सोशल मीडिया पर एक तस्वीर, जिसमें दो किताबें एक साथ रखी है, इस कैप्शन के साथ साझा की गई है कि ‘इसे मुंबई हवाई अड्डे पर देखा गया है।’ इसमें बाईं ओर वाली किताब के कवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जबकि दाईं ओर की पुस्तक में नाज़ी नेता एडोल्फ हिटलर हैं। दोनों किताबों के बीच में लगाए गए तीर यह सुझाव देते हैं कि अगर कोई पाठक नरेंद्र मोदी की पुस्तक पसंद करता है, तो उसे एडॉल्फ हिटलर वाली किताब भी आज़मानी चाहिए।

उपरोक्त ट्वीट 29 सितंबर को की गई है, जिसे इस लेख के लिखे जाने तक 1,300 से अधिक बार रिट्वीट और 3,100 से अधिक बार लाइक किया गया है।

तथ्य-जांच: फोटोशॉप तस्वीर

इस तस्वीर में पर्याप्त सुराग हैं जो संकेत देते हैं कि इसे फोटोशॉप किया गया है। उदाहरण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी वाली पुस्तक के कवर को लें। गौर करने से पता चलता है कि पीएम मोदी की तस्वीर को मूल पुस्तक के कवर पर केवल चिपका दिया गया है। नीचे बाएं कोने में काली पृष्ठभूमि पर अंग्रेजी का अक्षर ‘D’ धुंधला-सा दिखाई देता है। दूसरा संकेत नीचे दाएं कोने में दिखता मूल्य टैग है, जिसमें पुस्तक की लागत भारतीय मुद्रा में नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा में सूचीबद्ध है। इससे पता चलता है कि ये किताबें मुंबई हवाई अड्डे पर देखे जाने का दावा झूठा है।

किताब के कवर पर मूल तस्वीर डोनल्ड ट्रम्प की है

ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर की रिवर्स-सर्च की तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संबंधित मूल तस्वीर मिली। हमें तीन साल पहले सितंबर 2016 में पोस्ट किया गया एक ट्वीट मिला। इस ट्वीट में नरेंद्र मोदी की जगह बुक कवर पर डोनाल्ड ट्रम्प को दिखाने वाली तस्वीर थी। वह पुस्तक ‘क्रिप्पल्ड अमेरिका- हाउ टू मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ है, जिसे स्वयं ट्रम्प ने लिखा है। द पोक के अनुसार, इस तस्वीर को किताब की एक दुकान में लिया गया था, इसके अलावा कोई और विवरण नहीं है।

इस प्रकार, यह साफ है कि एडॉल्फ हिटलर पर लिखी एक किताब के साथ नरेंद्र मोदी को दिखलाती पुस्तक वाली तस्वीर फोटोशॉप की हुई है। मूल तस्वीर में पीएम मोदी के स्थान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हैं। पहले भी, फोटोशॉप की हुई तस्वीरों और/या वीडियो के माध्यम से नरेंद्र मोदी और एडॉल्फ हिटलर के बीच विचित्र समानता दिखलाने का प्रयास किया जा चुका है।

असत्य
दावा:
नरेंद्र मोदी और एडोल्फ हिटलर पर लिखी किताब एक साथ रखी हुई

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