पिछले तीन महीने से गुरुग्राम में स्थानीय लोग और राइटविंग ग्रुप के लोग सार्वजनिक स्थानों पर शुक्रवार की नमाज़ का विरोध कर रहे हैं. द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, “2018 में इसी तरह के विरोध के बाद, प्रशासन ने नमाज़ के लिए नामित जगहों की संख्या 108 से घटाकर 37 कर दी थी. नवंबर 2021 में इनकी संख्या और घटाकर 20 कर दी गई.”

इस मामले के मद्देनज़र, पाकिस्तानी कनाडाई कॉलमिस्ट तारिक फ़तह ने सार्वजनिक रूप से नमाज़ अदा करने वाले सैकड़ों लोगों की एक तस्वीर ट्वीट की. उन्होंने लिखा, “ये दूसरों को धमकाने के मकसद से अपनी संख्या का प्रदर्शन करना है”. उनके ट्वीट को डिलीट किये जाने से पहले 2 हज़ार से ज़्यादा बार रिट्वीट किया गया.

फ़ेसबुक पेज आइ सपोर्ट अर्नब गोस्वामी (4 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स), डीवाइन शालिग्राम (30 हजार से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स) और Eternal Hindu – शाश्वत हिंदू (50 हज़ार से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स) ने भी ये तस्वीर इसी तरह के दावे के साथ पोस्ट की.

बांग्लादेश की पुरानी तस्वीर

तस्वीर को करीब से देखने पर पता चलता है कि एक डबल डेकर बस पर BRTC लिखा है.

BRTC बांग्लादेश सड़क परिवहन निगम के लिए इस्तेमाल किया जाता है. बांग्लादेशी आउटलेट द डेली स्टार, द फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस और बांग्लादेश लाइव में इसी तरह की बसों की तस्वीरें शेयर की गई हैं.

स्टॉक फ़ोटोग्राफ़ी वेबसाइट Alamy पर सर्च करने पर हमें असली तस्वीर मिली. वायरल तस्वीर, इस तस्वीर का क्रॉप्ड वर्ज़न है. तस्वीर के डिस्क्रिप्शन के अनुसार, इसे 2020 में शेख मोहम्मद महादी हसन ने क्लिक किया था. तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, “हज के बाद दुनिया के मुसलमानों की दूसरी सबसे बड़ी सभा, बिश्व इज्ते़मा में जुम्मे की नमाज़ अदा कर रहे हैं.”

वायरल तस्वीर का हिस्सा नीचे मार्क किया गया है.

कुल मिलाकर, तारिक़ फ़तह ने बांग्लादेश में सार्वजनिक जगह पर नमाज़ अदा कर रहे लोगों की तस्वीर भारत के मुसलमानों पर निशाना साधते हुए पोस्ट की. ऑल्ट न्यूज़ ने पहले भी तारिक फ़तह द्वारा शेयर की गई ग़लत सूचनाओं पर एक आर्टिकल पब्लिश किया है.

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He joined as an intern in 2019. Until June 2022, his work primarily focused on fact-checking. Now his primary responsibilities include catalysing all aspects of organisational growth — from fundraising to development of new projects at Alt News. He attended the Asian College of Journalism (2015-16) and The Maharaja Sayajirao University of Baroda (2012-2015). In past, he worked at The Hindu and Zee Media's WION.
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