हज़ारों लोग

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