हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक़्फ़ संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई. मरनेवालों मे से दो लोग एक ही परिवार के बाप बेटे हैं. ख़बर के मुताबिक, उस इलाके के कई हिंदू परिवारों को पलायन भी करना पड़ा, इन सब के चलते पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है.
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें ट्रक में बंधे लाउडस्पीकर के साथ हाथों में भगवा रंग का धार्मिक झंडा लिए हजारों की भीड़, सड़क पर “एक ही नारा, एक ही नाम, जय श्री राम” और “हर हर महादेव” का नारा लगा रही हैं. यूज़र्स इसे हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में दस हज़ार से ज़्यादा बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचने के दावे से शेयर कर रहें हैं.
तेलंगाना विधानसभा सदस्य टी. राजा सिंह के पैरोडी अकाउंट ने X (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “राजस्थान से 10 हजार बजरंग दल के कार्यकर्ता बंगाल पहुंचे 15 मिनट वालो की सांसे अटकी पड़ी हैं”.(आर्काइव लिंक)
इस ट्वीट में 15 मिनट का संदर्भ AIMIM चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के 2012 के उस विवादित बयान से है जहां उन्होंने कथित तौर पर कहा था, ’15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो तो पता चल जाएगा कौन ताकतवर है.’ हालांकि, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें 2022 में बरी कर दिया था.
राजस्थान से 10 हजार बजरंग दल के कार्यकर्ता बंगाल पहुंचे
15 मिनट वालो की सांसे अटकी पड़ी हैं 🔥
जय श्रीराम 🚩👏 pic.twitter.com/kg46UHafb8
— Tiger Raja Satire (@TigerRajaSinggh) April 18, 2025
कई मौकों पर ग़लत जानकारी फैलाते पाए जाने वाला X-यूज़र ‘@ocjain4‘ ने भी ‘बंगाल पहुंचा बजरंगदल’ दावें के साथ वीडियो शेयर किया. (आर्काइव लिंक)
बजरंगदल पहुंचा बंगाल
अब जिहादियों का होगा सिस्टम हैंग
🔥🔥💥💥
जय श्री राम🚩👏 pic.twitter.com/mOSRyhsNMd— Ocean Jain (@ocjain4) April 18, 2025
फेसबुक पेज ‘सनातन धर्म‘ ने भी ऐसा दावा करते हुए वीडियो शेयर किया जिसे लगभग 10 लाख से ज़्यादा लोगों ने देखा हैं. (आर्काइव लिंक)
#hilightseveryonefollowers
Posted by सनातन धर्म on Friday 18 April 2025
हिन्दू और हिंदुत्व की रक्षा नाम से बनाये भारतीय नव निर्माण सेना के संस्थापक एवं अध्यक्ष व इंस्टाग्राम यूज़र ज्ञान वीर ने भी ऐसे ही दावों के इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया. (आर्काइव लिंक)
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कई X-यूज़रों ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया. (आर्काइव लिंक)
फैक्ट-चेक
वायरल वीडियो देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि शोरों के बीच में वीडियो बना रहा युवक बंगाली भाषा में बारासात में ऐसा अद्भुत नज़ारा पहले नहीं देखा गया, राम नवमी जैसे कुछ कुछ शब्द बोल रहा है.
जांच जारी रखते हुए वायरल वीडियो के कुछ फ़्रेमो को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें अरूप बिस्वास नाम का एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला जिसमें वायरल वीडियो 6 अप्रैल 2025 को अपलोड किया हुआ मिला. इसके कैप्शन में बंगाली भाषा में राम नवमी की बधाई के साथ वीडियो को बारासात का बताया है. साथ में लिखा है कि “पूरा बारासात शहर आज एक अभूतपूर्व… अतुलनीय… रोमांचकारी पल का गवाह बन रहा है. बारासात की सड़कें रामनवमी पर बंगाल के सबसे बड़े जुलूसों में से एक से भरी हुई हैं”. (आर्काइव लिंक)
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ये इंस्टाग्राम प्रोफाइल खंगालने पर हमें पश्चिम बंगाल के बारासात में राम नवमी को निकली झांकी से संबंधित दो और वीडियोज़ 7 अप्रैल एवं 8 अप्रैल को अपलोड किये हुए मिलें. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)
आगे द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 6 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती सहित भाजपा नेताओं ने बारासात में “राम नवमी शोभा यात्रा” में हिस्सा लिया.

बारासात लोकेशन की पुष्टि करने के लिए हमनें वीडियो में दिख रहे रॉयल एनफील्ड बोर्ड वाले फ्रेम के आधार पर जियोलोकेट किया. हमें गूगल मैप पर बारासात में रॉयल एनफील्ड शोरूम और कैनरा बैंक दोनों एक ही इमारत में दिखें. गूगल स्ट्रीट व्यू के इमेजिज़ 2023 के थे जिस वजह से शोरूम निर्माणाधीन दिखाई दे रहा था, लेकिन पास में लगे बिजली के खंबे में हमें रॉयल एनफील्ड का बोर्ड दिखा जिसकी तुलना करते हुए हमनें आस पास के कुछ इमारतों की भी तुलना की. इससे साफ हो गया कि वीडियो मुर्शिदाबाद का नहीं बल्कि बारासात का है.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में वक़्फ़ अधिनियम विधेयक के ख़िलाफ़ चल रहें विरोध प्रदर्शन 11 अप्रैल को हिंसा की कुछ घटनाएं हुई थीं.
कुल मिलाकर, वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल के बारासात का में 6 अप्रैल को रामनवमी के दौरान निकली धार्मिक रैली का है और इसका संबंध राज्य की किसी दूसरी घटना या हिंसा से नहीं हैं. यूज़रों ने वीडियो शेयर कर एक प्रॉपगेंडा के तहत पश्चिम बंगाल में हालिया हिंसा से जोड़कर बजरंग दल के राज्य में पहुंचने का भ्रामक दावा किया.





