27 जून को तेलंगाना के निजामाबाद ज़िले के परकिट गांव स्थित भरत चंद्रा हाई स्कूल में उर्दू पढ़ाने को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. स्थानीय दक्षिणपंथी संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में घुसकर पुलिस की मौजूदगी में प्रिंसिपल को पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. बाद में कई लोगों ने इस घटना पर सवाल उठाए. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. इस घटना के विरोध में निज़ामाबाद के कई मुस्लिम संगठनों और शिक्षक संघ ने 29 जून को बंद का आह्वान किया था.
Bharatiya Janata Party leaders stormed Bharath Chandra School in Armoor, Nizamabad district, physically assaulting an Urdu teacher on the premises on Saturday, 27 June. The shocking incident unfolded in the presence of police officials.
Urdu teacher Amer, a resident… pic.twitter.com/Es3kWRUaJf
— South First (@TheSouthfirst) June 28, 2026
पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. पहली एफआईआर अरमूर के तहसीलदार पी. सत्यनारायण की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें हिंदी शिक्षिका हुमा हानिया, प्रिंसिपल अमीर खान और स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया को आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के सिलेबस में कोई विशेष भाषा शामिल करना और छात्रों को किसी विशेष तरीके से अभिवादन करने के लिए कहना सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है. वहीं, दूसरी एफआईआर स्कूल मैनेजमेंट की शिकायत पर स्थानीय भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई है. निज़ामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने बताया कि भाजपा के अरमूर नगर अध्यक्ष मन्डुला बालू और उनके सहयोगियों पर बीएनएस की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने साफ कहा है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने और स्कूल में घुसकर मारपीट करने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
इस विवाद की शुरुआत स्कूल में बच्चों को उर्दू भाषा सिखाए जाने के आरोपों से हुई. भरत चंद्रा हाई स्कूल मुख्य रूप से एक अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है, जहां हिंदी भाषा सिलेबस का हिस्सा है, लेकिन उसमें उर्दू शामिल नहीं हैं. आरोप है कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को हिंदी पढ़ाने वाली हुमा हानिया नाम की शिक्षिका ने हिंदी के बजाय बच्चों को उर्दू पढ़ना सीखा रहीं थीं. हिंदू छात्रों के अभिभावकों ने यह भी दावा किया कि बच्चों को स्कूल में ‘नमस्ते’ की जगह ‘आदाब’ कहने के लिए मजबूर किया जा रहा है. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में भी कई छात्रों ने बताया कि उन्हें हिंदी की क्लास में उर्दू पढ़ाई जा रही थी. इसके बाद अभिभावकों ने स्कूल मैनेजमेंट और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की. उनका कहना था कि जब स्कूल का सिलेबस अंग्रेजी और हिंदी पर आधारित है, तो छोटे बच्चों पर एक नई भाषा और संस्कृति क्यों थोपी जा रही है.
इस मामले पर स्कूल के प्रिंसिपल अमीर खान का पक्ष बिल्कुल अलग है. उन्होंने बताया कि मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों ने उनसे अनुरोध किया था कि उनके बच्चों को उर्दू पढ़ाई जाए. इस पर उन्होंने अभिभावकों से कहा था कि बीच सत्र में किसी नए विषय को नहीं जोड़ा जा सकता और वह अगले सत्र के लिए मैनेजमेंट से बात करेंगे. प्रिंसिपल के अनुसार, “इसके बाद स्कूल मैनेजमेंट ने खुद ही विषय तय किया और टीचर की नियुक्ति कर दी, जिसकी जानकारी मुझे भी नहीं थी.” मेरा काम सिर्फ टाइम टेबल बनाना है, जो मैंने मैनेजमेंट के कहने पर बनाया.”
स्कूल का मैनेजमेंट मुख्य रूप से हिंदू समुदाय के लोग ही चलाते हैं. उन्होंने अभिभावकों के अनुरोध को मानते हुए एक प्रयोग के तौर पर उर्दू की कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया था. अमीर खान ने बताया कि सत्र की शुरुआत में सिर्फ दो दिन ही उर्दू पढ़ाई गई थी. जैसे ही हिंदू अभिभावकों ने आपत्ति जताई, मैनेजमेंट ने तुरंत इन कक्षाओं को बंद कर दिया. प्रिंसिपल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद अंग्रेजी के शिक्षक हैं और उर्दू की क्लास उन्होंने नहीं, बल्कि दूसरी शिक्षिका ने ली थी. उनका आरोप है कि स्थानीय नेता उन्हें इस विवाद में जानबूझकर फंसा रहे हैं.
Several organisations have called for Nizamabad Bandh on Monday, June 29, following an assault on a school principal in Amroor on Saturday, June 27.
These organisations have urged the teachers union to support the call after the Principal Amer Khan was assaulted for teaching… pic.twitter.com/cGSdjyQWHg
— The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) June 28, 2026
इस मामले में स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के नेता मन्डुला बालू ने हस्तक्षेप करते हुए स्कूल मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा था कि स्कूल में सिर्फ उर्दू नहीं पढ़ाई जा रही थी, बल्कि हिंदू बच्चों को कलमा पढ़ना और नमाज़ अदा करना भी सिखाया जा रहा था. हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट के कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया ने भाजपा नेताओं के इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल में कोई भी धार्मिक ग्रंथ या प्रार्थना नहीं सिखाई जा रही थी, बच्चों को सिर्फ दो दिन के लिए उर्दू की वर्णमाला सिखाई गई थी. 27 जून की सुबह करीब 10 बजे मन्डुला बालू के नेतृत्व में 10 से 15 भाजपा कार्यकर्ता जबरन स्कूल में घुस गए. उस समय अभिभावकों की शिकायत की जांच करने के लिए कुछ पुलिस अधिकारी भी वहां मौजूद थे. भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही प्रिंसिपल अमीर खान के साथ गाली-गलौज की और उन्हें थप्पड़ मार दिया.
विवाद बढ़ने के बाद, निज़ामाबाद के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (राजस्व) और अरमूर के उप-कलेक्टर के आदेश पर स्कूल का निरीक्षण किया गया. इसमें राजस्व निरीक्षक और मंडल शिक्षा अधिकारी बट्टू राजेश्वर शामिल थे. मंडल शिक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया कि भरत चंद्रा हाई स्कूल पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है और उनके पास उर्दू पढ़ाने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं है. उन्होंने बताया कि बिना अनुमति के उर्दू पढ़ाना पहले की आंध्र प्रदेश सरकार के उस सरकारी आदेश का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया है कि निजी स्कूलों को केवल मान्यता प्राप्त सिलेबस ही पढ़ाना चाहिए. पुलिस का यह भी कहना है कि जब अभिभावकों ने उर्दू पढ़ाने पर आपत्ति जताई थी, तो स्कूल मैनेजमेंट ने विवाद से बचने के लिए कथित तौर पर बच्चों की कॉपियों से उर्दू के नोट्स वाले पन्ने फाड़ दिए थे.
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर काफ़ी आलोचना हुई. इसके बाद इस मामले को X पर पोस्ट करने वाले करीब 41 अकाउंट को तेलंगाना पुलिस ने पोस्ट हटाने का नोटिस भेजा. “लोक व्यवस्था को भंग करना, और सांप्रदायिक तनाव, अशांति एवं शांति भंग होने की गंभीर संभावना पैदा करना” इन सब का हवाला देकर पुलिस ने इस मुद्दे को उठाने वाले सभी अकाउंट्स को अपने पोस्ट हटाने के नोटिस भेजे.
I collect these notices like a hobby!
Latest is from Hyderabad police for posting on the Armoor issue where an Urdu teacher was slapped and abused by BJP leaders in the presence of a police officer for teaching Urdu.
The honourable Telangana Police sent a take down notice to… pic.twitter.com/LXOSedEBsF
— Revathi (@revathitweets) June 28, 2026
प्रिंसिपल अमीर खान ने पुलिस के रवैये पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने उन्हें उनके ही ऑफिस में नीचे बिठाए रखा, इसके बाद उन्हें और स्कूल के एक अन्य शिक्षक को अरमूर पुलिस स्टेशन में भी आठ से दस घंटे तक बैठाकर रखा गया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया था, उनके खिलाफ तुरंत कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि पीड़ितों को ही घंटों थाने में बिठाए रखा गया. घटना की वजह साफ करते हुए अमीर खान ने बताया, “स्कूल मैनेजमेंट उर्दू कक्षाओं के लिए एक अलग ब्लॉक बनाने की योजना बना रहा था, लेकिन नई शिक्षिका को इसकी जानकारी नहीं थी और उसने सभी बच्चों की एक साथ क्लास ले ली. इसी वजह से यह सारी गलतफहमी पैदा हुई और विवाद इतना बड़ा हो गया.”
निज़ामाबाद पुलिस ने 29 जून को अमीर खान के साथ मारपीट के आरोप में भाजपा के आर्मूर नगर अध्यक्ष मन्डुला बालू को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, उन्हें अंकपूर के एक गेस्ट हाउस से पकड़ा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रॉपर्टी अमरूर से भाजपा विधायक पैडी राकेश रेड्डी की है.
@BJP4Telangana #Armoor Town President #MandulaBalu was arrested by #Nizamabad police on Monday in connection with the alleged assault on a #privateschool principal over a dispute involving the teaching of #Urdu .#Police said Balu was taken into custody from a #guesthouse in… pic.twitter.com/Cnk2ofeO5s
— NewsMeter (@NewsMeter_In) June 29, 2026





