दुनिया भर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के साथ-साथ सोशल मीडिया में इससे जुड़ी हुई सलाहें शेयर हो रही हैं. शेयर की गई ऐसी ही एक सलाह में साबुन के प्रयोग के बारे में बताया गया है.

दावा

कुछ लोग साबुन के असर और इसकी वायरस को ख़त्वाम करने की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं. उनका सवाल है कि क्या साबुन से कोरोना वायरस खत्म हो सकता है?

shehla

जवाब

हां

फ़ैक्ट-चेक

WHO ने हाल ही में कोरोना वायरस के चलते हाथ धोने के बारे में कुछ बातें बताईं थीं. जिसके अनुसार साबुन और पानी से कोरोना वायरस ख़त्म किया जा सकता है. नीचे दी गई तस्वीर देखें. COVID-19 वायरस का ऊपरी लेयर फ़ैट से बना होता है. इसे तस्वीर में ग्रे रंग का देखा जा सकता है. और ये सबसे कमज़ोर लेयर है जो पूरे स्ट्रक्चर को बांधे रखता है. इस ऊपरी लेयर में प्रोटीन भी होता है जो जेनेटिक मटीरियल को अंदर से पकड़ कर रखता है. सिर्फ़ पानी इस फ़ैटी लेयर को नहीं तोड़ सकता है.

CDC से ली हुई तस्वीर

अब साबुन पर आते हैं. आम साबुन एक एम्फ़िफ़ाइल (amphiphile) है. यानी इसमें पानी और फैट, दोनों को खींचने के गुण होते हैं. इस वजह से ये फैटी लेयर से चिपक जाते हैं और फिर इस लेयर को ये तोड़ देते हैं. इससे वायरस का पूरा स्ट्रक्चर टूट जाता है और वायरस ख़त्म हो जाता है.

अगर सही ढंग से इस्तेमाल हो तो इस काम के लिए आम साबुन काफ़ी है. साबुन में ऐन्टी-बैक्टीरियल पदार्थ जैसे कि डेटोल डालने से ज़्यादा कुछ फ़र्क नहीं पड़ता है. हां, इससे माइक्रोब्स से लड़ने की ताक़त बढ़ जाती है.

ज़्यादातर एंटी-बैक्टीरियल लिक्विड्स या साबुन बैक्टीरिया के ख़िलाफ़ टेस्ट किया जाता है, वायरस के ख़िलाफ़ नहीं. साबुन के अलावा, शुद्ध अल्कोहल का भारी कंसंट्रेशन (80-95%) भी स्किन या किसी भी सतह से वायरस का खात्मा कर सकता है.

निष्कर्ष

साधारण साबुन और पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करने से वायरस से बचा जा सकता है. किसी खास साबुन, सेनिटाइज़र या एंटी बैक्टीरियल एजेंट की ज़रूरत नहीं है.

सत्य
दावा:
आम साबुन से कोरोना वायरस को खत्म नहीं किया जा सकता

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से सटीक है और इसमें कोई प्रासंगिक संदर्भ नहीं छूटा है.

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