‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाने के गीतकार कवि प्रदीप का बताकर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. वीडियो में दिख रहे बुज़ुर्ग आज़ादी के समय हुई घटनाओं को लेकर जवाहरलाल नेहरू की आलोचना कर रहे हैं. बुज़ुर्ग कहते हैं, “15 अगस्त को हम नाच कूद के मनाते हैं. लेकिन हमें मिला क्या था 15 अगस्त को? मुसलमानों को तो 2 देश मिले, बांगलादेश और पाकिस्तान. हमें क्या मिला? 1/3 देश हमारा चला गया…मज़हब के दायरे में बंटवारा नहीं होना चाहिए था अगर हुआ तो पूरे मुसलमान वहां जाने चाहिए. पूरे हिन्दू यहां रहने चाहिए…क्या ये षड्यंत्र था? ये ठीक बात थी नहीं…15 अगस्त को जब हमारे पांचों दरियाओं का पानी खून से लाल हो रहा था तब नेहरू जी मस्ती में झूम रहे थे. बधाइयां ले रहे थे…देश से बड़ी कोई चीज़ होती है क्या? 15 अगस्त को शोक दिवस में मनाए. ये तो ठीक है. 10 लाख लोगों का कत्लेआम और 53 करोड़ लोगों का उजड़ हो जाना…”

फ़ेसबुक यूज़र मुकेश सहारिया ने ये वीडियो कवि प्रदीप का बताते हुए पोस्ट किया. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

 

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध कवि प्रदीप के कड़वे प्रश्न …

Posted by Mukesh Sahariya on Saturday, 12 February 2022

ट्विटर पर भी ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया गया है.

यूट्यूब पर भी ये वीडियो इसी दावे के साथ अपलोड किया गया.

फ़ेसबुक पर ये वीडियो वायरल है.

This slideshow requires JavaScript.

फ़ैक्ट-चेक

हमने देखा कि एक अन्य यूज़र ने यही वीडियो शेयर किया है लेकिन बिना कवि प्रदीप का नाम लिए. इस वीडियो में स्क्रीन पर ‘केशु फ़िल्म्स’ लिखा दिखता है. इसे ध्यान में रखते हुए यूट्यूब पर सर्च करने पर हमें ‘केशु फ़िल्म्स’ नाम का चैनल मिला. इस चैनल ने 22 नवंबर 2017 को वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का एक वीडियो अपलोड किया था. कैप्शन के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम गुलाब सिंह राजपूत है. वो हरियाणा सरकार के सहकारी समिति विभाग में काम करते थे.

उसी दिन 22 नवंबर 2017 को इस चैनल ने अभी वायरल हो रहा वीडियो भी अपलोड किया था.

इसके अलावा, फ़रवरी 2020 में इस चैनल ने एक और वीडियो शेयर करते हुए गुलाब सिंह राजपूत के देहांत की खबर दी थी. हमने केशव मेहता से भी बात की जो केशू फ़िल्म्स चैनल चलाते हैं. उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति कवि प्रदीप नहीं बल्कि गुलाब सिंह राजपूत हैं.

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने कवि प्रदीप की बेटी मितुल प्रदीप से बात की. उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे शख्स उनके पिता नहीं हैं. उनके पिता 24 साल पहले ही गुज़र गए थे. साथ में मितुल ने जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज करवाई थी. उन्होंने हमें इसकी कॉपी भी भेजी.

This slideshow requires JavaScript.

 

यानी, करनाल के गुलाब सिंह राजपूत का वीडियो सोशल मीडिया पर कवि प्रदीप का बताकर शेयर किया गया. यूट्यूब चैनल चलाने वाले शख्स केशव मेहता के अनुसार, वीडियो में गुलाब सिंह राजपूत है. ऑल्ट न्यूज़ उनकी पहचान की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन इतना तो तय है कि ये शख्स कवि प्रदीप बिल्कुल नहीं है.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.