सोशल मीडिया पर आंध्रप्रदेश के काकीनाडा के कई वीडियोज़ शेयर किये जा रहे हैं. इनमें कारों पर फिलिस्तीन देश के झंडे के साथ-साथ सफेद और हरे रंग के झंडे लहराते हुए कुछ युवकों को देखा जा सकता है. ये किसी सड़क के चौराहे के चक्कर लगाते नज़र आ रहे हैं. इस वीडियो के साथ कई न्यूज़ संस्था समेत यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि मिलाद-उल-नबी समारोह के दौरान रैली में फिलिस्तीन और पाकिस्तानी झंडे प्रदर्शित किए गए.

X पर खुद को अधिवक्ता व भाजपा भाजपा हैदराबाद मध्य जिला विधिक प्रकोष्ठ संयुक्त संयोजक बताने वाले नीलम भार्गव राम ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि काकीनाडा में मिलाद-उन-नबी त्यौहार के अवसर पर, पाकिस्तान और फ़िलिस्तीनी झंडों के साथ एक जुलूस निकाला गया.

इसी घटना के एक दूसरे ऐंगल से शूट किए वीडियो को X-यूज़र गुडुम्बा सत्ती और सूर्या ने शेयर करते हुए रैली में पाकिस्तानी झंडा लहराने का दावा किया.

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ज़ी तेलगू न्यूज़ ने वायरल वीडियो के आधार पर युवकों द्वारा कार में पाकिस्तानी झंडा लहराने का दावा किया. इस खबर को ज़ी तेलगू ने अपने आधिकारिक यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया. साथ ही बताया कि पुलिस ने उन चारों कारों को जब्त कर लिया है. इसके अलावा vaartha.com और andhrajyothy.com न्यूज़ वेबसाइट ने भी ऐसे ही दावों के साथ खबर चलाई.

prime 9 न्यूज़ यूट्यूब चैनल भी पाकिस्तान के झंडा लहराने के दावे के साथ वीडियो चलाया. इसे क़रीब 47 लाख लोगों ने देखा है.

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो को ध्यान से देखते हुए, वीडियो को कई फ्रेम्स में अलग कर सभी कार में दिख रहे झंडे को गौर से देखा. हमने पाया कि कार में लहरा रहे झंडे को इस्लामिक और फ़िलिस्तीन के हैं. इसके अलावा हमें वीडियो में दिख रहे सभी झंडों की तुलना पाकिस्तान के राष्ट्रीय झंडे से की. ऐसा करने से साफ हो गया कि रैली में दिख रहे झंडे पाकिस्तान के नहीं थे.

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इसके बाद ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल दावों और चारों कारों के ज़ब्त किए के जाने के सम्बन्ध में काकीनाडा, टाउन पुलिस थाना में संपर्क किया. हमें इस मामले में अभी तक कोई जवाब नहीं मिल है. जानकारी मिलते ही आर्टिकल में अपडेट किया जाएगा.

कुल मिलाकर, ऑल्ट न्यूज़ को वायरल वीडियोज़ की पड़ताल में पाकिस्तान झंडा दिखने के दावे को साबित करता कोई पाकिस्तानी झंडा वीडियो में नहीं दिखा. वीडियो में दिख रहे झंडे इस्लामिक और फ़िलिस्तीन के झंडे थे.

क्या किसी विदेशी या फ़िलिस्तीन के झंडे को किसी कार्यक्रम या आयोजन में साथ ले जाया जा सकता है?

फ़्लैग कोड ऑफ़ इंडिया (2002) में विदेशी झंडों पर रोक का ज़िक्र नहीं है. विदेशी झंडों को प्रदर्शित करने पर रोक तब तक नहीं लगता, जब तक कि वे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान न करें. विदेशी झंडा किसी धार्मिक या राजनीतिक आयोजन का हिस्सा हो और उसकी वजह से स्थानीय माहौल में तनाव उत्पन्न हो, तो पुलिस या सुरक्षाबल संप्रदायिकता, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के मामलें में CrPC या BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकती है.

ग़लत
दावा:
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में मिलाद-उल-नबी जुलूस में लहराए पाकिस्तानी झंडे

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