सोशल मीडिया में प्रसारित किया जा रहा एक वीडियो, जिसमें एक आदमी दो लड़कों को ‘जय श्री राम’ कहने और गाली देने के लिए मजबूर कर रहे हैं। एक अन्य व्यक्ति को पीछे अपमानजनक धार्मिक टिपण्णी करते हुए सुना जा सकता है, जो शायद वीडियो रिकॉर्ड करने वाले हो सकते हैं। एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने इस क्लिप को बिना किसी संदर्भ से पोस्ट किया है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है कि,“नहीं रुक रहे है ये लोग और ना रुकेंगे लगता”। इस लेख को लिखते समय तक इस वीडियो को 2,600 से ज़्यादा बार देखा जा चूका है।

यह वीडियो व्हाट्सअप पर भी प्रसारित है।

पुराना वीडियो

हमने पाया कि यह वीडियो दरअसल अगस्त 2016 का है। ओसामा मज़हर द्वारा ट्विटर पर इस वीडियो के पुरे संकरण को पोस्ट किया है, जिसमें गाली देने वाले व्यक्ति को “अमित सिंह राठौड़” के रूप में पहचाना जा सकता है। यह घटना गुजरात के सूरत में हुई थी।

3 अगस्त, 2016 को द टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा प्रकशित एक लेख में लिखा है,“क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को इस धार्मिक अपमानजनक वीडियो की पड़ताल शुरू कर दी है, जिसके कारण लिम्बायत में पुलिस स्टेशन पर हमला किया गया था”-(अनुवाद)। लेख के मुताबिक़, पुलिस ने वीडियो में संलिप्ता के चलते अमित सिंह राठौर, आशुतोष दूबे, विनोद उर्फ ​​गुड्डू तिवारी और संजय तिवारी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने इस बात को कबुल कर लिया है कि उन्होंने 2 महीने पहले यह वीडियो लिया था। द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पीड़ित मज़दूर बिहार के रहने वाले थे।

निष्कर्ष के रूप में, दो मुस्लिम प्रवासियों को ‘जय श्री राम’ बुलवाने, उन्हें थप्पड़ मारने और धार्मिक विषय पर अपमानजनक टिपण्णी करने के तीन साल पुराने वीडियो को, हाल ही में हुई कुछ ऐसी घटनाओ के संदर्भ में साझा किया गया है। इससे सोशल मीडिया उपयोगकर्ता को इस घटना के हाल में होने का संकेत मिलता है। हमने पिछले महीने भी एक पुराने वीडियो की पड़ताल की थी, जिसे दिल्ली पुलिस और सिख ड्राइवर की झड़प के बाद साझा किया गया था।

आंशिक रूप से सत्य
दावा:
2 मुस्लिम युवकों को 'जय श्री राम' बोलने और अपमानजनक धार्मिक टिपण्णी करने के लिए मजबूर किया

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