सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़का मैन-पोर्टेबल एयर डिफ़ेंस सिस्टम या MANPADS से फ़ायरिंग करता नज़र आ रहा है. इस वीडियो को कई अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जा रहा है. कुछ यूज़र्स का दावा है कि मणिपुर में विद्रोहियों ने एक भारतीय लड़ाकू हेलिकॉप्टर को मार गिराया. कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि मणिपुर के मोइरांग में कुकीज़ो विद्रोहियों ने नागरिकों को निशाना बनाकर रॉकेट बम से हमला किया.

रिपब्लिक टीवी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे मणिपुर के विद्रोहियों द्वारा मिसाइल लांचर का इस्तेमाल करके मणिपुर के एक गांव पर मिसाइलें दागने का विशेष फ़ुटेज बताया. रिपब्लिक टीवी ने मणिपुर पुलिस को ज़िम्मेदार ठहराते हुए इसे मणिपुर विद्रोहियों के एक ‘विशेष’ और ‘प्रमाणित’ वीडियो के रूप में शेयर किया.

मणिपुर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अस्कर अली MK ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि कुकीज़ उग्रवादी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए रॉकेट बम का इस्तेमाल कर रहे हैं.

फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल वीडियो के फ़्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च किया. हमने पाया कि वीडियो 5 सितंबर को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था. इसके टाइटल में कहा गया है कि वीडियो म्यांमार का है जहां काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) ने म्यांमार जुंटा हेलिकॉप्टर को एक मैनपैड से मार गिराया था.

हमने पाया कि ये वीडियो 6 सितंबर को क्लैश रिपोर्ट नामक यूज़र ने भी ट्वीट किया था. इसमें ज़िक्र किया गया है कि फ़ुटेज में KIA को म्यांमार सैन्य जुंटा हेलिकॉप्टर को मार गिराते हुए दिखाया गया है. ट्वीट में कहा गया है कि ये संभवतः पहले की घटना है लेकिन फ़ुटेज उस दिन जारी की गई है.

मणिपुर पुलिस ने ट्वीट करके ये स्पष्ट किया कि वीडियो मणिपुर का नहीं बल्कि म्यांमार का है.

भारत सरकार की फ़ैक्ट-चेक यूनिट ने ये भी स्पष्ट किया है कि वीडियो के साथ शेयर किया गया दावा ग़लत सूचना का एक हिस्सा है.

कुल मिलाकर, रिपब्लिक टीवी ने म्यांमार का एक वीडियो शेयर किया और झूठा दावा किया कि ये मणिपुर का है. चैनल ने झूठे दावे के लिए मणिपुर पुलिस को भी ज़िम्मेदार ठहराया. मणिपुर के एक बीजेपी नेता समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी इस झूठ को आगे बढ़ाने का काम किया.

ग़लत
दावा:
मणिपुर विद्रोहियों का एक 'विशेष' और 'प्रमाणित' वीडियो

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