अक्सर ग़लत जानकारी फैलाने वाला ट्विटर हैन्डल ‘हम लोग We The People’ ने 28 मई, 2023 को एक वीडियो ट्वीट किया और लिखा, “वीडियो कुरुक्षेत्र की बताई गई है जहां वटवृक्ष के नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। उसी मंदिर परिसर में एक मजार नुमा चबुतरा बनना चालू हो गया है, जिसपर पीर साहब की चादर भी दिखाई दे रही है। कृपया संबंधित लोग यथाशीघ्र संज्ञान लेकर इस मजार को नष्ट करें।”

दरअसल, वीडियो में एक शख्स कुरुक्षेत्र में गीता के उपदेश वाली जगह दिखा रहा है. और साथ में दावा कर रहा है कि वहां एक मज़ार बना दी गई है. शख्स एक हरी चादर से ढका ढांचा दिखाता है. (आर्काइव लिंक)

और भी यूज़र्स ये वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक)

2022 से वायरल

9 मई 2022 को सुदर्शन न्यूज़ ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए दावा किया था कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ‘लैंड जिहाद’ चल रहा है. इस वीडियो को करीब 7 हज़ार रिट्वीट मिले थे. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने ये वीडियो मंदिर के पास मज़ार बनाए जाने के दावे से ट्वीट किया था. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

ट्विटर हैन्डल ‘@Trishul_Achuk‘, सुदर्शन न्यूज़ से जुड़े पत्रकार जितेंद्र प्रताप सिंह (आर्काइव लिंक) और ट्विटर यूज़र ‘अखण्ड भारत संकल्प’ ने भी ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया.

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फ़ेसबुक से लेकर ट्विटर पर ये वीडियो इसी दावे के साथ वायरल था.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो में दिख रहा शख्स इस जगह का नाम ‘गीता उपदेश स्थल’ बताता है. सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मौजूद गीता उपदेश स्थल का ही है. गूगल पर मौजूद इस जगह की तस्वीरें, वायरल वीडियो से मेल खाती हैं. ये जगह ज्योतिसर कुरुक्षेत्र में है.

आगे, हमने ज्योतिसर थाना में संपर्क किया. वहां के थाना प्रभारी राम सनेही ने बताया कि वीडियो में बताई जगह पर कोई मज़ार नहीं है. उन्होंने कहा, “वीडियो में जिस जगह की बात की जा रही है वो ढांचा दरअसल, एक हिन्दू परिवार ने बनाया था जिसे भोरखा कहा जाता है. हरियाणा में भोरखा बनाने का रिवाज़ है. लोग पूर्वजों की याद में भोरखा बनाते हैं. उपदेश स्थल में आए प्रवासी ने इसे मज़ार समझ लिया और ये वीडियो बनाया गया.” उन्होंने कहा कि ये भोरखा सतपाल नाम के हिन्दू पंडित के पुरखों ने बताया था. इस वीडियो के वायरल होने के बाद सतपाल ने भोरखा को अपने खेत में स्थापित कर दिया.

ऑल्ट न्यूज़ ने सतपाल के बेटे विनोद शर्मा से भी बात की. उन्होंने बताया कि ये भोरखा उनके पूर्वजों ने बनाया था. किसी व्यक्ति ने इसपर हरी चादर डाल दी. और बाद में एक शख्स ने इसका वीडियो बनाकर इसे मज़ार बता दिया. उन्होंने कहा, “वीडियो के ग़लत तरीके से वायरल होने पर उनके परिवार की भावनाएं आहत हुई है. और इस विवाद को आगे न बढ़ाने के लिए हमने इस भोरखे को अपने खेत में स्थापित कर दिया.”

जागरण ने रिपोर्ट किया कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद ग्रीन अर्थ संगठन के सदस्य डॉ. नरेश भारद्वाज ने प्रशासन से मांग की कि ये वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ़ दुष्प्रचार करने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया जाए.

इस घटना के बाद ज्योतिसर में मौजूद एक प्राचीन पीर की मज़ार तोड़ दी गई. भास्कर ने रिपोर्ट किया कि गांव में मौजूद एक पीर की मज़ार को तोड़कर वहां भगवा झंडा लगाया गया. पुलिस ने इस मामले में केस भी दर्ज कर लिया है.

यानी, हरियाणा के गीता उपदेश स्थल पर मौजूद भोरखे (पूर्वजों के लिए बनाए गए ढांचे) को मज़ार समझकर सांप्रदायिक दावा किया गया. और बिना इस वीडियो की असलियत जाने सुदर्शन न्यूज़ ने इसे प्रसारित कर दिया.

ग़लत
दावा:
कुरुक्षेत्र के गीता उपदेश स्थल पर मज़ार बनाई गई

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